राजनीति
बंगाल में महिलाओं के लिए 5700 करोड़, सरकार बनने पर घुसपैठियों को बाहर करेंगे: अमित शाह
कोलकाता, 2 मार्च : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, सरकारी कर्मचारियों के हितों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का व्यापक खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास और सुशासन के लिए ठोस और पारदर्शी कदम उठाए जाएंगे।
गृह मंत्री ने घोषणा की कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 5,700 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया जाएगा। इस राशि का उपयोग महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने वाली योजनाओं पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल की माताओं और बहनों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। साथ ही, राज्य में 26,000 शिक्षकों से जुड़े विवादित मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही आवश्यक वित्तीय प्रावधान भी किए जाएंगे, ताकि योग्य शिक्षकों के साथ न्याय हो सके और शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो।
सरकारी कर्मचारियों को राहत देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि उन्हें 7वें वेतन आयोग का लाभ प्रदान किया जाएगा। इससे लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी रिक्त सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया 26 दिसंबर तक शुरू कर दी जाएगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। इसके अलावा, बंगाल के युवाओं को सरकारी नौकरियों की भर्ती में 5 वर्ष की विशेष आयु-छूट देने की घोषणा की गई है।
अमित शाह ने कहा कि भ्रष्ट तत्वों को दिया गया राजनीतिक संरक्षण पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों और परिवारों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे उन्हें किसी का भी संरक्षण प्राप्त हो। राज्य में बाहरी माफियाओं के प्रभाव को खत्म करने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने का संकल्प दोहराते हुए गृह मंत्री ने कहा कि संगठित अपराध पर कठोर प्रहार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें राज्य से बाहर करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
टीएमसी से सवाल करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि राज्य में साइंस और टेक्नोलॉजी के माध्यम से हमारे बंगाली युवाओं को रोजगार देना आपका एजेंडा है या मदरसों को बढ़ाना है? हाल ही में बंगाल का बजट विधानसभा में पास हुआ। साइंस और टेक्नोलॉजी के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिर्फ 80 करोड़ रुपए दिए, जबकि मदरसों को 5,700 करोड़ रुपए मिले। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि आपका एजेंडा क्या है? क्या आपकी प्राथमिकता राज्य के युवाओं को रोज़गार के मौके देना है या मदरसों की संख्या बढ़ाना है?
उन्होंने कहा कि ये तुष्टिकरण बंगाल का विकास नहीं कर सकता। अगर पिछले 15 साल को देखें, तो आज बंगाल 8 लाख करोड़ रुपए के ऋण में डूबा हुआ है। नए बच्चे के जन्म लेते ही 77 हजार रुपये का ऋण उसके ऊपर आ जाता है। भ्रष्टाचार तो इन्होंने इतना बढ़ा दिया कि बंगाल का नाम आते ही देश में सबसे पहले टीएमसी की भ्रष्टाचारी सरकार का नाम आता है। शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, गाय तस्करी घोटाला, PDS राशन घोटाला, मनरेगा घोटाला और पीएम आवास योजना घोटाला यहां हुआ और इन सभी घोटालों को संरक्षण देने वाले डीजीपी को ममता बनर्जी राज्यसभा में भेज रही हैं।
अमित शाह ने आगे कहा कि बंगाल की सरकार के सभी कर्मचारियों ने 15 साल तक ममता बनर्जी की सरकार की बहुत मदद की। मगर जिन्होंने 15 साल मदद की, उन कर्मचारियों के साथ ममता बनर्जी ने क्या किया? देश भर की सरकारों के कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग मिल चुका है, लेकिन सिर्फ बंगाल के कर्मचारियों को ही छठे वेतन आयोग की तनख्वाह मिलती है। अब तो आठवां वेतन आयोग बनने वाला है। मैं आज कहकर जाता हूं कि एकबार भाजपा सरकार बना दो, 45 दिन में ही हम सातवें वेतन आयोग की तनख्वाह देने का काम करेंगे।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के बजट में माइनॉरिटीज़ को नज़रअंदाज़ किया गया: मनोज जमसटकर

मुंबई: मुंबई शिवसेना लीडर और विधायक मनोज जमसटकर ने महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव असेंबली में बजट पर कमेंट करते हुए इसे कॉन्ट्रैक्टर्स का बजट बताया और कहा कि जिस तरह से बजट में बड़े प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है। उससे शक होता है कि यह बजट आम जनता के बजाय कॉन्ट्रैक्टर्स का बजट है। किसानों की लोन माफी पर भी शक बना हुआ है। हालांकि 2 लाख रुपये की लोन माफी का ऐलान किया गया है, लेकिन इसके लागू होने पर अभी भी शक है। क्या राज्य सरकार की लागू की गई स्कीम्स का फायदा किसानों को मिलेगा? उन्होंने कहा कि बजट में माइनॉरिटीज़ को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है। उनके लिए कोई नई स्कीम नहीं लाई गई है। बजट में नंदुरबार के किसानों की दिक्कतों का कोई ज़िक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि तेज़ी से डेवलप हो रहे महाराष्ट्र में बड़ा बजट मंज़ूर किया गया है, लेकिन हेल्थ समेत दूसरे पब्लिक इशूज़ पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है, इसलिए इस पर खास ध्यान देने की ज़रूरत है। जमसटकर ने यह भी मांग की है कि माइनॉरिटीज़ को बजट में हिस्सा दिया जाए।
महाराष्ट्र
धर्मांतरण विरोधी और धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक को राज्य विधानमंडल की संयुक्त चयन समिति को भेजा जाना चाहिए और विधेयक पर जन सुनवाई होनी चाहिए: रईस शेख

