Connect with us
Friday,02-October-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

कराची विमान हादसा मानवीय त्रुटि के कारण हुआ था : रिपोर्ट

Published

on

karachi

पाकिस्तान के कराची में 22 मई को पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के यात्री विमान के हादसे की वजह मानवीय त्रुटि थी। प्राथमिक जांच रिपोर्ट में पता चला है कि दुर्घटना किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी की वजह से नहीं, बल्कि विमान के कॉकपिट चालक दल और हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) की लापरवाही की वजह से हुई थी। पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक में एविएशन डिवीजन को सौंपी गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जाहिर तौर पर विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी।

कुल आठ चालक दल के सदस्यों सहित 99 लोगों को लेकर जा रहा पीआईए का विमान पीके8303, कराची हवाई अड्डे के पास एक घनी आबादी वाले क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह दुर्घटना तब घटी, जब विमान उतरने का दूसरा प्रयास कर रहा था।

दुर्घटना में कुल 99 में से 97 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा आवासीय क्षेत्रों को भी काफी नुकसान पहुंचा था।

घटना के एक दिन बाद नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) ने अपने विमान दुर्घटना एवं जांच बोर्ड (एएआईबी) के अध्यक्ष एयर कमोडोर उस्मान गनी के नेतृत्व में एक जांच दल का गठन किया था।

टीम को 22 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था।

एयर कमोडोर गनी ने सोमवार को विमानन विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट और एटीसी के अधिकारी प्राथमिक रूप से दुर्घटना के लिए जिम्मेदार हैं।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सीएए कर्मचारी, कॉकपिट में बैठे चालक दल के सदस्य, विमान नियंत्रण टॉवर और एटीसी ने लगातार कई गलतियां की। रिपोर्ट में कहा गया कि ब्लैक बॉक्स में अभी तक तकनीकी खामी के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया कि जब पायलट ने पहली बार विमान उतारने की कोशिश की तब ऊंचाई और गति दोनों मानक से अधिक थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि पहली बार विमान जब उतरने की कोशिश कर रहा था, तब इसके 9,000 मीटर लंबी हवाई पट्टी के मध्य में भूमि को स्पर्श किया। वहीं हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष ने अधिक गति और ऊंचाई होने के बावजूद विमान को उतरने की अनुमति दी।

यही नहीं, पायलट ने भी लैंडिंग गियर के जाम होने की सूचना नियंत्रण टावर को नहीं दी। पायलट द्वारा विमान को दोबारा उतारने की कोशिश भी गलत फैसला था। रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार विमान उतारने की कोशिश नाकाम होने के बाद 17 मिनट तक वह हवा में उड़ता रहा, यह बहुत अहम समय था, जब विमान के दोनों इंजन ने काम करना बंद कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, विमान का इंजन 12 घंटे तक हवाई पट्टी पर रहा, लेकिन कर्मचारियों ने उसे नहीं हटाया और बाद में अन्य विमानों को भी वहां पर उतरने की अनुमति दे दी, जो मानक परिचालन प्रक्रिया का उल्लंघन है।

अखबार ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि हवाई यातायात नियंत्रण के कार्य में लगे कर्मचारियों को घटना के बाद छुट्टी दे देनी चाहिए लेकिन वे शाम सात बजे तक काम करते रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान का पहला इंजन 25 फरवरी, 2019 को लगाया गया था, जबकि इसका दूसरा इंजन 27 मई, 2019 को लगाया गया था।

नागरिक उड्डयन मंत्री गुलाम सरवर खान ने सोमवार को नेशनल असेंबली को बताया कि विमान हादसे की अंतरिम रिपोर्ट बुधवार को नेशनल असेंबली में पेश की जाएगी।

उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने रिपोर्ट प्राप्त कर ली है और इसे प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ भी साझा किया है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ट्रंप का दावा: ईरान के साथ युद्ध ‘बहुत जल्द’ होगा खत्म, इसके बाद तेजी से गिरेंगी तेल की कीमतें

Published

on

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध ‘बहुत जल्द’ खत्म हो जाएगा। उन्होंने अनुमान जताया कि संघर्ष खत्म होते ही तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान सैन्य और आर्थिक रूप से काफी कमजोर हो चुका है।

