खेल
न्यू एनबीए जी लीग टीम के मुख्य कोच बने ब्रायन शॉ
पांच बार के एनबीए चैंपियन और करीब 30 वर्षों का अनुभव रखने वाले ब्रायन शॉ को न्यू एनबीए जी लीग टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। 2020-21 सीजन में शॉ के मार्गदर्शन में जो नई टीमें पदार्पण करेंगी, उनमें साइगनस जेलन ग्रीन, इसायाह टॉड, डायशेन निक्स और काई सोटो शामिल हैं।
ये टीमें अपने पेशेवर करियर की शुरूआत करने जा रही है। टीम किसी भी मौजूदा एनबीए जी लीग फ्रेंचाइजी या एनबीए टीम से असंबद्ध रहेगी।
एनबीए जी लीग के अध्यक्ष शरीफ अब्दुर रहीम ने कहा, “एनबीए खिलाड़ी और एक कोच के रूप में ब्रायन का अनुभव और सफलता उन्हें नई एनबीए जी लीग टीम का नेतृत्व करने के लिए पहली स्वाभाविक पसंद बनाती है।”
शॉ ने कहा, “न्यू एनबीए जी लीग का मुख्य कोच चुने जाने को लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं। मेरे करियर के लिए यह एक अलग और नई चुनौती है और मैं इसके लिए तैयार हूं।”
एनबीए जी लीग से जुड़ने से पहले शॉ 2013 से 15 सीजन तक डेनवर नगेटस के लिए अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वह 2011 और 2013 सीजन में इंडियाना पेसर्स का मुख्य कोच रह चुके हैं।
वहीं, 2016 से 2019 तक वह लॉस एंजेलिस लेकर्स के भी कोच रह चुके हैं। एक एनबीए खिलाड़ी के रूप में शॉ का 14 साल का करियर काफी सफल रहा है।
खेल
मेगन शट के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि, यह मुकाम हासिल करने वाली बनीं तीसरी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज

ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज मेगन शट के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई है। शुक्रवार को ब्रिस्बेन के एलन बॉर्डर फील्ड पर बांग्लादेश महिला टीम के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में शट ने वनडे क्रिकेट में 150 विकेट पूरे किए।
शट इस खास मुकाम तक पहुंचने वाली सिर्फ तीसरी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन गई हैं। वह इस लिस्ट में दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पेरी (166 विकेट) और पूर्व तेज गेंदबाज कैथरीन फिट्जपैट्रिक (180 विकेट) के साथ शामिल हो गई हैं। बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के पहले वनडे में उतरते समय, 33 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए दो विकेट की जरूरत थी। उन्होंने सीरीज की पहली ही गेंद पर फरगाना हक का विकेट लिया और फिर तीसरे ओवर में शर्मिन सुल्ताना का विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया के पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने के बाद उन्होंने पहली ही गेंद पर हक को पवेलियन भेजा। उन्होंने बांग्लादेशी ओपनर को एक ऐसी गेंद पर आउट किया जो ‘बैक-ऑफ-ए-लेंथ’ से अंदर की ओर आई और बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में फील्डिंग कर रहीं लिचफील्ड के हाथों में समां गई।
शट ने तीसरे ओवर में यह खास उपलब्धि हासिल की। उन्होंने शर्मिन सुल्ताना को फुल लेंथ की गेंद डाली, जो अंदर की तरफ स्विंग हुई। बल्लेबाज ने फ्लिक शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले को छूने के बजाय सीधे उनके पैड पर लगी। इसके बाद अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया।
शट इस फॉर्मेट में 150 विकेट लेने वाली कुल मिलाकर 12वीं खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में भारत की दिग्गज और पूर्व तेज गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी सबसे आगे हैं, जिनके नाम 255 विकेट हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से फिट्जपैट्रिक 180 विकेट के साथ सबसे आगे हैं, जबकि पेरी 166 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश की पूरी टीम 49.4 ओवर में 166 रन बनाकर ऑलआउट हुई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से गेंदबाजी में एनाबेल सदरलैंड ने चार विकेट लिए, जबकि एशले गार्डनर, उप-कप्तान ताहलिया मैकग्राथ और जॉर्जिया वेयरहैम ने भी एक-एक विकेट चटकाया। ऑस्ट्रेलिया ने 167 रनों के लक्ष्य को 25.4 ओवर में सिर्फ 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। बल्लेबाजी में फोएबे लिचफील्ड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 57 गेंदों में 77 रनों की दमदार पारी खेली।
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मनजीत सिंह: एशियन गेम्स में रोइंग में देश के लिए जीता सिल्वर मेडल

