राष्ट्रीय समाचार
रेल यात्रियों को दी जा रही 47 प्रतिशत यात्रा सब्सिडी : अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 18 मार्च। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि रेलवे की ओर से यात्रियों को ज्यादा सब्सिडी दी जाती है। ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत 1.38 रुपये है, वहीं यात्रियों से केवल 73 पैसे लिए जा रहे हैं। इसका मतलब हुआ कि रेलवे यात्रियों को 47 प्रतिशत सब्सिडी दे रहा है।
राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे न केवल यात्रियों को किफायती किराये पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत में पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में रेलवे का किराया कम है, जबकि पश्चिमी देशों में यह भारत की तुलना में 10 से 20 गुना अधिक है।
वित्त वर्ष 2022-23 में यात्रियों को 57,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई, जो 2023-24 में बढ़कर लगभग 60,000 करोड़ रुपये (अनंतिम आंकड़ा) हो गई।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य न्यूनतम किराये पर सुरक्षित और बेहतर सेवाएं प्रदान करना है।”
रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के लाभों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यात्रियों और माल परिवहन की बढ़ती संख्या के बावजूद ऊर्जा लागत स्थिर बनी हुई है।
भारतीय रेलवे 2025 तक ‘स्कोप 1 नेट जीरो’ और 2030 तक ‘स्कोप 2 नेट जीरो’ हासिल करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि बिहार के मधेपुरा कारखाने में निर्मित इंजनों का निर्यात जल्द ही शुरू होगा।
वर्तमान में, भारतीय रेलवे के यात्री कोच मोजाम्बिक, बांग्लादेश और श्रीलंका को निर्यात किए जा रहे हैं, जबकि इंजन मोजाम्बिक, सेनेगल, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश भेजे जा रहे हैं।
इसके अलावा, बोगी अंडरफ्रेम का निर्यात ब्रिटेन, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को किया जा रहा है, जबकि प्रोपल्शन पार्ट्स फ्रांस, मैक्सिको, जर्मनी, स्पेन, रोमानिया और इटली को भेजे जा रहे हैं।
इस साल देश में 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ है, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से भी ज्यादा है। इसके साथ ही बेड़े में दो लाख नए वैगन शामिल किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारतीय रेलवे 1.6 अरब टन माल का परिवहन करेगा, जिससे भारत चीन और अमेरिका सहित दुनिया के टॉप तीन देशों में शामिल हो जाएगा।
यह रेलवे की बढ़ती क्षमता और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने आश्वासन दिया कि भविष्य में रेलवे पहले से ज्यादा आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन तंत्र के रूप में उभरेगा।
अपराध
2.65 लाख रुपये की भारतीय नकली करेंसी के साथ दो आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने नकली करेंसी सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पहाड़गंज थाना पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते 2.65 लाख की नकली करेंसी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दिनेश कुमार झा (36) और सतीश कुमार (20) के रूप में हुई। उन्हें पहाड़गंज के नीलम गेस्ट हाउस में छापेमारी के दौरान पकड़ा गया। इनके पास से 2,65,100 रुपये की नकली भारतीय करेंसी बरामद की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे नकली करेंसी बेचने के लिए दिल्ली आए थे और ग्राहकों की तलाश कर रहे थे। उनकी योजना 1 लाख रुपये की नकली करेंसी को 25,000 से 30,000 रुपये की असली करेंसी के बदले बेचने की थी। हालांकि, पकड़े जाने से पहले कोई ग्राहक तय नहीं हो पाया था।
इनमें से एक आरोपी पहले भी नकली करेंसी से जुड़े एक मामले में शामिल रहा है, जो 2023 में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में दर्ज किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि उन्हें यह नकली करेंसी ‘एस’ नाम के एक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी।
पुलिस ने बताया कि कथित सप्लायर की पहचान करने, नकली मुद्रा के स्रोत का पता लगाने और इसकी आपूर्ति व प्रचलन में शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच चल रही है। इस मामले में दोनों आरोपियों की मेडिकल जांच कराई गई है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर के थाना नॉलेज पार्क की पुलिस ने जाली भारतीय करेंसी के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200-200 रुपये के कुल 920 जाली नोट बरामद किए, जिनकी कुल अंकित कीमत 1 लाख 84 हजार रुपये थी।
पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को थाना नॉलेज पार्क की टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ग्राम कोंडली पुस्ता के पास से अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शांतनु सिंह और वैभव शुक्ला को गिरफ्तार किया था।
राजनीति
उत्तराखंड चुनाव 2027 : 2022 में पौड़ी गढ़वाल की सभी सीटों पर भाजपा ने जमाया था कब्जा

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। राजनीतिक दलों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिए हैं। ऐसे में पौड़ी गढ़वाल जिले पर इस बार भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य दलों की नजर होगी। 2022 में जिले की सभी छह सीटों, यमकेश्वर, पौड़ी (सुरक्षित), श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन और कोटद्वार, पर भाजपा का कब्जा था।