टेक्सास पहुंचने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए और बाद में डेंटन में पीटरबिल्ट मोटर्स की एक फैक्ट्री के दौरे के दौरान ट्रंप ने कहा कि अब ईरान के सामने यह फैसला करने का समय है कि संघर्ष किस तरह खत्म होगा।

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “ईरान का मामला बहुत जल्द किसी न किसी तरह खत्म होने वाला है। या तो वह खुद कहेगा कि देखिए, वहां 301 प्रतिशत महंगाई है। उनके पास पैसा नहीं है, उनकी करेंसी नहीं है। उनकी सेना हार चुकी है, उनकी नौसेना खत्म हो गई है, वायुसेना खत्म हो गई है, सब कुछ खत्म हो गया है।”

उन्होंने कहा, “किसी न किसी तरह यह बहुत जल्द खत्म होने वाला है। और जब यह खत्म होगा, तो तेल की कीमतें चट्टान की तरह तेजी से नीचे गिरेंगी।”

ट्रंप ने कहा कि कीमतों में राहत देने के लिए अमेरिका किसी यूरोपीय देश के पास मौजूद डीजल के स्टॉक को जारी कराने पर विचार कर सकता है। हालांकि, उन्होंने उस देश का नाम नहीं बताया।

ट्रंप ने कहा, “हां, हम ऐसा कर सकते हैं। उनके पास कुछ डीजल है, लेकिन कीमतें नीचे आ रही हैं। सभी कीमतें नीचे आ रही हैं।”

उन्होंने कहा, “एक चीज यह है कि तेल की कीमत थोड़ी ज्यादा है, लेकिन यह बाइडेन के समय के मुकाबले काफी कम है। और हमने वह काम किया जो बाइडेन ने नहीं किया।”

पीटरबिल्ट की फैक्ट्री में अपने बाद के संबोधन में भी ट्रंप ने कई बार ईरान और ऊर्जा की कीमतों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि संघर्ष और होर्मुज स्‍ट्रेट के आसपास ईरानी पाबंदियों के बावजूद अमेरिका ने तेल की आवाजाही जारी रखने में मदद की है।

ट्रंप ने कहा, “यह बहुत जल्द खत्म होगा, किसी न किसी तरह इसे खत्म होना ही है। या तो वे कोई सही और समझदारी वाला कदम उठाएंगे या वे ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे।”

उन्होंने कहा, “तो किसी न किसी तरह यह खत्म होने वाला है। और जब यह खत्म होगा तो तेल की कीमत बहुत तेजी से नीचे जाएगी। इस बीच तेल की कीमतें पहले ही काफी नीचे आ चुकी हैं।”

ट्रंप से ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड से जुड़ी एक कथित नाकाम आतंकी साजिश में ईरान की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर ट्रंप ने कहा कि वह ईरान की भूमिका की पुष्टि नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, “मैं इसकी पुष्टि के साथ नहीं कह सकता, लेकिन ऐसा ही लग रहा है।”

टेक्सास दौरे के दौरान ट्रंप ने ईरान पर अपनी टिप्पणियों के साथ अमेरिकी अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को अर्थव्यवस्था की स्थिति के लिए जितना श्रेय मिलना चाहिए, उतना नहीं मिल रहा है।

ट्रंप ने कहा, “हमारे आंकड़े शानदार हैं। हम मैनेजमेंट के मामले में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।” उन्होंने शेयर बाजार, रिटायरमेंट खातों और नई फैक्ट्रियों में हो रहे निवेश का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को अपने आर्थिक रिकॉर्ड के बारे में लोगों तक अपनी बात ज्यादा बेहतर तरीके से पहुंचाने की जरूरत है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

भारत के दो नगीने नीरजा और स्मित: जान पर खेलकर इंसानियत को जिंदा रखा, अपने-पराए का भेद मिटाया

