राजनीति
शिवसेना (यूबीटी) ने सामना में लिखा, “सीएम फडणवीस के लिए पांच से छह मंत्रियों को बाहर करने का सही समय आ गया है
Uddhav Thackeray
मुंबई, 22 जुलाई। शिवसेना (यूबीटी) ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करना चाहिए और उन पांच से छह मंत्रियों को बाहर करना चाहिए जो विभिन्न विवादों से जुड़े रहे हैं, जिनमें “रम्मी खेलना, रिश्वत लेना और हनी ट्रैप में फंसना” शामिल है।
ठाकरे खेमे ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन घटनाओं से कथित तौर पर परेशान हैं और उन्होंने इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसमें आगे कहा गया है कि समय आ गया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विभिन्न विवादों में फंसे पांच से छह मंत्रियों को हटाकर अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करें।
शिवसेना (यूबीटी) ने कहा, “महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में कई तरह के लोग हैं। एक मंत्री विधानसभा में रमी खेल रहा है, दूसरा पैसों से भरा बैग दिखा रहा है और सिगरेट पी रहा है, तीसरा मंत्री अपनी प्रेमिका की हत्या की बात पचाकर फडणवीस के बगल में बैठा है, चौथा मंत्री नासिक के हनी ट्रैप से भागने की कोशिश कर रहा है और पाँचवाँ मंत्री दूसरों को फँसाते हुए खुद हनी ट्रैप में फँस गया है।” संपादकीय में सरकार के कुछ मंत्रियों के आचरण और नैतिकता पर सवाल उठाए गए हैं।
संपादकीय में मुख्यमंत्री फडणवीस पर कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि उनके नेतृत्व वाली सरकार हिंदुत्व की प्रबल समर्थक है, इसलिए सत्ता में आने से पहले उन्होंने ‘पंचांग (हिंदू पंचांग या कैलेंडर)’ पर अच्छी तरह से नज़र डाली होगी। सरकार में कुछ लोगों ने असम के कामाख्या मंदिर में ‘अघोरी पूजा (देवताओं का आह्वान और प्रसाद चढ़ाने की रस्म)’ करके सत्ता में प्रवेश किया, लेकिन लगता है वे सभी सही समय पर चूक गए। मंत्रियों की हरकतों को देखते हुए, जल्द ही पाँच-छह मंत्रियों को बाहर करके, उन्हें घर भेजकर मंत्रिमंडल में फेरबदल करना होगा।
ठाकरे खेमे ने कहा कि राजनीतिक गलियारों में ऐसे मंत्रियों के नामों पर चर्चा हो रही है। “मंत्री संजय शिरसाट, योगेश कदम, माणिक कोकाटे, दादा भुसे, संजय राठौड़ और नासिक के ‘हनी ट्रैप’ में फँसे पाँच अन्य मंत्रियों में से कुछ को भी जाना होगा।” संपादकीय में आगे कहा गया है, “गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं।”
इसके अलावा, संपादकीय में हनी ट्रैप में भाजपा के कुछ मंत्रियों की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। पार्टी ने ये आरोप तब लगाए जब पिछले हफ़्ते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य विधानसभा में कहा था कि हनी ट्रैप जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने विपक्ष से भी कहा कि वह कमज़ोर तर्कों और ढीले सबूतों के साथ सरकार पर निशाना न साधे, बल्कि ठोस जानकारी और सबूत लेकर सामने आए।
संपादकीय में दावा किया गया है, “पुलिस हनी ट्रैप मामले में सीडी और पेन ड्राइव ढूँढ़ने की कोशिश कर रही है क्योंकि मौजूदा सरकार के मंत्रियों के राज़ इन्हीं में छिपे हैं।”
राष्ट्रीय समाचार
भारत में 2026 के त्योहारी सीजन में कारोबार 7 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचने का अनुमान: कैट

भारत में 2026 के त्योहारी सीजन (नवरात्रि से लेकर दीपावली तक) में कारोबार 7 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंचने का अनुमान है, यह पिछले साल के आंकड़े से 15-18 प्रतिशत है। यह जानकारी कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से दी गई।
कैट के नेशनल सेक्रेटरी जनरल और चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह अनुमान अलग-अलग राज्यों के व्यापार संघों और बाजारों से मिली जानकारी, ग्राहकों की मांग, त्योहारों के दौरान खरीदारी के ट्रेंड और ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में बढ़ी हुई कमर्शियल गतिविधियों पर आधारित था।
उन्होंने कहा कि पिछले साल त्योहारों के दौरान कुल कारोबार लगभग 6.05 लाख करोड़ रुपए का था, जिसमें 5.40 लाख करोड़ रुपए का सामान और 65,000 करोड़ रुपए की सेवाएं शामिल थीं।