यमकेश्वर विधानसभा सीट पर 2002 से भाजपा का कब्जा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रेणु बिष्ट ने 10,410 वोटों से कांग्रेस प्रत्याशी शैलेन्द्र सिंह रावत को शिकस्त दी थी। रेणु बिष्ट को 28,390, शैलेन्द्र सिंह रावत को 17,980 और उत्तराखंड क्रांति दल उम्मीदवार शांति प्रसाद भट्ट को 613 वोट मिले थे। इस सीट पर 52.99 फीसदी मतदान हुआ था।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पौड़ी विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार राजकुमारी पोरी भाजपा से विधायक हैं। 2022 चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राजकुमारी पोरी ने कांग्रेस उम्मीदवार नवल किशोर को 5,738 वोटों से हराया था। राजकुमारी पोरी को 25,865, नवल किशोर को 20,127 और आप उम्मीदवार मनोहर लाल को 736 वोट मिले थे। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 49,174 लोगों (51.44 फीसदी) ने मतदान किया था।
श्रीनगर विधानसभा सीट पर वर्तमान में भाजपा का कब्जा है और धन सिंह रावत दूसरी बार विधायक हैं। धन सिंह रावत ने विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस उम्मीदवार गणेश गोदियाल को मामूली अंतर यानी 587 वोटों से हराया था। धन सिंह रावत को 29,618, गणेश गोदियाल को 29,031, उत्तराखंड क्रांति दल उम्मीदवार मोहन काला को 4,271 और आप उम्मीदवार गजेंद्र सिंह चौहान को 700 वोट मिले थे। इस विधानसभा क्षेत्र में 59.40 फीसदी मतदान हुआ था।
चौबट्टाखाल विधानसभा सीट पर तीन विधानसभा चुनावों से भाजपा का कब्जा है। इस सीट से लगातार दूसरी बार सतपाल महाराज विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सतपाल महाराज ने कांग्रेस उम्मीदवार केशर सिंह 11,430 वोटों से शिकस्त दी थी। सतपाल महाराज को 24,927, केशर सिंह को 13,497 और आप उम्मीदवार दिगमोहन नेगी को 1,908 वोट मिले थे। इस विधानसभा क्षेत्र में 44.86 फीसदी मतदान हुआ था।
लैंसडाउन विधानसभा सीट से लगातार भाजपा उम्मीदवार दिलीप सिंह रावत जीतते आ रहे हैं। 2022 के चुनाव में दिलीप सिंह रावत ने कांग्रेस प्रत्याशी अनुकृति गुसैन को 9,868 वोटों से शिकस्त दी थी। दिलीप सिंह रावत को 24,504, अनुकृति गुसैन को 14,636 और उत्तराखंड क्रांति दल उम्मीदवार आनंद प्रकाश को 843 वोट मिले थे। इस सीट पर सिर्फ 47.38 फीसदी यानी 41,407 लोगों ने मतदान किया था।
कोटद्वार विधानसभा सीट पर दो बार से भाजपा का कब्जा है। 2017 में भाजपा से डॉ. हरक सिंह रावत और 2022 में रितु खंडूरी भूषण विधायक चुनी गई थीं। 2022 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रितु खंडूरी भूषण को 32,103, कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह नेगी को 28, 416 वोट और निर्दलीय उम्मीदवार धीरेंद्र सिंह चौहान को 12,484 वोट मिले थे। इस विधानसभा क्षेत्र में 65.46 फीसदी मतदान हुआ था।
राष्ट्रीय समाचार
दीपावली से पहले केंद्र सरकार ने राज्यों को 1.09 लाख करोड़ रुपए का कर हस्तांतरण अग्रिम रूप से किया जारी

केंद्र सरकार ने गुरुवार को दीपावली और त्योहारी सीजन को देखते हुए राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए के कर हस्तांतरण की नियमित किस्त तय समय से पहले जारी कर दी। यह राशि सामान्य तौर पर 10 नवंबर को जारी की जानी थी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत खर्च में तेजी लाने और विकास एवं कल्याण से जुड़े खर्चों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह राशि जारी की गई है।
इस राशि में से देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपए मिले हैं। बिहार को 10,845 करोड़ रुपए, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपए, पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपए और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपए मिले हैं।
पिछले सप्ताह भी केंद्र सरकार ने राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त जारी की थी। यह राशि नियमित मासिक कर हस्तांतरण के अतिरिक्त थी।
इससे पहले अगस्त में भी सरकार ने राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त जारी की थी, जो सामान्य मासिक हस्तांतरण के अतिरिक्त थी। यह कदम राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और उनके पूंजीगत एवं विकास संबंधी खर्चों में तेजी लाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप था।
इसके अतिरिक्त, चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) में भारत का राजकोषीय घाटा 7.14 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यह पूरे वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 42.1 प्रतिशत है।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 16.96 लाख करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटा रहने का बजट अनुमान रखा है।
इस दौरान सरकार की राजस्व प्राप्तियां 17.57 लाख करोड़ रुपए रहीं, जो बजट अनुमान का 49.7 प्रतिशत है। इसमें शुद्ध कर राजस्व 12.76 लाख करोड़ रुपए और गैर-कर राजस्व 4.81 लाख करोड़ रुपए रहा।
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