Published

on

नई दिल्ली । हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ता विमान जब अचानक संकट में घिरता है तो दिमाग काम करना बंद कर देता है। यात्रियों के पास सोचने के लिए बहुत कम समय होता है। ऐसे वक्त में विमान के पायलट और चालक दल का एक फैसला सैकड़ों जिंदगियों का भविष्य तय कर सकता है। स्मित मच्छार और नीरजा भनोट दो ऐसे ही नाम हैं जिन्होंने जान पर खेलकर दुनिया को इंसानियत का पाठ पढ़ाया। ये नहीं देखा कि लोग अपने हैं या पराए! याद रखा तो सिर्फ कर्तव्य और मानव सेवा का मर्म। 1986 की नीरजा भनोट के शौर्य से लेकर 2026 में कैप्टन स्मित मच्छार की जांबाजी तक, दो पीढ़ियों के ये दो नाम भारत के इकबाल में चार चांद लगाते हैं।

शुरुआत भनोट से! 5 सितंबर 1986 को पैन एम की फ्लाइट 73 कराची एयरपोर्ट पर आतंकवादियों ने हाईजैक कर ली थी। विमान में सैकड़ों यात्री सवार थे और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी। उस समय विमान की वरिष्ठ फ्लाइट पर्सर नीरजा भनोट ने असाधारण साहस का उदाहरण पेश किया।

कॉकपिट क्रू के विमान से निकल जाने के बाद यात्रियों की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी नीरजा और उनके सहयोगियों पर आ गई थी। नीरजा ने आतंकवादियों की मांग के अनुसार यात्रियों के पासपोर्ट इकट्ठा किए, लेकिन अमेरिकी नागरिकों की पहचान छिपाने के लिए कई पासपोर्ट अलग कर दिए। जब हालात बिगड़े और विमान के अंदर गोलीबारी शुरू हुई तो उन्होंने यात्रियों को आपातकालीन निकास की ओर जाने में मदद की।

इस दौरान नीरजा ने बच्चों और दूसरे यात्रियों को बचाने की कोशिश की। वह खुद आतंकवादियों की गोली का शिकार हुईं और उनकी मौत हो गई। भारत सरकार ने उनके साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया। अपने-पराए का भेद मिटा अदम्य साहस दिखाने वाली नीरजा को पाकिस्तान ने भी सम्मानित किया। उन्हें मरणोपरांत ‘तमगा-ए-इंसानियत’ से नवाजा गया।

समय बदला, जमाना बदला लेकिन अगर कुछ नहीं मिला तो भारतीयों के हर परिस्थिति में कुछ कर गुजरने का जज्बा। करीब चार दशक बाद विमानन जगत में एक और ऐसी घटना घटी, जिसमें एक भारतीय पायलट ने जान पर खेलकर 174 लोगों की जिंदगियां बचाने में अहम योगदान दिया।

भारत के सीने पर 30 सितंबर 2026 का दिन खुरच कर लिख दिया गया है। इसी दिन फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान के दौरान कॉकपिट में एक गंभीर हिंसक वारदात हुई। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर साथी पायलट ने कथित तौर पर चाकू से हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने विमान और उसमें सवार यात्रियों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी नहीं भूली।

बाद में यात्रियों की मदद से बड़ा विमान हादसा टाल दिया गया। घटना के बाद विमान का रुख बदला गया और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। स्मित को अस्पताल ले जाया गया और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई।

नीरजा और स्मित की घटनाओं में करीब 40 साल का अंतर है। परिस्थितियां भी बिल्कुल अलग थीं। नीरजा के सामने हथियारबंद अपहरणकर्ता थे, जबकि स्मित का दुश्मन उनका साथी पायलट ही था। लेकिन दोनों घटनाओं में एक बात समान रही: ‘संकट की घड़ी में दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना और अपना कर्तव्य।’

नीरजा की कहानी बलिदान की कहानी बन गई। वह यात्रियों को बचाते हुए खुद अपनी जिंदगी हार गईं। स्मित की कहानी में भी खतरा उतना ही वास्तविक था, लेकिन वह विमान को सुरक्षित उतारने और यात्रियों की जान बचाने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंच सके।इन घटनाओं की खासियत यह भी है कि इनमें बहादुरी किसी युद्धक्षेत्र में नहीं दिखाई गई। एक विमान के भीतर, सीमित जगह और संकटकाल में लिए गए त्वरित निर्णयों ने इन भारतीयों को यादगार बना दिया।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

