राजनीति
बिहार : मनोज तिवारी ने सुशांत सिंह मौत मामले की सीबीआई जांच की मांग की
पटना के रहने वाले और दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के परिजनों से मिलने सोमवार को अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी उनके पटना स्थित आवास पहुंचे। इस दौरान तिवारी ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी तथा सुशांत की मौत मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की। अभिनेता और भाजपा नेता मनोज तिवारी पटना स्थित सुशांत सिंह के आवास पर गए और उनके पिता और उनके परिजनों से मुलाकात की। सुशांत की मौत पर मनोज तिवारी ने कहा कि एक होनहार अभिनेता की मौत से पूरी फिल्मी दुनिया स्तब्ध है। उनकी मौत पर कई सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों में कहीं न कहीं हम सभी सत्यता पा रहे हैं।
तिवारी ने बलीवुड के ‘सच’ का खुलासा करते हुए कहा, “छोटे शहर वाला व्यक्ति बॉलीवुड में पहचान बनाता है। उसपर कई सारे संकट हैं। हमने सब उन समस्याओं को झेला है। सुशांत के साथ क्या हुआ, उस स्थिति में पहुंचाने वाले लोग कौन थे, इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटना किसी के साथ ना हो।”
उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार को इसके लिए पहल करनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में कथित रूप से सुशांत ने अपने गले में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुशांत की मौत को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय समाचार
उत्तराखंड चुनाव 2027: पिछली बार अल्मोड़ा की छह में से कांग्रेस ने जीतीं दो सीटें, बाकी पर भाजपा का कब्जा

2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों की ओर से भी कमर कसी जा रही है। अल्मोड़ा जिले की विधानसभा सीटों की स्थिति का आकलन करने के लिए पिछले चुनाव परिणामों पर गौर करना होगा। अल्मोड़ा में विधानसभा की छह सीटें द्वाराहाट, सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर (सुरक्षित), अल्मोड़ा और जागेश्वर हैं। आइए जानते हैं कि पिछली बार यहां के चुनावी नतीजे क्या थे?
द्वाराहाट: पिछली बार इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बेहद ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार ने बाजी मार ली थी। कांग्रेस के मदन सिंह बिष्ट ने भाजपा के अनिल शाही को रोमांचक मुकाबले में सिर्फ 182 वोटों से हराया था। मदन सिंह बिष्ट को 17,766 वोट मिले थे। वहीं, भाजपा के अनिल शाही को 17,584 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर रहे उत्तराखंड क्रांति दल के उम्मीदवार पुष्पेश त्रिपाठी को 9,804 वोट मिले थे।
सल्ट: इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। 2022 में भाजपा उम्मीदवार महेश सिंह जीना ने कांग्रेस के रणजीत सिंह रावत को 3,688 वोटों से हराया था। भाजपा के महेश सिंह जीना को 22,393 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार रणजीत सिंह रावत को 18,705 वोट मिले थे। इस सीट पर तीसरे नंबर पर रहे उत्तराखंड क्रांति दल के राकेश नाथ को सिर्फ 1,292 वोट मिले थे।
रानीखेत: यहां के मतदाता एक बार भाजपा तो एक बार कांग्रेस के उम्मीदवार को जीत दिलाते रहे हैं। 2022 के चुनाव में यहां भाजपा की जीत हुई थी। भाजपा उम्मीदवार प्रमोद नैणवाल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता करण महारा को 2,584 वोटों के अंतर से हराया था। प्रमोद नैणवाल को 21,047 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के करण महारा को 18,463 वोट मिले थे। इस सीट पर तीसरे नंबर पर रहे आम आदमी पार्टी के नंदन सिंह बिष्ट को सिर्फ 656 वोट मिले थे।
सोमेश्वर (सुरक्षित): पिछली बार यहां से भाजपा की प्रत्याशी रेखा आर्य की जीत हुई थी। उन्होंने कांग्रेस के राजेंद्र बरकोटी को 5,293 वोटों के अंतर से हराया था। रेखा आर्य को 26,161 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे राजेंद्र बरकोटी को 20,868 वोट मिले थे। सोमेश्वर सीट को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। राज्य बनने के बाद हुए चुनावों में यहां ज्यादातर बार भाजपा का ही कब्जा रहा है। कैबिनेट मंत्री होने की वजह से रेखा आर्या की स्थिति यहां मजबूत मानी जाती है।
अल्मोड़ा: 2022 में इस सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। दिलचस्प मुकाबले में कांग्रेस के मनोज तिवारी ने भाजपा उम्मीदवार कैलाश शर्मा को सिर्फ 127 वोटों के अंतर से हराया था। मनोज तिवारी को 24,439 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के कैलाश शर्मा को 24,312 वोट मिले थे। इस सीट पर मुख्य मुकाबला हमेशा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच सीधा रहा है।
जागेश्वर: पिछली बार इस सीट को भाजपा ने कांग्रेस से छीना था। भाजपा के मोहन सिंह मेहरा ने कांग्रेस उम्मीदवार गोविंद सिंह कुंजवाल को 5,883 वोटों के अंतर से हराया था। मोहन सिंह मेहरा को 27,530 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार गोविंद सिंह कुंजवाल को 21,647 मत मिले थे। तीसरे नंबर पर रहे उत्तराखंड क्रांति दल के मनीष सिंह नेगी को 936 वोट मिले थे।
राष्ट्रीय समाचार
भारत और यूरोपीय संघ ने एफटीए के तहत बाजार पहुंच और व्यापार सुगमता बढ़ाने पर की चर्चा