कैट के अनुसार, मौजूदा त्योहारी सीजन में सर्विस सेक्टर में 20-25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है और इसका कारोबार 80,000 करोड़ रुपए से 1 लाख करोड़ रुपए के बीच रहने का अनुमान है।
त्योहारों के समय बढ़ने वाली मांग से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स डिलीवरी, वेयरहाउसिंग, होटल, रेस्टोरेंट, टूरिज्म, कैटरिंग, इवेंट मैनेजमेंट और लोकल ट्रांसपोर्टेशन जैसे सेक्टर को फायदा होने की उम्मीद है।
कैट के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान होने वाले व्यापार में ग्रोसरी और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, इसके बाद सोना, चांदी और ज्वेलरी का नंबर आता है जिनकी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत होगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल सामान की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रेडीमेड कपड़े और गिफ्ट आइटम की हिस्सेदारी 7-7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
व्यापारी संगठन ने कहा कि होम डेकोर और फर्नीचर व फर्निशिंग की हिस्सेदारी 5-5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
बाकी कैटेगरी में टेक्सटाइल और फैब्रिक, मिठाई और नमकीन, पूजा का सामान, फल और ड्राई फ्रूट्स, बेकरी और कन्फेक्शनरी, जूते-चप्पल और अन्य सामान व उनसे जुड़े बिजनेस शामिल हैं।
खंडेलवाल ने कहा कि त्योहारों के मौसम में धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और कमर्शियल इवेंट्स – जैसे रामलीला, दुर्गा पूजा सेलिब्रेशन, गरबा और डांडिया इवेंट्स, मेले, एग्जीबिशन और कम्युनिटी गैदरिंग – के जरिए भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के बिजनेस में होने वाली संभावित बढ़ोतरी से पता चलता है कि कंज्यूमर अब स्थानीय स्तर पर बने प्रोडक्ट्स, हैंडीक्राफ्ट, भारतीय ब्रांड और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) द्वारा बनाए गए सामान को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
खंडेलवाल ने इस ट्रेंड के लिए कुछ हद तक ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे इनिशिएटिव्स को मिली बढ़ती स्वीकार्यता को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने कंज्यूमर्स से त्योहारों के मौसम में भारतीय प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देने की अपील की और कहा कि इससे व्यापारियों, कारीगरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स और स्थानीय सर्विस प्रोवाइडर्स को फायदा होगा।
कैट ने भरोसा जताया कि नवरात्रि से दीपावली 2026 तक चलने वाला त्योहारों का मौसम देश के व्यापार, सर्विस सेक्टर और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
राजनीति
‘वोट चोरी’ के खिलाफ जंग रहेगी जारी, केंद्र सरकार की कुर्सी जाने तक लड़ेंगे : कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों, अखिलेश यादव, सीएम योगी आदित्यनाथ, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी।
राकेश प्रताप सिंह समेत तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “पीएमओ से लेकर सीएमओ तक भारतीय जनता पार्टी के लोग अपने इकोसिस्टम द्वारा एक एजेंडा चलाने की कोशिश कर रहे हैं कि सपा विधायक भाजपा में शामिल हो जाएं। सपा के ये बागी विधायक डेढ़ साल पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। असलियत यह है कि भाजपा के नेता अब इंडी गठबंधन में शामिल होना चाह रहे हैं।”
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “वोट चोरी की सरकार को सत्ता से हटाने तक हमारी जंग जारी रहेगी। ये जंग प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़ने तक जारी रहेगी। वोट चोरी, छिनैती और लूट से केंद्र और कई राज्यों में भाजपा की सरकार बनी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक लड़ाई जारी रखेंगे।”
ओमप्रकाश राजभर पर राजपूत ने कहा, “राजभर से अधिक अवसरवादी कोई दूसरा नहीं है। राजभर ने पहले बसपा और फिर सोनेलाल को ठगा। इसके बाद सपा में आए और फिर भाजपा में गए। इसके बाद फिर समाजवादी पार्टी से समझौता किया। कुछ दिन बाद फिर भाजपा में शामिल होकर मंत्री बन गए। ओमप्रकाश राजभर अपने समाज को भी ठग रहे हैं। ठग किसी दूसरे के आरोप पर क्या आरोप लगाएगा?”
