खेल
आईपीएल-13 : कोहली-कार्तिक में होगी कड़ी टक्कर
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में आज यहां शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर का सामना दिनेश कार्तिक की कप्तानी वाली कोलकाता नाइट राइडर्स से होगी। दोनों टीमों ने अपने पिछले मैचों में जीत हासिल की है। विराट कोहली की कप्तानी वाली बेंगलोर ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स को एकतरफा मुकाबले में हराया। वहीं कोलकाता ने किंग्स इलेवन पंजाब के मुंह से जीत छीन ली थी।
शुरुआत में बेंगलोर का प्रदर्शन उतना बेहतर नहीं रहा था, लेकिन धीरे-धीरे इस टीम ने लय हासिल की और वह अब बेहतरीन फॉर्म में है। कप्तान कोहली बीत तीन मैचों में अपनी फॉर्म का प्रदर्शन कर चुके हैं। चेन्नई के खिलाफ उन्होंने अकेले खड़े रहकर नाबाद 90 रन बनाए थे और टीम को मजबूत स्कोर दिया था जिसका बचाव करने में उनकी टीम सफल भी रहे थे।
कोहली के अलावा बेंगलोर के सलामी बल्लेबाज देवदत्त पडिकल शुरू से फॉर्म में ही हैं। उन्होंने अपने प्रदर्शन से खासा प्रभावित किया है। एरॉन फिंच के रूप में उनके पास अच्छा सलामी जोड़ीदार है। चेन्नई के खिलाफ फिंच विफल रहे थे, लेकिन फिंच ने भी अभी तक अच्छा किया है। अब्राहम डिविलियर्स के रूप में टीम के पास एक और स्टार बल्लेबाज है।
इन सभी के रहते टीम की बल्लेबाजी मजबूत दिखती है। निचले क्रम में शिवम दुबे हैं जो बड़े शॉट्स लगा सकते हैं। पिछले मैच में बेंगलोर ने क्रिस मोरिस को मौका दिया था। मोरिस भी उन खिलाड़ियों में से जाने जाते हैं जो बड़े शॉट्स लगा सकते हैं।
वहीं, गेंदबाजी में भी कोहली को ज्यादा चिंता नहीं है। श्रीलंका के इसुरु उदाना ने नवदीप सैनी के साथ मिलकर तेज गेंदबाजी के भार को अच्छी तरह बांटा है। मौरिस ने चेन्नई के खिलाफ तीन विकेट लिए थे।
मोरिस ने चार ओवरों में सिर्फ 19 रन दिए थे और सैनी ने 18 रन दिए थे। स्पिन में युजवेंद्र चहल तो तुरुप का इक्का कोहली के लिए हैं ही। वॉशिंगटन सुंदर ने चेन्नई के खिलाफ दो अहम विकेट दिला अपना पक्ष मजबूत किया है।
शारजाह का मैदान छोटा है और ऐसे में स्पिनरों के साथ जाना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है। दुबे को मिलाकर कोहली पिछले मैच में छह गेंदबाजों के साथ उतरे थे। संभवत: इम मैच में कोहली एक अतिरिक्त बल्लेबाज को शामिल करें।
वहीं, कोलकाता के स्पिनरों, सुनील नरेन और वरुण चक्रव्रर्ती ने टीम के लिए जो प्रदर्शन किया है वो किसी भी टीम के लिए चिंताजनक हो सकता है। पिछले मैच में भी सुनील ने दो शानदार ओवर फेंक पंजाब को जीतने नहीं दिया था। वरुण भी मध्य के ओवरों में उनका अच्छा साथ देते हैं।
कप्तान दिनेश कार्तिक भी इस बात को सरेआम कबूल चुके हैं कि यह दोनों उनके लिए बेहद अहम है। लेकिन सामने विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक कोहली होंगे और मैदान भी छोटा होगा। ऐसे में सुनील और वरुण कितने असरदार होते हैं वो देखना होगा।
तेज गेंदबाजी में पिछले मैच में शिवम मावी नहीं खेले थे। उनके स्थान पर प्रसिद्ध कृष्णा को मौका दिया गया था। प्रसिद्ध ने भी काफी प्रभावित किया था। कोलकाता का तेज गेंदबाजी आक्रमण मजबूत है। पैट कमिंस, कमलेश नागरकोटी के अलावा प्रसिद्ध और मावी, सभी उम्दा प्रदर्शन कर रहे हैं।
बल्लेबाजी में कोलकाता के लिए अच्छी बात यह रही थी कि कप्तान कार्तिक ने पंजाब के खिलाफ अपनी फॉर्म हासिल कर ली थी। अब देखना होगा कि कप्तान उसे किस हद तक जारी रख सकते हैं। सलामी बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी और शुभमन गिल भी फॉर्म में हैं। गिल ने पंजाब के खिलाफ 57 रनों की शानदार पारी खेली थी।
अब कोलकाता की चिंता आंद्रे रसेल की फॉर्म है। रसेल जिस प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं इस सीजन तो वो उसकी झलक तक नहीं दिखा पाएं हैं। इस छोटे मैदान पर कोलकाता उम्मीद करेगी की रसेल अपने रंग में लौटें।
टीमें (सम्भावित) :
कोलकाता नाइट राइडर्स : दिनेश कार्तिक (कप्तान), आंद्रे रसेल, सुनील नरेन, कुलदीप यादव, शुभमन गिल, लॉकी फग्र्यूसन, नीतीश राणा, रिंकू सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, संदीप वॉरियर, अली खान, कमलेश नागरकोटी, शिवम मावी, सिद्देश लाड, पैट कमिंस, इयोन मोर्गन, टॉम बेंटन, राहुल त्रिपाठी, वरुण चक्रवर्ती, एम. सिद्धार्थ, निखिल नाइक, क्रिस ग्रीन।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर : विराट कोहली (कप्तान) एरॉन फिंच, देवदत्त पडिकल, अब्राहम डिविलियर्स, जोशुआ फिलिपे, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, नवदीप सैनी, उमेश यादव, डेल स्टेन, युजवेंद्र चहल, मोइन अली, पवन देशपांडे, गुरकीरत सिंह मान, मोहम्मद सिराज, क्रिस मौरिस, पवन नेगी, पार्थिव पटेल, शहबाज अहमद, इसुरु उदाना, एडम जाम्पा, केन रिचर्डसन।
