महाराष्ट्र
सांसद संजय सिंह ने वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ ईदगाह मैदान सुन्नी मस्जिद बिलाल में जनता को संबोधित किया।
मुंबई: वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में सुन्नी मस्जिद दोतन के बिलाल ईदगाह मैदान में जनसभा हुई, जिसमें मुख्य अतिथि एवं विशेष नियुक्त सांसद संजय सिंह ने जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत-ए-उलेमा के अध्यक्ष पीर तरीकत-ए-कायद अहले सुन्नत और खानकाह आलिया कच्चा मुकद्दसा के सज्जाद-ए-नशीं हजरत अल्लामा मौलाना सैयद मोइनुद्दीन अशरफ अल-अशरफ अल-जिलानी ने की. और इसे ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत-उल-उलेमा के उपाध्यक्ष, कायदे मिल्लत बानी रजा अकादमी द्वारा प्रायोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में विद्वानों, इमामों, विद्वानों, बुद्धिजीवियों और आम जनता ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत से हुई। सांसद संजय सिंह ने बड़ी स्पष्टता और तर्कों के साथ बताया कि वक्फ संशोधन अधिनियम मुसलमानों के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने संसद में भी यह बात कही है और अंत तक कहूंगा कि यह कानून वक्फ की संपत्ति हड़पने के लिए बनाया गया है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि भारत के संविधान के अनुसार, जिसे बाबा साहेब अंबेडकर ने लिखा था, अनुच्छेद 25 और 26 में आज भी यह बात है कि हर धर्म के लोगों को अपने धर्म के अनुसार पूजा करने की अनुमति है।
तथा धार्मिक सम्पत्ति को अपने धार्मिक कार्यों पर खर्च करने का पूर्ण विवेकाधिकार है, जो कि वर्तमान वक्फ संशोधन अधिनियम की धारा 25 व धारा 26 के भी विरुद्ध है। उन्होंने खुले तौर पर कहा है कि मौजूदा सरकार मुसलमानों की भलाई नहीं चाहती, बल्कि उसका उद्देश्य अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम की खामियों को उजागर करते हुए कहा कि इसमें ऐसा अधिनियम है कि केवल वही व्यक्ति अपने धार्मिक कार्यों को पांच साल तक कर सकता है। उन्होंने मोदी का मजाक उड़ाते हुए कहा, “आप कैसे पता लगाएंगे कि किस मुसलमान ने पांच साल तक नमाज पढ़ी, रोजा रखा या नहीं, मस्जिद गया या नहीं? क्या मोदी हर मुसलमान के घर पर सीसीटी लगाएंगे?” वर्तमान सरकार कह रही है कि इससे मुसलमानों को 1000 करोड़ रुपये का फायदा होगा। 12,000 करोड़ रु. मैं कहता हूं, बारह हजार करोड़ के फायदे के लिए इतने मुसलमानों को परेशान करने की क्या जरूरत है? बस एक आदमी, नीरव मोदी को भारत वापस लाओ, जो बीस हजार करोड़ का घोटाला करके भाग गया है। इसमें से बारह हजार करोड़ मुसलमानों को दे दो और बाकी आठ हजार करोड़ ले लो। बंदोबस्ती संशोधन अधिनियम में एक ऐसा अधिनियम है जिसके तहत बंदोबस्ती दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। सवाल यह उठता है कि पांच सौ साल पहले दान दी गई संपत्ति के दस्तावेज कैसे उपलब्ध कराए जा सकते हैं। जबकि वर्तमान सरकार ने स्वयं कुछ वर्ष पहले स्वीकार किया था कि सभी वक्फ संपत्तियों को दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन हस्तांतरित किया गया है, तो अब दस्तावेज मांगने का क्या मतलब है? अंत में उन्होंने कहा कि इस काले कानून के खिलाफ सिर्फ मुसलमान ही नहीं हैं, बल्कि धर्मनिरपेक्ष हिंदू भी इसमें शामिल हैं।
संसद के दो सौ से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्यों ने इस विधेयक के खिलाफ मतदान किया है। आज भी हिंदू-मुस्लिम एक साथ रहना चाहते हैं, लेकिन चंद लोग ही नफरत फैलाते हैं। मोइन अल-मशाइख ने कहा कि हम काले वक्फ संशोधन अधिनियम को कभी स्वीकार नहीं कर सकते। इस कानून से वक्फ संपत्ति का संरक्षण समाप्त हो जाएगा। फिर सरकार मनमाने ढंग से इसे जिसे चाहेगी दे देगी। हम अंतिम क्षण तक इस कानून के खिलाफ लड़ते रहेंगे। वक्फ संपत्ति की रक्षा करना हमारा राष्ट्रीय और धार्मिक कर्तव्य है। हम इसे छोड़ नहीं सकते। मोइन अल-मशाइख ने संजय सिंह का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपने लोगों को इस कानून के बारे में बताया और इसकी कमियों से अवगत कराया। आपने अपना बहुमूल्य समय दिया जिसके लिए हम आपके आभारी हैं। रजा अकादमी के संस्थापक अल्हाजी मुहम्मद सईद नूरी ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून वक्फ संपत्तियों पर सीधा हमला है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, हम इस काले कानून को खत्म करने के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। विधायक अमीन पटेल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मोइन अल-मशाइख पहले दिन से ही इस कानून के खिलाफ मैदान में खड़े हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। यह कानून मुसलमानों के अधिकारों के लिए नहीं है, बल्कि उनके अधिकारों को छीनने के लिए बनाया गया है। मौलाना अमानुल्लाह रज़ा, मौलाना अब्बास, निज़ामुद्दीन राईन और अन्य विद्वानों, इमामों और बुद्धिजीवियों ने बात की।
महाराष्ट्र
मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना इजाजत जमा होने पर सीजेपी समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना इजाजत के इकट्ठा होने, नारे लगाने और घोषणाएं करने के आरोप में शनिवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मुंबई पुलिस के अनुसार, लगभग 400 से 500 अज्ञात समर्थक और प्रदर्शनकारी, जिनमें सीजेपी सदस्य अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहीरे, आशुतोष रंका, अभिजीत दिपके, सौरव दास, आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मलंगी और योगेश इंगले शामिल थे, ने दादर वेस्ट में मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के सामने शिवाजी पार्क ग्राउंड के गेट नंबर 6 पर बिना अनुमति के जमा हुए।
बताया जा रहा है कि यह जमावड़ा 2 अक्टूबर की शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुआ।
पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारी एक सार्वजनिक सड़क पर जमा हुए और नारे लगाए, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई। बिना जरूरी अनुमति के लाउडस्पीकर भी लगाए गए थे।
शुक्रवार को सीजेपी ने चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए अपना ‘जेल भरो’ विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।
भारी पुलिस तैनाती और शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन करने की औपचारिक अनुमति न मिलने के बावजूद हजारों नागरिक और समर्थक कार्यक्रम स्थल पर जमा हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निशाना बनाते हुए नारे लगाए गए।
आयोजकों द्वारा अपने आंदोलन का ‘सीजन 2’ बताए गए इस विरोध प्रदर्शन को मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे, जबकि दादर इलाके के कई हिस्सों में बैरिकेड्स लगाए गए थे।
इस प्रदर्शन को सार्वजनिक हस्तियों, बुद्धिजीवियों और बॉलीवुड हस्तियों का भी समर्थन मिला, जिन्होंने कार्यक्रम में भाग लिया और मतदान के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थानों के महत्व के बारे में बात की।
मौजूद लोगों में अभिनेता शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह के साथ-साथ संगीतकार विशाल ददलानी भी शामिल थे। इस सभा में शामिल लोगों ने वोटिंग के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
अभिनेता प्रकाश राज ने भी एक रिकॉर्डेड वीडियो मैसेज के जरिए अपना समर्थन दिया और नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की।
दिपके ने औपचारिक रूप से ‘जेल भरो’ आंदोलन का आह्वान किया और कहा कि वोटिंग के अधिकार की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होना एक मौलिक संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने के खिलाफ पुलिस की चेतावनियों को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को चुनौती भी दी।
दिपके ने कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आपने हमें सिर्फ तीन दिन के लिए जेल में डालने की बात कही थी। अगर आपने तीन महीने कहा होता तो पूरा मुंबई शहर पूरी तरह ठप हो जाता।”
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र से मानसून की और विदाई; कोंकण क्षेत्र के लिए गर्म और आर्द्र मौसम की चेतावनी

मुंबई प्रेस — भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के साथ-साथ उत्तर भारत के शेष हिस्सों, गुजरात और मध्य प्रदेश से पूरी तरह वापस चला गया है।
मानसून की वापसी की मौजूदा रेखा महाराष्ट्र में हरनई, बारामती, परभणी और ब्रह्मपुरी से होकर गुजर रही है, जो उत्तर-पूर्व में रायपुर, रांची और सुपौल तक फैली हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मराठवाड़ा, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों से मानसून की आगे की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
तटीय महाराष्ट्र के लिए गर्म और आर्द्र मौसम का अलर्ट
तटीय इलाकों के निवासियों को इस सप्ताहांत बढ़ती उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। आईएमडी ने 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक कोंकण और गोवा क्षेत्र में गर्म और आर्द्र (हॉट एंड ह्यूमिड) मौसम रहने की चेतावनी जारी की है।
इस शुष्क और उमस भरे दौर के बाद क्षेत्र में हल्की बारिश की गतिविधियां फिर से शुरू होने की संभावना है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट वर्षा होने का अनुमान जताया गया है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत का पूर्वानुमान
एक तरफ जहां देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों से मानसून विदा ले रहा है, वहीं दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, 5 और 6 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 3 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
मछुआरों और किसानों के लिए सलाह
अरब सागर के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण, आईएमडी ने मछुआरों को 3 अक्टूबर को केरल तट, लक्षद्वीप, मालदीव और कॉमोरिन क्षेत्र से सटे समुद्र में न जाने की सलाह दी है। साथ ही, भारी बारिश वाले क्षेत्रों के किसानों को फसलों को नुकसान से बचाने के लिए खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का परामर्श दिया गया है।