मुंबई: राज्य सरकार के शुक्रवार को विधानसभा में एंटी-कनवर्जन रिलीजियस फ्रीडम बिल 2026 पेश करने के एक दिन बाद, भिवंडी ईस्ट से समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने मांग की। कि बिल को रिव्यू के लिए राज्य विधानसभा की जॉइंट सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि एक पब्लिक हियरिंग होनी चाहिए ताकि बिल के खिलाफ ऑब्जेक्शन उठाए जा सकें, जो फंडामेंटल राइट्स का वायलेशन है।
इस मुद्दे पर बोलते हुए, विधायक रईस शेख ने कहा कि आम आदमी को अभी गैस नहीं मिल रही है, होटल बंद हो रहे हैं, और कई लोगों की नौकरियां चली गई हैं। इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय, विधानसभा फ्रीडम ऑफ रिलीजियस बिल जैसे बिलों पर चर्चा कर रही है, जिससे समाज में बंटवारा होगा। विधायक रईस शेख ने कहा, “मौजूदा कानून पहले से ही ज़बरदस्ती धर्म बदलने से जुड़े हैं, और यह बिल माइनॉरिटी कम्युनिटी को टारगेट करने के लिए लाया गया है।” विधायक रईस शेख ने आगे कहा कि बिल बिना चर्चा के पास नहीं होना चाहिए और इस पर डिटेल में चर्चा की ज़रूरत है। इसलिए, बिल को राज्य विधानसभा की एक जॉइंट सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाना चाहिए जिसमें दोनों सदनों के सदस्य हों। कमेटी में माइनॉरिटी कम्युनिटी के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि बिल पास होने से पहले पूरी चर्चा ज़रूरी है। यह कहते हुए कि विधानसभा में माइनॉरिटी का रिप्रेजेंटेशन काफ़ी नहीं है, विधायक रईस शेख ने कहा कि सिविल सोसाइटी ग्रुप और माइनॉरिटी ऑर्गनाइज़ेशन को बिल पर अपने विचार रखने की इजाज़त दी जानी चाहिए। इसके लिए, एक पब्लिक हियरिंग होनी चाहिए। विधायक रईस शेख ने कहा कि सरकार को एक पब्लिक नोटिस जारी करके ऑब्जेक्शन और सुझाव मंगाने चाहिए और उन पर हियरिंग करनी चाहिए, उन्होंने कहा कि वह इस बारे में सोमवार को लेजिस्लेटिव असेंबली के स्पीकर को एक लेटर लिखेंगे। कुल 35 सिविल और माइनॉरिटी ऑर्गनाइज़ेशन ने बिल का विरोध किया है। एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ ने बिल की आलोचना करते हुए कहा कि यह प्राइवेसी, धर्म की आज़ादी और फंडामेंटल राइट्स का उल्लंघन करता है। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ ने कहा कि धार्मिक आज़ादी का अधिकार इसमें धर्म बदलने का अधिकार भी शामिल है। बिल का ड्राफ्ट बनाने के लिए पिछले साल पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी। प्रस्तावित कानून के अनुसार, धर्म बदलने से पहले 60 दिन का नोटिस देना ज़रूरी होगा, इस दौरान आपत्ति जताई जा सकती है और पुलिस जांच भी की जा सकती है। धर्म बदलने के मकसद से की गई शादियों को गैर-कानूनी माना जाएगा। बिल में गैर-कानूनी धर्म बदलने में शामिल संस्थाओं या लोगों के लिए सात साल की जेल और 5 लाख रुपये के जुर्माने का प्रस्ताव है।
राजनीति
प्रधानमंत्री देश की जनता को लेकर चिंतित, तेल-गैस की नहीं होगी किल्लतः संजय सरावगी

पटना, 14 मार्च : बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने ईरान द्वारा संघर्ष के बीच दो भारतीय एलपीजी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने और राज्यसभा चुनाव के लिए हुई बैठक पर टिप्पणी की।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि आम लोगों को गैस या तेल की कमी का सामना न करना पड़े। युद्ध शुरू होने के लगभग 15 दिन बाद भी प्रधानमंत्री देश की जनता के बारे में चिंतित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपदा को अवसर में बदलना चाहते हैं, इसलिए देशवासियों को दिक्कत नहीं होगी।”
इसके पहले 13 मार्च को संजय सरावगी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी बातचीत की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत आने वाले तेल और अन्य जरूरी सामान से भरे जहाजों की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे। विपक्ष जिस तरह से लोगों के बीच पैनिक पैदा करने की कोशिश कर रहा है, वह सही नहीं है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरी कदम उठा रहा है। पिछले 5–6 दिनों में घरेलू गैस सिलेंडरों की मांग में बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन प्रशासन इस स्थिति को भी संभाल रहा है और लगातार कार्रवाई कर रहा है। देश में गैस की कोई कमी नहीं है और आम लोगों को एलपीजी की सुविधा मिलती रहेगी।”
राज्यसभा चुनाव को लेकर संजय सरावगी ने कहा, “कांग्रेस को अपने ही सदस्यों पर भरोसा नहीं है। एनडीए देश में सत्ता में है और विभिन्न दलों के विधायक एनडीए में शामिल होना और उसका समर्थन करना चाहते हैं।”
सड़क पर होली और नमाज के सवाल पर सरावगी ने कहा, “होली में लोग रंग-गुलाल खेलते हैं, इससे सड़क नहीं बंद होती है, जबकि सड़क पर नमाज अदा करने से मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। इस्लाम धर्म में ये कहीं भी यह जिक्र नहीं है कि सड़क जाम कर धर्म की इबादत करें।
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