मनोरंजन
कोविड-19 के बाद अंतरंग दृश्यों में बदलाव आएगा : मंदाना करीमी
मॉडल से अभिनेत्री बनीं मंदाना करीमी का कहना है कि कोविड-19 के बाद सोशल डिस्टेंसिंग की बात को ध्यान में रखते हुए अंतरंग ²श्यों को फिल्माने के तौर-तरीके में बदलाव आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी फिल्मों में ऐसा सदियों से होता रहा है। मंदाना आगामी वेब सीरीज ‘द कसीनो’ में मुख्या किरदार निभा रही हैं।
मंदाना ने आईएएनएस को बताया, “मुझे लगता है कि कोविड-19 के बाद पर्दे पर अंतरंग ²श्यों के प्रक्षेपण और इन्हें फिल्माने के तौर-तरीकों में बदलाव आएगा। हम सभी नए नियमों से अवगत हैं और यह जान चुके हैं कि किस तरह से सोशल डिस्टेंसिंग हमारी सभ्यता का हिस्सा बन गया है। यह भी सच है कि अगर हम आश्वस्त हो भी जाए कि अब हम सुरक्षित हैं, यह हमारे दिमाग पर काफी लंबे समय तक बना रहेगा।”
वह आगे कहती हैं, “मैं एक ईरानी हूं, मैंने बहुत सी ईरानी फिल्में देखी हैं, जहां किसी रिश्ते में अंतरंगता बिना शारीरिक प्रदर्शन के होता है। एक कलाकार, एक कहानीकार के तौर पर हम हमेशा किसी कहानी को बताने के तरीकों को तलाशते हैं, उन चीजों को दिखाते हैं, जिन्हें दिखाना पसंद करते हैं, तो मुझे लगता है कि आने वाले समय में हम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अंतरंग ²श्यों को दिखाने के नए तरीकों को ढूंढ़ निकालेंगे। इस संदर्भ में हम ईरानी फिल्मों से मदद ले सकते हैं।”
‘द कसीनो’ एक अमीर लेकिन विनम्र लड़के की कहानी है, जो अपने पिता के मल्टी-बिलियन डॉलर के कसीनो का वारिस है। इसमें कई रहस्यमयी चीजों और हाई-क्लास सोसायटी के साजिश का खुलासा होता है।
शो में करणवीर बोहरा, सुधांशु पांडे, मंदाना करीमी, ऐन्द्रिता रे, धनवीर सिंह जैसे कलाकार हैं।
हार्दिक गज्जर द्वारा निर्देशित इस शो को 12 जून से जी5 पर प्रसारित किया जाएगा।
मनोरंजन
अनुपम खेर को ओहायो में मिला खास सम्मान, बोले-‘घर से इतनी दूर सम्मानित होना बेहद भावुक करने वाला’

दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने हिंदी सिनेमा में चार दशक से ज्यादा का सफर तय किया है और इस दौरान पर्दे के साथ-साथ रंगमंच पर भी अपनी खास पहचान बनाई है। उनके इसी लंबे सफर को अब अमेरिका के ओहायो राज्य में खास सम्मान मिला है। अनुपम खेर को ओहायो की ओर से स्पेशल प्रोक्लेमेशन देकर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके लंबे फिल्मी सफर के साथ-साथ उनके लाइव स्टेज परफॉर्मेंस ‘जाने पहचाने अनजाने’ के लिए भी दिया गया है।
कोलंबस में हुए इस लाइव शो के दौरान मिले सम्मान की तस्वीर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर शेयर की और इसे अपने लिए गर्व से भरा पल बताया।
अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर स्पेशल प्रोक्लेमेशन के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की। इसके साथ उन्होंने ओहायो के गवर्नर माइक डिवाइन और लेफ्टिनेंट गवर्नर जिम ट्रेसल का आभार जताया। उन्होंने लिखा, ”चार दशक से ज्यादा लंबे अपने फिल्मी सफर और ‘जाने पहचाने अनजाने’ के लाइव स्टेज परफॉर्मेंस के लिए इस तरह का सम्मान मिलना मेरे लिए बेहद खास है। ओहायो राज्य से यह स्पेशल प्रोक्लेमेशन मिलना असाधारण अनुभव रहा।”
उन्होंने लिखा, ”मैं इस सम्मान को गर्व और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। इसके लिए ओहायो के गवर्नर माइक डिवाइन और लेफ्टिनेंट गवर्नर जिम ट्रेसल का धन्यवाद। इस सम्मान का श्रेय भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को जाता है। इसी इंडस्ट्री ने मुझे पहचान दी है। इसके साथ ही, ‘जाने पहचाने अनजाने’ की पूरी टीम और कलाकारों का भी धन्यवाद, जिनकी मेहनत और जुनून की वजह से हर लाइव परफॉर्मेंस खास बनती है।”
अनुपम ने कहा, ”अपने देश से इतनी दूर इस तरह स्वागत और सम्मान मिलना मेरे लिए बेहद भावुक पल है। ओहायो का शुक्रिया, मैं इस सम्मान को लंबे समय तक याद रखूंगा। जय हिंद।”
अनुपम खेर के फिल्मी सफर की बात करें तो उन्होंने 1984 में महेश भट्ट की फिल्म ‘सारांश’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद वह ‘कर्मा’, ‘तेजाब’, ‘चालबाज’, ‘विजय’, ‘राम लखन’, ‘डैडी’, ‘सौदागर’, ‘दिल’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘दुल्हन हम ले जाएंगे’ और ‘स्पेशल 26’ जैसी फिल्मों में नजर आए।
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जब किशोर कुमार के गानों को एक साल के लिए ऑल इंडिया रेडियो से बैन कर दिया गया था