भारतीय नौकायन में मनजीत सिंह का नाम काफी प्रतिष्ठित है। मनजीत ने 2008 के बीजिंग और 2012 के लंदन ओलंपिक में पुरुषों की लाइटवेट डबल स्कल्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी टीम के अन्य साथी देवेंद्र खंडवाल और संदीप कुमार थे।
मनजीत सिंह का जन्म 10 अक्टूबर 1988 को हुआ था। नौकायन (रोइंग) में मनजीत की रुचि शुरुआत से ही रही। नौकायन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसकी लोकप्रियता फिलहाल भारत में धीरे-धीरे बढ़ रही है। ऐसे में खेल की इस विधा में करियर बनाने का मनजीत का फैसला बेहद साहसिक था। उन्होंने 17 साल की उम्र में रोइंग शुरू की थी। उन्होंने इस्माइल बेग और बजरंग लाल से कोचिंग ली। यह उनकी कड़ी मेहनत और लगन का ही नतीजा था कि उन्होंने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि पदक भी जीता। वह 75 किग्रा में प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं।
जूनियर नेशनल्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद, वह हैदराबाद में एक कैंप में एशियन जूनियर चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे थे, जब उन्हें नेशनल कॉल-अप मिला।
मनजीत सिंह अपने करियर की सबसे बड़ी प्रेरणा अपने कोच इस्माइल बेग को मानते हैं। ग्वांग्झू में 2010 में आयोजित एशियन गेम्स में उन्होंने दो अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में देश के लिए पदक जीता था। अगस्त 2020 में मनजीत सिंह को स्पोर्ट्स में लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए प्रतिष्ठित ध्यानचंद अवॉर्ड मिला।
ध्यानचंद अवॉर्ड के बाद उन्होंने कहा था, “यह अवॉर्ड मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह मेरे लिए लाइफटाइम अचीवमेंट है। इस अवॉर्ड के साथ एक अचीवमेंट का एहसास होता है, जिसका मैं छह साल से इंतजार कर रहा था।”
मनजीत फिलहाल नौकायन में आने वाली नई प्रतिभाओं को प्रशिक्षित कर देश के लिए पदक लाने का जज्बा भरते हैं।
खेल
प्रमोद भगत, भाविना पटेल आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स के लिए फ्लैग बियरर बनाए गए

पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और भाविना पटेल 18 अक्टूबर को जापान के नागोया में होने वाले आइची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में फ्लैग बियरर के तौर पर भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे।
भारत के सबसे मशहूर पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक प्रमोद ने 2014 से 2023 के बीच छह एशियन पैरा गेम्स मेडल जीते हैं, जिनमें दो गोल्ड और चार ब्रॉन्ज शामिल हैं।
भारत की टॉप पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों में से एक भाविना ने 2018 से 2023 के बीच दो एशियन पैरा गेम्स मेडल जीते हैं, जिनमें एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल है।
भाविना ने कहा, “भारत का झंडा उठाने वाला चुना जाना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। जब आप तिरंगा उठाते हैं, तो आपको एहसास होता है कि आप खुद से कहीं बड़ी किसी चीज को रिप्रेजेंट कर रहे हैं। मैं प्रमोद के साथ ओपनिंग सेरेमनी में जाने और हमारे दल को लीड करने के लिए उत्साहित हूं। मुझे उम्मीद है कि हमारे सभी एथलीट कॉन्फिडेंस के साथ मुकाबला करेंगे, इस पल का आनंद लेंगे और भारत के लिए अपना बेस्ट देंगे।”
दोनों ने मिलकर आठ एशियन पैरा गेम्स मेडल जीते हैं, और अब वे भारतीय दल की अगुवाई में तिरंगा लेकर चलेंगे, क्योंकि देश 18 से 24 अक्टूबर, 2026 तक होने वाले 5वें एशियन पैरा गेम्स में अपना कैंपेन शुरू कर रहा है।
भगत और पटेल का चयन खास महत्व रखता है। दोनों एथलीट पैरा स्पोर्ट में भारत की तरक्की में सबसे आगे रहे हैं, एक पीढ़ी को प्रेरित करते हुए लगातार सबसे बड़े इंटरनेशनल स्टेज पर अच्छा प्रदर्शन किया है। दल के हेड के तौर पर उनकी मौजूदगी इस बात की निशानी होगी।
पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट, देवेंद्र झाझरिया ने कहा, “ओपनिंग सेरेमनी में प्रमोद भगत और भाविना पटेल का भारतीय दल को लीड करना हमारे लिए बहुत गर्व की बात है। दोनों ही चैंपियन हैं जिन्होंने भारतीय पैरा स्पोर्ट की ग्रोथ में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उनका सफर, उपलब्धियां और हिम्मत उन्हें भारतीय दल का सही प्रतिनिधि बनाते हैं। मुझे यकीन है कि वे इस जरूरी कैंपेन को शुरू करते समय हमारे एथलीट्स को प्रेरित करेंगे।”
पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया गुरुवार को एक सेंड-ऑफ सेरेमनी में भारतीय दल को आधिकारिक तौर पर विदा करेगी। इस सेरेमनी में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। वहीं, केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे गेस्ट ऑफ ऑनर होंगी।
आइची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स पूरे कॉन्टिनेंट के पैरा-एथलीटों को एक साथ लाएंगे, जिसमें भारत बड़े इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में अपनी बढ़ती सफलता को आगे बढ़ाना चाहेगा।
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