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने व्यापक आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत व्यापार और निवेश संबंधों को विस्तार देने, बाजार पहुंच बेहतर बनाने, सप्लाई चेन की मजबूती बढ़ाने और व्यापार सुगमता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने ब्रुसेल्स में व्यापार और आर्थिक सुरक्षा महानिदेशालय (डीजी ट्रेड) की महानिदेशक डिटे जूल जोर्गेनसन, अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी महानिदेशालय (डीजी आईएनटीपीए) के महानिदेशक कोएन डोएन्स, और कराधान एवं सीमा शुल्क संघ महानिदेशालय (डीजी टीएएक्सयूडी) के महानिदेशक गेरासिमोस थॉमस के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, ये बैठकें व्यापार, निवेश, विकास सहयोग, कराधान और सीमा शुल्क जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत-यूरोपीय संघ सहयोग के बढ़ते दायरे को दर्शाती हैं और दोनों पक्षों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
डिटे जूल जोर्गेनसन के साथ हुई बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने, बाजार पहुंच बढ़ाने, सप्लाई चेन को अधिक लचीला बनाने और व्यवसायों के लिए नए अवसर सृजित करने पर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने एक निष्पक्ष, संतुलित और परस्पर लाभकारी समझौते की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई तथा शेष प्रक्रियागत और क्रियान्वयन संबंधी मुद्दों पर करीबी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
कोएन डोएन्स के साथ बातचीत में भारत-यूरोपीय संघ विकास सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। वार्ता के दौरान सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
वहीं जेरासिमोस थॉमस के साथ बैठक का मुख्य फोकस सीमा शुल्क सहयोग, व्यापार सुविधा और भारत-ईयू एफटीए के क्रियान्वयन की तैयारियों पर रहा। दोनों पक्षों ने माना कि पारदर्शी, कुशल और डिजिटल रूप से सक्षम सीमा शुल्क प्रक्रियाएं व्यापार लागत कम करने, कारोबार को आसान बनाने और वैध व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
ब्रुसेल्स दौरे के दौरान राजेश अग्रवाल ने एंटवर्प के हीरा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों और अन्य उद्योग हितधारकों से भी मुलाकात की। चर्चाओं में वैश्विक डायमंड वैल्यू चेन, प्रमाणन और ट्रेसेबिलिटी मानकों, जिम्मेदार सोर्सिंग तथा भारत के बढ़ते हीरा बाजार और विनिर्माण क्षमता से उभर रहे अवसरों पर विचार किया गया।
भारत और बेल्जियम ने रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र माना है। एंटवर्प, मुंबई और सूरत को वैश्विक हीरा व्यापार और प्रसंस्करण के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में मान्यता प्राप्त है।
वाणिज्य सचिव ने बिजनेसयूरोप द्वारा आयोजित एक राउंडटेबल बैठक में भी भाग लिया, जिसमें यूरोपीय उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, सुधारों की गति और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला तथा यूरोपीय कंपनियों को भारत की विस्तारित वैल्यू चेन और विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
राजनीति
पुदुक्कोट्टई में 14,000 लाभार्थियों को 100 करोड़ की सहायता राशि वितरित करेंगे सीएम विजय

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सोमवार को पुडुकोट्टई जिले के दौरे के दौरान 14,000 लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी कल्याणकारी सहायता राशि वितरित करेंगे। इस दौरान वे पूरी हो चुकी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और नए विकास कार्यों की शुरुआत भी करेंगे।
मुख्यमंत्री विजय 8 करोड़ रुपए की लागत से बने एक बहुउद्देशीय इनडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम का उद्घाटन करेंगे, साथ ही अन्य पूरी हो चुकी परियोजनाओं को जनता को सौंपेंगे और नए कार्यों की शुरुआत करेंगे। मुख्य कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने इस दौरे के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और सुरक्षा के लिए 4,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। कार्यक्रम पूरे करने के बाद मुख्यमंत्री विजय सड़क मार्ग से तिरुचिरापल्ली लौटेंगे और वहां से चेन्नई के लिए उड़ान भरेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पांच खाली विधानसभा सीटों पर जल्द ही उपचुनावों की घोषणा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विजय इन सीटों वाले जिलों का दौरा करने की योजना बना रहे हैं, जिससे पुडुकोट्टई का यह कार्यक्रम कल्याणकारी और विकास कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक महत्व भी रखता है।
हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही है।
इसके बाद विरालिमलाई, करूर, अंबासमुद्रम, पेरुंदुरई, मदुरंतकम और धारापुरम का प्रतिनिधित्व करने वाले एआईएडीएमके विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और टीवीके में शामिल हो गए, जिससे ये सभी छह निर्वाचन क्षेत्र खाली हो गए।
बाद में मदुरंतकम और धारापुरम में उपचुनाव हुए, जिनमें टीवीके ने दोनों सीटों पर जीत हासिल की। अभी विरालिमलाई, करूर, अंबासमुद्रम और पेरुंदुरई सीट खाली हैं।
तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट भी खाली है, क्योंकि विजय ने यहां से भी विधानसभा चुनाव में जीता था और बाद में छोड़ दिया था, इसलिए इन पांच निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव होने की उम्मीद है।
विरालिमलाई पुदुकोट्टई जिले के अंतर्गत आता है, इसलिए सोमवार का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब वहां होने वाले संभावित चुनावी मुकाबले पर सबकी नजरें टिकी हैं।
हालांकि, इस आधिकारिक कार्यक्रम का मुख्य फोकस कल्याणकारी योजनाओं के वितरण और बुनियादी ढांचे पर है। इस दौरे के दौरान पूरी हो चुकी प्रमुख सुविधाओं में से एक बस स्टैंड और एक इनडोर स्टेडियम को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड1 month agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