क्या आप जानते हैं कि मशहूर गायक किशोर कुमार को एक साल के लिए ऑल इंडिया रेडियो पर बैन कर दिया गया था? जब इंदिरा गांधी की सरकार ने 1975-1977 के दौरान इमरजेंसी लगाई थी, तब किशोर कुमार के गानों को सरकारी ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) और दूरदर्शन पर प्रसारित करने से रोक दिया गया था।
किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार से एक्टर और कॉमेडियन कपिल शर्मा ने उनके शो पर इस बारे में पूछा था। असल में क्या हुआ था, यह बताते हुए अमित कुमार ने कहा, “जब 1975 में इमरजेंसी लगी थी, तब किशोर कुमार एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर टॉप पर थे। उन्हें दिल्ली से एक कॉल आया। मिनिस्ट्री से किसी ने फोन किया और मेरे पिता ने फोन उठाया।”
उस व्यक्ति ने कहा, “किशोर साहब, हम आपका टिकट भेज रहे हैं। आप कल शाम की फ्लाइट से आ जाइए। परसों आपका एक शो है।”
हालांकि, किशोर कुमार ने उनसे कहा कि वे बात करने के लिए अपना कोई प्रतिनिधि भेजें। उन्होंने कहा, “तभी मैं आ पाऊंगा, वरना नहीं। अगर भगवान भी आकर मुझसे कहें, तो भी मैं नहीं आ पाऊंगा।”
मशहूर गायक के इस जवाब से अधिकारी बहुत नाराज हो गए और उन्होंने उन पर बैन लगाने की धमकी दी। अपनी बात पर कायम रहते हुए उस फोन कॉल के दो घंटे के अंदर ही किशोर कुमार पर बैन लगा दिया गया।
हालांकि, बैन के बावजूद किशोर कुमार की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा। लगभग एक साल बाद जब इमरजेंसी हटाई गई, तो उनके गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर फिर से बजने लगे। संगीत प्रेमी आज भी उनके गानों को बहुत पसंद करते हैं, जो उनके दिलों में एक खास जगह रखते हैं।
किशोर कुमार को गायन का पहला मौका संगीत निर्देशक खेमचंद प्रकाश से मिला, जिन्होंने उन्हें फिल्म ‘जिद्दी (1948)’ के लिए ‘मरने की दुआएं क्यों मांगू’ गाने का मौका दिया। उन्होंने ‘एक लड़की भीगी भागी सी’, ‘मेरे सपनों की रानी’, ‘ये शाम मस्तानी’, ‘ओ मेरे दिल के चैन’, ‘हमें तुमसे प्यार कितना’, ‘पल पल दिल के पास’ और ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना’ जैसे कई मशहूर गाने गाए।
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हर समय परफेक्ट दिखने का दबाव? ‘मिर्जापुर’ एक्ट्रेस हर्षिता गौर ने बताया कैसे करती हैं डील

‘मिर्जापुर’ फेम एक्ट्रेस हर्षिता गौर ने बताया कि वह हर समय परफेक्ट दिखने के लगातार दबाव से कैसे निपटती हैं। आईएएनएस से खास बातचीत में हर्षिता ने कहा कि यह पूरी तरह से व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह दबाव लेना चाहता है या अपनी असलियत में सहज रहना चाहता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में, दर्शक अलग-अलग तरह के शरीर और स्किन टाइप को स्वीकार करने लगे हैं, बशर्ते वे उस किरदार के अनुकूल हों जिसे वे निभा रहे हैं।
हर्षिता ने कहा कि एक एक्टर के तौर पर अगर रोल की मांग हो तो उन्हें अपने लुक के साथ एक्सपेरिमेंट करने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह इंडस्ट्री में होने का एक मजेदार हिस्सा है।
उनसे पूछा गया, “शोबिज में अच्छा दिखने और कैमरे के लिए तैयार रहने का दबाव बहुत ज्यादा होता है। आपके लिए लुक कितना मायने रखता है और आप अपने लुक के साथ एक्सपेरिमेंट करने में किस हद तक सहज हैं?”
हर्षिता ने आईएएनएस को बताया, “मैं एक्सपेरिमेंट करने के लिए तैयार रहती हूं, खासकर अगर किरदार की मांग हो। यह मजेदार है। हम इसी फील्ड में इसलिए हैं क्योंकि हमें एक्सपेरिमेंट करने का मौका मिलता है। वरना, हम यहां नहीं होते।”
हमेशा कैमरे के लिए तैयार रहने के दबाव से निपटने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “दबाव तो होता है, लेकिन आप या तो उस दबाव को ले सकते हैं या नहीं। मुझे लगता है कि यह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है।”
हर्षिता ने कहा, “एक दौर वह भी था जब न तो सोशल मीडिया का ऐसा दौर था और न ही लोग अपनी शारीरिक बनावट को लेकर इतने सचेत थे, लेकिन उस समय भी लोगों पर सामाजिक अपेक्षाओं का दबाव कम नहीं था।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कई शो हैं जिनमें जाने-माने एक्टर मेकअप भी नहीं करते, क्योंकि किरदार की यही मांग होती है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर का उदाहरण देते हुए हर्षिता ने कहा, “करीना कपूर ने एक फिल्म की थी जिसमें उन्होंने मेकअप नहीं किया था। मुझे लगता है कि जब किरदार की मांग होती है, तो लोग खुद को वैसा ही दिखाने में ज्यादा सहज हो गए हैं जैसे वे असल में हैं।”
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