अंतरराष्ट्रीय
भारत में सोनी चैनलों पर इंग्लैंड-विंडीज टेस्ट सीरीज का सीधा प्रसारण
कोरोना वायरस के कारण 120 दिनों के लंबे अंतराल के बाद वेस्टइंडीज के इंग्लैंड टूर के साथ लाइव क्रिकेट की वापसी हो रही है। ऐसे में दर्शकों को 8 जुलाई से दोपहर 3:30 बजे से सोनी सिक्स के चैनलों पर यह सीरीज लाइव एवं एक्सक्लूसिव देखने को मिलेगी। पहला टेस्ट द रोज बाउल (साउथैम्प्टन) में खेला जाएगा और दूसरा एवं तीसरा टेस्ट ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में 16 जुलाई एवं 24 जुलाई तक होगा।
फैंस में क्रिकेट का बुखार लाइव क्रिकेट की वापसी के साथ आसमान पर पहुंच जायेगा, जब वेस्ट इंडीज और इंगलैंड के बीच विस्डन ट्रॉफी के लिए कड़ी टक्कर होगी। वेस्टइंडीज की नजर विदेशी धरती पर विस्डन ट्रॉफी पर बचाने पर होगी और इस पूरी सीरीज में नये नियमों के कारण क्रिकेट के इतिहास में कई प्रमुख बदलाव देखने को मिलेंगे। स्टैंड खाली पड़े रहेंगे और गेंद को चमकाने के लिए थूक का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध होगा।
टेस्ट सीरीज के बिल्ड-अप के तौर पर, स्पोर्ट्स नेटवर्क ने नासिर हुसैन, माइकल एथरटन और इयान बिशप जैसे महान क्रिकेट खिलाड़ियों की मेजबानी की है। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तान जो रूट ने भी नेटवर्क के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर सोनी टेन पिट स्टॉप पर आगामी सीरीज, नए नॉर्मल आदि के साथ लाइव क्रिकेट दोबारा शुरू होने के बारे में बात की।
यह बहु-प्रतीक्षित सीरीज निश्चित रूप से विज्ञापनकर्ताओं के लिए फायदेमंद होगी और इसने माइ11सर्कल, स्कोडा, आइटीसी डियोडरेंट्स को को-प्रजेंटिंग स्पॉन्सर्स, बायजूस दफा न्यूज, भारती एयरटेल, कार्स 24, इंफिनिटी रिटेल (क्रोमा) और पॉलिसी बाजार को एसोसिएट स्पॉन्सर्सके तौर पर आकर्षित किया है। इसके अलावा, मारुति सुजूकी एवं मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) ने सीरीज पर स्पॉट की खरीदी कर ली है।
भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत अधिक है, और इस खेल के प्रति लोगों का प्यार सभी सीमाओं को तोड़ देता है और देश के फैंस दो देशों के बीच इस रोमांचक प्रतियोगिता के दौरान अपने पसंदीदा क्रिकेटर्स की हौसला अफजाई करेंगे। सीरीज में दोनों टीमों के कुछ सबसे बेहतरीन इंटरनेशनल क्रिकेटर्स भी ऐक्शन में नजर आयेंगे। इंग्लैंड जो रूट, जॉस बटलर और बेन स्टोक्स जैसे खिलाड़ियों से प्रेरणा प्राप्त करेगा, वहीं वेस्टइंडीज की टीम अपने वरिष्ठ खिलाड़ियों जैसे जैसन होल्डर, रोस्टन चेज और केमर रोच आदि से प्रोत्साहन प्राप्त करेगी।
सोनी पिक्चर्स नेटवकर्स इंडिया के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (डिस्ट्रिब्यूशन एवं हेड-स्पोर्ट्स बिजनेस) राजेश कौल ने कहा, “दुनिया में 120 से ज्यादा दिनों से काई लाइव क्रिकेट नहीं हुआ है, हमारे दर्शक लाइव क्रिकेट की वापसी का आनंद उठा सकते हैं जोकि इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के वेस्टइंडीज टूर के साथ विशेषरूप से सोनी पिक्चर्स स्पोर्ट्स नेटवर्क पर आने वाला है। भारतीयों को क्रिकेट की कभी खत्म न होने वाली भूख है औ देश भर के फैंस को क्रिकेट की दुनिया में जो रूट,बेन स्ट्रोक्स, जैसन होल्डर आदि जैसे टॉप टैलेंट को ऐक्शन में देखने का मौका मिलेगा। हमें आगामी इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज टूर के लिए विज्ञापनकर्ताओ का शानदार रिस्पांस मिला है। माइ11 सर्कल, स्कोडा, आइटीसी डियोडरेंट्स को-प्रजेंटिंग स्पॉन्सर्स हैं। बायजूस, दफा न्यूज, भारती एयरटेल, कार्स24, इंफिनिटी रिटेल (क्रोमा), और पॉलिसी बाजार एसोसिएट स्पॉन्सर्स के तौर पर जुड़े हैं और मारुति सुजूकी एवं मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) सीरीज पर स्पॉट की खरीदारी कर ली है।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
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