राजनीति
पंजाब के सीएम के चेहरे को चुनने के लिए केजरीवाल के फॉर्मूले का इस्तेमाल कर रही कांग्रेस
पंजाब में पुरानी पार्टी की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही हैं। जब से पार्टी ने सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तब से मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा करने की मांग उठ रही है।
आप से सबक लेते हुए कांग्रेस ने भी अपने कार्यकर्ताओं से संपर्क साधा है और शक्ति ऐप के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से जवाब मांगा है। ऐप को 2018 के चुनावों के दौरान फीडबैक लेने के लिए डिजाइन किया गया था और केवल पंजीकृत कांग्रेस कार्यकर्ता ही इसमें भाग ले सकते हैं और अपनी प्राथमिकताएं दर्ज कर सकते हैं। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी शीर्ष पद की दौड़ में सबसे आगे हैं।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस पार्टी में अन्य दावेदारों का विरोध करने और राज्य में पार्टी की संभावनाओं को पटरी से उतारने का जोखिम उठाएगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पंजाब के लुधियाना शहर से अपने आभासी संबोधन में मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा कर सकते हैं।
सुनील जाखड़ और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे अन्य दावेदार पहले ही विधायकों के बहुमत के समर्थन के बावजूद पद के लिए अनदेखी किए जाने पर अपनी नाराजगी दिखा चुके हैं। जाखड़ ने दावा किया है कि उनके पास 42 विधायकों का समर्थन है जबकि रंधावा ने 16 विधायकों का दावा किया है। दोनों के नवजोत सिंह सिद्धू के साथ अच्छे संबंध नहीं हैं और शीर्ष पद के लिए उनका चन्नी का समर्थन करने की संभावना है।
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू दोनों ने राहुल गांधी से आग्रह किया है कि वे चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा करें।
अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के बाद जालंधर से कांग्रेस के चुनाव अभियान की शुरूआत करने वाले राहुल गांधी ने कहा कि दोनों (चन्नी और सिद्धू) ने मुझे आश्वासन दिया है कि जो भी सीएम का चेहरा होगा, वे मदद करेंगे।
उनके आश्वासन के साथ, नवजोत सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच सत्ता संघर्ष चल रहा है, जो राज्य के पहले दलित मुख्यमंत्री हैं।
वर्तमान में, मतदाताओं को अपनी राय देने के लिए टेली-कॉल मिल रहे हैं कि कांग्रेस को अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में किसे नामित करना चाहिए।
इससे पहले राहुल गांधी के सहयोगी निखिल अल्वा ने एक ट्विटर पोल किया था, जिन्होंने पोल में पूछा था कि पंजाब में कांग्रेस के सीएम का चेहरा कौन होना चाहिए। लगभग 69 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के पक्ष में मतदान किया, इसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू को 12 प्रतिशत और सुनील जाखड़ ने 9 प्रतिशत मत प्राप्त किए थे।
अल्वा, जो राहुल गांधी के साथ हैं और उनके सोशल मीडिया आउटरीच की देखभाल करते हैं, मार्गरेट अल्वा के बेटे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अल्वा ने कहा कि राजनीतिक विवेक रखने वाले लोगों से राजनीतिक फीडबैक लेने के लिए यह एक अच्छा मंच है, इसमें कोई बुराई नहीं है।
पंजाब में, आप ने भगवंत मान को अपने सीएम उम्मीदवार के रूप में नामित किया है, क्योंकि उनके नाम को अरविंद केजरीवाल ने लोगों से 21 लाख से अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के बाद मंजूरी दे दी थी, जिनमें से 93 प्रतिशत ने मान का समर्थन किया था।
पंजाब में एक ही चरण में 20 फरवरी को मतदान होगा और मतों की गिनती 10 मार्च को होगी।
राजनीति
अशुतोष रांका और सौरव दास मामले में सुनवाई पूरी, एसईएम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़े मामले की सुनवाई एसईएम कोर्ट में समाप्त हो गई है। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और जल्द ही फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस ने उनकी न्यायिक हिरासत को तीन दिन बढ़ाने का अनुरोध किया है।
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने न्यायिक हिरासत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका को बुधवार को वापस ले लिया था। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) की कोर्ट ने उन्हें 21 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ सौरव और आशुतोष दिल्ली हाई कोर्ट गए थे।
दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका की उम्र का जिक्र हुआ। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने बताया कि सौरव दास 27 साल और आशुतोष रांका 31 साल के हैं। इसके बाद हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, “तो ये जेन-जी नहीं हैं।” जज ने यह भी पूछा कि ‘मिलेनियल्स’ और ‘जेन-जी’ की उम्र का दायरा क्या है?