बरेली में सीएम योगी ने हाल ही में कहा है कि पहले उपद्रव के कारण लोग उत्सव भूल जाते थे, जबकि अब लोगों में उत्साह है। इस बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि यूपी में सबसे अधिक महिलाओं का अपमान हो रहा है। अपराधी पुलिस को गोली मार रहे हैं। भाजपा के शासन काल में दलितों का उत्पीड़न और कचहरी, जेल व अस्पतालों में हत्याएं हो रही हैं।”
सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी के लोग जेनजी के खिलाफ अत्याचार कर रहे हैं, इसे पूरा देश देख रहा है। प्रधानमंत्री इस पर ध्यान दें, अन्यथा आने वाले समय में यही जेनजी आपको अपने अधिकारों से जवाब देंगे।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
दिसंबर में पीएम मोदी का कनाडा दौरा द्विपक्षीय संबंधों की तरफ बढ़ा अगला ‘तार्किक कदम’ होगा: उच्चायुक्त पटनायक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर में प्रस्तावित कनाडा यात्रा पर सभी की निगाहें टिकी हैं। कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा कि भारतीय समुदाय भी पीएम मोदी के दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत-कनाडा संबंधों को मजबूती देने की दिशा में अगला तार्किक कदम होगा।
आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में पटनायक ने कहा कि पिछले एक साल में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम किया है। राजनीतिक संपर्क बढ़ने के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कृषि, शिक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया गया है।
पढ़िए पूरा साक्षात्कार:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कनाडा दौरा दिसंबर में प्रस्तावित है। ये भारत-कनाडा संबंधों की दृष्टि से कितना अहम है?
दिनेश के पटनायक: पिछले वर्ष से, हम अपने संबंधों को उच्च स्तर पर बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं। यह प्रक्रिया तब शुरू हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के कनानास्किस में जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्हें प्रधान मंत्री मार्क कार्नी द्वारा आमंत्रित किया गया था। दोनों नेताओं ने फैसला किया कि दोनों देशों के उच्चायुक्तों को अपने-अपने पद पर लौट जाना चाहिए। दोनों उच्चायुक्तों ने पिछले साल सितंबर में अपना कार्यभार फिर से शुरू किया।
तब से, हमने एक वर्ष पूरा कर लिया है, और बहुत कुछ हुआ है। प्रधानमंत्री कार्नी ने इस वर्ष फरवरी-मार्च में भारत का दौरा किया, और दोनों विदेश मंत्री पिछले वर्ष में 12 से अधिक बार मिल चुके हैं। हमने कई बार रक्षा मंत्रियों, व्यापार मंत्रियों, ऊर्जा मंत्री, प्राकृतिक संसाधन मंत्री, कनाडा, शिक्षा प्रतिनिधिमंडलों और हाल ही में कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की भारत यात्रा देखी है। इन सभी चीजों को मिलाकर, ये घटनाक्रम हमें एक ऐसे चरण पर ले आए हैं जहां प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा अगला तार्किक कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2015 में कनाडा का दौरा किया था, इसलिए काफी समय हो गया है। हम व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत की प्रक्रिया में हैं और चौथे दौर की बातचीत समाप्त हो गई है। बातचीत तेजी से आगे बढ़ी है।
जब पिछले साल नवंबर में दोनों प्रधानमंत्रियों की जोहान्सबर्ग में मुलाकात हुई, तो उन्होंने एक साल के भीतर वार्ता समाप्त करने पर सहमति जताई थी। मुझे विश्वास है कि हम नवंबर तक इन्हें पूरा कर लेंगे। हमें उम्मीद है कि जब प्रधानमंत्री मोदी कनाडा जाएंगे तो हम सीईपीए पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में होंगे।
संक्षेप में कहूं, भारत और कनाडा के बीच साझेदारी को व्यापक बनाने के लिए जरूरी प्रमुख क्षेत्रों में अब काम आगे बढ़ रहा है। इनमें सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, निवेश, व्यापार, रक्षा संवाद, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, कृषि एवं खाद्य क्षेत्र, लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं।
मैं इसके लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर, कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और सबसे बढ़कर दोनों प्रधानमंत्रियों का आभार जताना चाहता हूं जिनकी अगुवाई में ये संभव हो पाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और नेतृत्व ने समय के साथ भारत-कनाडा संबंधों को किस तरह आकार दिया है?