इजरायली फ्लाइट सऊदी एयरपोर्ट पर हुई लैंड, हाईजैकिंग की आशंका से तेल अवीव का इनकार

Published

on

इजरायल ने बुधवार को 150 से ज्यादा यात्रियो को लेकर दुबई से तेल अवीव आ रही फ्लाइट के सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड होने का ऐलान किया। इससे पहले आशंका जताई गई थी कि प्लेन को हाइजैक कर लिया गया है।

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के हवाले से द टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया कि पायलटों के बीच हुई बहस के परिणामस्वरूप विमान को “गैर-कानूनी दखल” और एक सामान्य इमरजेंसी सिग्नल जारी करना पड़ा था। सेना का कहना है कि आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने इस घटना पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

इन अधिकारियों में इजरायली वायु सेना के प्रमुख मेजर जनरल ओमर टिशलर, ऑपरेशन्स डायरेक्टरेट के प्रमुख मेजर जनरल इत्जिक कोहेन और इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट के प्रमुख मेजर जनरल श्लोमी बाइंडर शामिल थे। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाइट ने उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही इमरजेंसी का सिग्नल दिया था। विमान ने ट्रांसपोंडर पर 7700 कोड इस्तेमाल किया। इसका मतलब होता है कि विमान में किसी तरह की इमरजेंसी है।

कुछ फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइटों पर थोड़ी देर के लिए 7500 कोड भी नजर आया। आमतौर पर यह कोड विमान के हाइजैक होने पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस कोड के इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, फ्लाईदुबई की फ्लाइट ने शुरू में 7700 का “स्क्वॉक कोड” भेजा, जो एक इंटरनेशनल इमरजेंसी सिग्नल है।

इसके कुछ समय बाद, उसने 7500 कोड भेजा, जिसका मतलब हाईजैकिंग या गैर-कानूनी दखल होता है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इजरायली वायु सेना ने तुरंत फाइटर जेट्स को प्लेन की ओर भेजा था।

इजरायल का एयरस्पेस भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था, और बाद में सऊदी अरब में विमान के उतरने के बाद उसे फिर से खोल दिया गया।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति7 hours ago

अखिलेश को निशाद-दानिश की नसीहत, विपक्षी एकता से पहले जमीनी हकीकत देखें

व्यापार7 hours ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

खेल7 hours ago

एशियन गेम्स 2026: नीरू ढांडा होंगी क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ध्वजवाहक, 2 गोल्ड समेत जीते कुल तीन मेडल

व्यापार7 hours ago

बड़ी आईटी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं मिड-साइज आईटी कंपनियां, चुनौतियों के बावजूद मजबूत संभावनाएं: रिपोर्ट

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में बढ़ा केंद्र का सहयोग, ग्रामीण आजीविका को मिल रही नई मजबूती: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

मनोरंजन8 hours ago

नुसरत भरूचा के बाली एक्सीडेंट पर आया आधिकारिक बयान, टीम ने बताया- रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर

मनोरंजन8 hours ago

‘दृश्यम 3: द कंक्लूजन’ : पब्लिक को पसंद आई फिल्म, कॉमेडियन सुनील पाल भी पहुंचे देखने, अक्षय खन्ना को किया मिस

राष्ट्रीय समाचार9 hours ago

भारत और फ्रांस ने व्यापार और निवेश सहयोग को नई गति देने को लेकर की चर्चा, एफटीए से लेकर यूपीआई तक पर हुई अहम बातचीत

खेल9 hours ago

एशियन गेम्स 2026: सुजीत कलकल ने गोल्ड मेडल पर लगाया दांव, यादगार वापसी कर जीता फाइनल मुकाबला

राजनीति9 hours ago

इंदौर जल संकट: गायब दस्तावेजों और प्रशासनिक देरी को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

राजनीति3 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

अपराध4 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल4 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन4 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

मनोरंजन3 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राजनीति4 weeks ago

दिल्ली में इमारत गिरने का मामला: मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी

मनोरंजन4 weeks ago

‘मिर्जापुर: द मूवी’ रिलीज पर इमोशनल हुए अली फजल, टीम और फैंस का जताया आभार

रुझान