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत से जुड़ी याचिका पर हाई कोर्ट ने कहा कि जब शांति भंग होने की आशंका होती है तो आप कौन हैं, क्या करते हैं, और आपकी मंशा क्या है? ये सभी सवाल अहम हो जाते हैं। विरोध करने का अधिकार है, इसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन जब मजिस्ट्रेट शांति भंग होने की आशंका पर विचार करता है तो ये सभी सवाल महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
कोर्ट ने कहा कि पहले यह छात्रों का प्रदर्शन था, जिसमें बच्चे और छात्र शामिल थे। अब प्रदर्शन का मुद्दा बदल गया है। लोग वही हैं, लेकिन उनकी मांग और प्रदर्शन का उद्देश्य बदल गया है, इसलिए यह सवाल भी अहम हो जाता है कि आप असल में कौन हैं और आपकी पहचान क्या है? आपका संगठन क्या है? उसका असली मकसद क्या है? कोर्ट ने आगे कहा कि जब शांति भंग होने की आशंका हो तो इन सभी सवालों का महत्व बढ़ जाता है।
हाई कोर्ट ने कहा कि अगर किसी ग्रुप के लोग बार-बार अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते हैं तो यह सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है कि उनके प्रदर्शन का उद्देश्य क्या है। साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि वो इन मुद्दों पर अभी सुनवाई नहीं कर रहा है। अभी अदालत के सामने सीमित सवाल यह है कि बॉन्ड देने की शर्त लागू करने की मांग उचित है या नहीं।
इसके बाद कोर्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका के वकील ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। इसके बाद हाई कोर्ट ने वकील को याचिका वापस लेने की इजाजत दी। इसी के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका ने एसईएम कोर्ट के न्यायिक हिरासत के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका वापस ले ली।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर को दास और रांका को हिरासत में लिया था। आरोप है कि वे जंतर-मंतर पर लगे बैरिकेड्स के गेट फांदकर अंदर घुस गए थे। 14 अक्टूबर को उन्हें पांच दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। 19 अक्टूबर को हिरासत की अवधि दो और दिनों के लिए बढ़ा दी गई।
अपराध
जम्मू में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 804 ग्राम हेरोइन और 1.114 किलो अफीम बरामद

जम्मू पुलिस ने ‘ऑपरेशन संजीवनी’ के तहत भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने अरनिया सेक्टर के तलहार गांव इलाके से 804 ग्राम हेरोइन और 1.114 किलोग्राम अफीम बरामद की।
यह मामला तब सामने आया, जब आरएस पुरा पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि कोटली मिर्डियन (तहसील सुचेतगढ़, जिला जम्मू) का रहने वाला सनी कुमार (26) अपने गांव में एक खाई के पास नशीले पदार्थों का सेवन कर रहा है। इसके आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/27 के तहत एफआईआर नंबर 186/2026 दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।
जांच और पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि वह नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक ऐसे गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जिसका संबंध ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ गिराने की घटना से है। मिली जानकारी के आधार पर, आरएस पुरा के एसएचओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच को आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप अरनिया सेक्टर के तलहार इलाके से 804 ग्राम हेरोइन और 1.114 किलोग्राम अफीम बरामद हुई।
शुरुआती जांच से पता चलता है कि इसमें सीमा पार का एक नेटवर्क शामिल है, जो भारतीय क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करता है। पुलिस इस नेटवर्क के पीछे और आगे के संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खेप कहां से आई थी, इसे किसे पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
नशीले पदार्थों की तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करने के लिए पुलिस की ओर से आगे की जांच जारी है। वहीं, जम्मू पुलिस नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क को खत्म करने और लगातार व सख्त कार्रवाई के जरिए ‘नार्को-टेरर’ के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अपराध
मुंबई: गरबा खेलने जाने से नाराज पति ने पत्नी पर चाकू से किया हमला, आरोपी गिरफ्तार

मुंबई से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, पवई इलाके में गरबा खेलने जाने से नाराज पति ने अपनी पत्नी पर चाकू से हमला किया है। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना महात्मा फुले नगर, आईआईटी पवई इलाके में केडी अस्पताल के सामने समता मित्र मंडल के पास हुई। पीड़िता की पहचान वैशाली महेश रजत (30) के रूप में हुई है, जो गरबा खेलने गई थीं। इसी बात से नाराज होकर उसके पति महेश सुभाष रजत (35) ने उसके पेट में चाकू घोंप दिया और उसकी हत्या करने की कोशिश की।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पार्कसाइट पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 109(1) और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
चाकूबाजी की इसी प्रकार की एक दूसरी घटना नई दिल्ली से सामने आई, जहां मौर्य एनक्लेव पुलिस ने हत्या के मामले में चार नाबालिगों को हिरासत में लिया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है।
दरअसल, मंगलवार को मौर्य एनक्लेव पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली कि पीतमपुरा के क्यूयू ब्लॉक स्थित चौधरी डेयरी के पास किसी को चाकू मार दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घायलों को बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने एक को मृत घोषित कर दिया, जिसकी पहचान अरुण के रूप में हुई है। वहीं, दूसरे मरीज की पहचान आशु के रूप में हुई है, जिसे चाकू लगने से चोटें आई हैं।
जांच के दौरान पता चला कि यह घटना कथित तौर पर एक लड़की से जुड़े विवाद के कारण हुई थी। इस मामले को लेकर हुई बहस के बाद आरोपियों ने दोनों पीड़ितों पर खंजर से हमला कर दिया।
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