महाराष्ट्र
सीजेपी की अपील-धरना स्थल पर पहुंचें, सीएम फणडवीस का पलटवार-झूठी कहानी सफल नहीं होगी

मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर सीएम फडणवीस ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि फेक नैरेटिव बढ़ाने में कामयाबी नहीं मिलेगी। वहीं, सीजेपी के नेताओं ने मुंबई की जनता से धरनास्थल पर भारी संख्या में पहुंचने की अपील की।
मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम फडणवीस ने कहा कि मैं शुरू में ही यह साफ कर देना चाहता हूं कि सब कुछ पहले ही सामने आ चुका है। तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और विपक्ष की तथाकथित झूठी कहानी का पर्दाफाश हो चुका है। इसके बावजूद, इस झूठी कहानी को आगे बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन वे सफल नहीं होंगे।
भाजपा नेता परिणय फुके ने कहा कि सीजेपी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है। एक फाउंडेशन या संगठन है जो छात्रों से जुड़े नीट पेपर लीक के आरोपों के बाद शुरू हुआ था। चूंकि सीजेपी का कोई राजनीतिक अस्तित्व नहीं है और वे खुद कहते हैं कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे या ऐसा कुछ नहीं करेंगे, तो वे चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं। सीजेपी का यह विरोध उन लोगों का आंदोलन है जो भारत की तरक्की से जलते हैं। पिछले 12 सालों में देश ने अर्थव्यवस्था और क्रय शक्ति के मामले में चौथा स्थान हासिल किया है। देश में बड़े पैमाने पर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आ रहा है और बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण हो रहा है। कुछ विदेशी देश जो भारत और उसकी तरक्की से जलते हैं, वे इस आंदोलन को फंड कर रहे हैं।
वहीं, सीजेपी नेता सिद्धांत भारद्वाज ने कहा कि लोगों में वही जोश है जो जंतर-मंतर पर था। ये वही लोग हैं जो देश को बचाने के लिए आए हैं। भले ही राज्य, शहर या गांव बदल जाए लेकिन उनका जज्बा, उनके दिल और देश के प्रति उनका सम्मान वही रहता है। इसीलिए बड़ी संख्या में लोग पहले ही जमा हो चुके हैं। यहां कम से कम 40,000–50,000 लोगों के आने की उम्मीद है, और यह संख्या शायद एक लाख से भी ज्यादा हो सकती है। लोग बहुत उत्साहित हैं।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि अगर जेल जाने से 13 करोड़ लोगों के वोट वापस मिल सकते हैं और अगर जेल जाने से ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय हो सकती है, तो हम जेल जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ज्ञानेश कुमार इस देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। वोटर लिस्ट से 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने के लिए वही जिम्मेदार हैं। इस देश में अब तक किसी ने इससे बड़ा धोखा नहीं दिया है। हम उन्हीं 13 करोड़ लोगों के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। आज मुझे उम्मीद है कि मुंबई में हज़ारों लोग मौजूद रहेंगे और यहां भारी भीड़ जमा होगी। पिछले दो दिनों में हमने पूरे मुंबई का दौरा किया और लोगों में बहुत उत्साह है। वे इसे एक त्योहार और लोकतंत्र को बचाने की निर्णायक लड़ाई के तौर पर देख रहे हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि आज मुंबई का माहौल बहुत जबरदस्त होगा।
सीजेपी के प्रोटेस्ट को समर्थन देने आए एक डॉक्टर ने कहा कि एसआईआर में हुए घोटाले को लेकर ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके लिए कॉकरोच जनता पार्टी शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन कर रही है। मैं अपनी ओर से सहयोग करने के लिए आया हूं। एनसीपी (सपा) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ जो भी विरोध करेगा, हमारा समर्थन है।
कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि मैंने कल भी इजाजत के बारे में बात की थी। अगर गांधीजी ने अंग्रेजों से इजाजत मांगी होती और कहा होता कि ‘मुझे दो घंटे दीजिए; मैं दांडी मार्च करके वापस आ जाऊंगा,’ तो शायद हमें कभी क्रांति में सफलता नहीं मिलती और न ही कभी आजादी मिलती। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि मुंबई पुलिस हमारे साथ सहयोग करेगी।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ एक बहुत बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसमें देश के युवा बहुत बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। हमने कई सालों बाद मुंबई का जोश इतने बड़े पैमाने पर देखा। इसलिए, हमने सोचा कि इस बार हमें फिर से मुंबई आना चाहिए और मुंबई से ही शुरुआत करनी चाहिए। आज मेरी अपील है कि यह बहुत ही शुभ दिन है। आज गांधी जयंती है और मैं चाहता हूं कि पूरे देश के युवा एक बार फिर एकजुट हों, ठीक वैसे ही जैसे वे जंतर-मंतर 1.0 के दौरान हुए थे। सीजेपी 2.0 के साथ भी ऐसा ही होना चाहिए और हमें एक बहुत बड़ा विरोध प्रदर्शन करना चाहिए।
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