खेल
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में स्कॉटलैंड लेगा बांग्लादेश की जगह: आईसीसी सूत्र

नई दिल्ली, 24 जनवरी : स्कॉटलैंड की क्रिकेट टीम आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की जगह लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। बांग्लादेशी सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया था कि अगर आईसीसी बांग्लादेश के मैच दूसरे देश में शिफ्ट नहीं करता, तो उसकी टीम के आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने की गुंजाइश नहीं है।
इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने मीडिया को बताया है कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने भारत न आने के फैसले के बाद लिया गया है। गवर्निंग बॉडी की तरफ से जल्द ही इसकी आधिकारिक पुष्टि होगी। आगामी विश्व कप 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में खेला जाना है।
आईसीसी सूत्रों ने शनिवार कोमीडिया को बताया, “चूंकि आईसीसी ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपना बयान जारी किया था और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) भारत न जाने पर अड़ा हुआ है, इसलिए स्कॉटलैंड टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की जगह लेने के लिए तैयार है। बहुत जल्द आधिकारिक पुष्टि होने की उम्मीद है।”
बीसीबी ने पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को बताया था कि दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों के कारण सुरक्षा चिंताओं के चलते वे विश्व कप मैच खेलने भारत नहीं जाएंगे। इसी के साथ बोर्ड ने अनुरोध किया था कि उनके मैच श्रीलंका में शिफ्ट कर दिए जाएं।
यह फैसला बीसीसीआई द्वारा कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के लिए तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के निर्देश के बाद आया है। हालांकि, आईसीसी ने दोहराया कि टी20 वर्ल्ड कप तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा, जिसमें बांग्लादेश के मैच भारत में आयोजित होंगे।
आईसीसी ने बीसीबी को टूर्नामेंट योजना के अनुसार खेलने पर अपना अंतिम फैसला बताने के लिए 24 घंटे की समय सीमा भी दी थी, लेकिन बांग्लादेश अपनी जिद्द पर अड़ा रहा।
स्कॉटलैंड टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई न कर पाने वाली टीमों में सबसे ऊंची रैंक वाला देश है। बांग्लादेश, भारत में न जाने के अपने रुख पर कायम है। ऐसे में स्कॉटलैंड इस देश की जगह लेने के लिए सबसे पहला विकल्प है।
अगर बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड को विश्व कप में मौका दिया जाता है, तो यह देश शुरुआती चरण में ग्रुप-सी में रखा जाएगा। ऐसे में बांग्लादेश 7 फरवरी को वेस्टइंडीज, 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ खेलेगा। ये तीनों मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले जाएंगे। इसके बाद स्कॉटलैंड अपना आखिरी ग्रुप स्टेज मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ खेलेगा।
राष्ट्रीय
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर चुनावी नवाचारों और श्रेष्ठ प्रथाओं को मिलेगा सम्मान, समारोह में शामिल होंगी राष्ट्रपति

नई दिल्ली, 24 जनवरी : भारतीय चुनाव आयोग 25 जनवरी को 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाएगा। इसी दिन 1950 में चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी। इस अवसर पर नई दिल्ली में एक कार्यक्रम होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी और समारोह की अध्यक्षता करेंगी।
इस साल का मुख्य विषय “मेरा भारत, मेरा वोट” है, जिसकी टैगलाइन “भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक” रखी गई है। इसका उद्देश्य हर नागरिक को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करना और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सम्मानित अतिथि होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर यह कार्यक्रम संचालित होगा।
परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति कार्यक्रम को संबोधित करेंगी और नए नामांकित युवा मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र सौंपेंगी। वे विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ चुनावी प्रथाओं के लिए पुरस्कार भी वितरित करेंगी। इनमें प्रौद्योगिकी का उपयोग, चुनाव प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स, नवाचारी मतदाता जागरूकता अभियान, आदर्श आचार संहिता का पालन, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण, विशेष पुरस्कार और मीडिया से जुड़े पुरस्कार शामिल हैं।
इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन होगा – “2025: पहलों और नवाचारों का एक वर्ष” और “चुनाव का पर्व, बिहार का गर्व” जो बिहार में आम चुनावों के सफल आयोजन पर केंद्रित है। साथ ही ईसीआई के वैश्विक नेतृत्व और लोकतांत्रिक विकास को दिखाने वाला एक वीडियो भी प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रम में चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को दिखाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव संचालन, हाल की पहलों और 2025 में बिहार विधानसभा चुनावों की सफलता पर फोकस रहेगा।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पूरे देश में एक साथ मनाया जाता है। राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी और बूथ स्तर पर बीएलओ अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं। नए मतदाताओं का सम्मान किया जाता है और उन्हें ईपीआईसी सौंपे जाते हैं। यह दिन मतदान को एक उत्सव के रूप में मनाने और हर योग्य नागरिक को वोटर बनने के लिए प्रेरित करने का अवसर है।
राष्ट्रीय
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को फिर मिली ए+ नेशनल रैंकिंग, विद्युत आपूर्ति में बनी देश की अग्रणी कंपनी

अहमदाबाद, 24 जनवरी : अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने एक बार फिर विद्युत वितरण कंपनियों की नेशनल रैंकिंग में ए+ रैंकिंग हासिल की है। यह रैंकिंग पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन द्वारा जारी की गई ’14वीं वार्षिक रेटिंग और रैंकिंग’ रिपोर्ट में दी गई है।
लगातार दूसरी बार शीर्ष स्थान मिलने से यह साफ होता है कि अदाणी इलेक्ट्रिसिटी बिना रुकावट विद्युत आपूर्ति, कम बिजली नुकसान और मजबूत वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है।
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने कहा कि यह शीर्ष रैंकिंग मुंबई के लोगों के भरोसे को दर्शाती है। कंपनी ने बताया कि वह बीते 100 वर्षों से मुंबई की सेवा कर रही है।
कंपनी ने कहा कि वह हर दिन घरों, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं को बिना शोर-शराबे के लगातार और भरोसेमंद तरीके से बिजली पहुंचा रही है।
अदाणी ग्रुप की कंपनी ने कहा, “लगातार एक और साल शीर्ष स्थान प्राप्त करना मायने रखता है क्योंकि यह मुंबई वासियों के शहर की और देश की अग्रणी विद्युत कंपनी पर हर दिन रखे जाने वाले भरोसे को दर्शाता है।”
कंपनी ने आगे कहा कि मुंबई की सेवा के 100 साल पूरे होने पर हम शहर के साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
यह रेटिंग राष्ट्रीय स्तर पर बिजली वितरण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। वित्त वर्ष 2025 में देशभर की बिजली वितरण कंपनियों ने मिलकर 2,701 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यह पहला मौका है जब यह सेक्टर कागजी हिसाब-किताब के आधार पर मुनाफे में आया है।
यह स्थिति वित्त वर्ष 2024 के 27,022 करोड़ रुपए के नुकसान के मुकाबले बड़ा सुधार है और इसका कारण सुधारों का असर, बेहतर वित्तीय अनुशासन और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल को माना जा रहा है।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की बिलिंग दक्षता लगातार 95 प्रतिशत से ज्यादा रही है, जबकि बिल वसूली लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अदाणी इलेक्ट्रिसिटी का वित्तीय प्रबंधन बहुत मजबूत है और भुगतान वसूली के मामले में इसका प्रदर्शन देश में सबसे बेहतर है।
रिपोर्ट के अनुसार, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की सबसे बड़ी खासियत इसका लगातार एक जैसा अच्छा प्रदर्शन है। यह सफलता किसी एक समय के फायदे की नहीं, बल्कि मजबूत व्यवस्था, डेटा और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और बेहतर सेवा का नतीजा है।
इसी वजह से अदाणी इलेक्ट्रिसिटी महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में शहरी बिजली वितरण के लिए एक मिसाल बन गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा आधारित काम, स्मार्ट मीटर और एनालिटिक्स अब बिजली कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, नुकसान घटाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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