दिनेश के पटनायक: बिल्कुल, मैं मानता हूं कि प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन और नेतृत्व के बिना, कुछ भी नहीं हो पाता।
मैं इसका पूरा श्रेय दोनों प्रधानमंत्रियों को दूंगा। प्रधानमंत्री कार्नी ने कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जबकि मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया।
जब दोनों देशों के उच्चायुक्तों ने अपने-अपने पद संभाले, तब उन्हें सरकारों के शीर्ष स्तर से स्पष्ट निर्देश मिले थे कि द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत बनाना है और उन्हें पहले से बेहतर स्तर पर ले जाना है।
मेरा विचार है कि दोनों प्रधानमंत्रियों के सक्रिय समर्थन और मार्गदर्शन के बिना यह प्रगति संभव नहीं होती।
कनाडा में भारतीय समुदाय काफी बड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी की संभावित यात्रा के दौरान उनके स्वागत के लिए यह समुदाय कैसी तैयारी कर रहा है?
दिनेश के पटनायक: प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2015 में कनाडा का दौरा किया था। ऐसे में करीब 11 साल बाद उनकी प्रस्तावित यात्रा को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय में काफी उत्साह है। कनाडा की 2021 की जनगणना के अनुसार, यहां भारतीय मूल के लोगों की आबादी लगभग 30 लाख है।
भारतीय समुदाय के अलग-अलग वर्गों के लोगों से लगातार यह पूछने के लिए संदेश और अनुरोध मिल रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी वहां कब आएंगे और वो उनसे मिलने की इच्छा रखते हैं। इस समुदाय में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख सहित विभिन्न धार्मिक पृष्ठभूमियों के लोग हैं। इसके अलावा छात्र, शोधकर्ता, शिक्षाविद, कारोबारी और भारत के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोग भी प्रधानमंत्री से मिलने की इच्छा जता रहे हैं।
लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोगों वाले इस समुदाय के हर व्यक्ति से प्रधानमंत्री की मुलाकात संभव नहीं होगी, लेकिन यह प्रयास किया जाएगा कि उनकी यात्रा से अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने का अवसर मिले।
भारत और कनाडा अंतरराष्ट्रीय अपराध, आतंकवाद और प्रत्यर्पण के मामलों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। आतंकवाद से निपटने में यह कितना अहम है?
दिनेश के पटनायक: हम इन मुद्दों से पार पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। जब मैं पिछले साल 18 सितंबर को भारत आया था, तो कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी उसी हफ्ते भारत के दौरे पर थीं ताकि अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल के साथ बातचीत कर सकें। इसी तरह, एनएसए अजीत डोभाल ने फरवरी में कनाडा का दौरा किया था।
तब से दोनों देश सीमापार अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए काम कर रहे हैं।
पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क लगातार बढ़ा है। दोनों देशों की कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों पक्षों में यह साझा समझ विकसित हुई है कि कनाडा में सामने आने वाली कुछ सुरक्षा चुनौतियां भारत के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं और इसी तरह इनका असर कनाडा पर भी पड़ता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हाल ही में कनाडाई प्रधानमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार डेविड मॉरिसन के साथ बातचीत की। आप इस बैठक को कैसे देखते हैं?
दिनेश के पटनायक: यह एक बहुत महत्वपूर्ण बैठक थी क्योंकि दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र के बीच समन्वय द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की बुनियाद है।
पटनायक ने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता भरोसा और साझा चिंताओं को लेकर बेहतर समझ पिछले एक साल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी के कनाडा दौरे तक दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय और मजबूत हो जाएगा। मॉरिसन कनाडा के प्रमुख विदेश नीति सलाहकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकारियों में शामिल हैं। दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व के बीच संवाद ने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए आधार तैयार किया है।
दोनों पक्ष अपने बीच मौजूद समस्याओं और चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा का मुद्दा पहले द्विपक्षीय संबंधों में मुश्किलों का एक प्रमुख कारण रहा था, लेकिन अब इस पर बातचीत और सहयोग के जरिए आगे बढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भारत और कनाडा की एजेंसियों के बीच सहयोग में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी), भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और अन्य संबंधित संस्थाएं शामिल हैं। इस सहयोग के दायरे में आव्रजन, नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, संगठित अपराध, धनशोधन और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दे आते हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित यात्रा तक भारत-कनाडा संबंधों में कई क्षेत्रों में ठोस प्रगति देखने को मिलेगी।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
