अंतरराष्ट्रीय समाचार
जयशंकर और जॉर्जिया की विदेश मंत्री ने की मुलाकात, व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर हुई चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई के अबू धाबी में आयोजित ‘रायसीना मिडिल ईस्ट’ कार्यक्रम के दौरान जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोचोरिशविली से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोचोरिशविली से मिलकर खुशी हुई। व्यापार, पर्यटन और शिक्षा सहित हमारे संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। हमने कारोबार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की। साथ ही मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी बात हुई।”
दोनों नेताओं ने राजनीतिक संवाद को मजबूत बनाने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति समेत अन्य साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
माका बोचोरिशविली ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, “अबू धाबी में रायसीना मिडिल ईस्ट के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिलकर खुशी हुई। हमने राजनीतिक संवाद को मजबूत करने, आर्थिक संबंधों को विस्तार देने और पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति तथा अन्य साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।”
रायसीना मिडिल ईस्ट का दूसरा संस्करण 14-15 अक्टूबर को अबू धाबी में आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) ने यूएई के विदेश मंत्रालय और भारत के विदेश मंत्रालय के सहयोग से किया है।
इस समय जयशंकर आधिकारिक यात्रा पर यूएई में हैं। इस दौरान उन्होंने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक के बाद जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ बेहद गर्मजोशी और सकारात्मक माहौल में मुलाकात हुई। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भावना के तहत द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।”
जयशंकर बुधवार को अबू धाबी पहुंचे थे, जहां यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने उनका स्वागत किया।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
जयशंकर ने यूएई के विदेश मंत्री अल-नाहयान से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर आधिकारिक दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचे, जहां उन्होंने अपने समकक्ष अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई संबंधों और कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ गर्मजोशी और सार्थक मुलाकात हुई। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भावना के तहत द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।”
विदेश मंत्री बुधवार को अबू धाबी पहुंचे, जहां यूएई की मंत्री रीम अल हाशिमी ने उनका स्वागत किया।
इससे पहले, जयशंकर ने ‘रायसीना डायलॉग’ के मध्य पूर्व सत्र ‘द वर्ल्ड अहेड: पावर, पर्पज एंड पॉसिबिलिटी’ में अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ हिस्सा लिया। नाहयान यूएई के उप प्रधानमंत्री भी हैं। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की और बहुपक्षीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया।
जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा कि बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दुनिया की व्यवस्था तेजी से बदल रही है। यह बदलाव लंबे समय से चल रहे रुझानों और हाल की घटनाओं, दोनों का नतीजा है।
उन्होंने कहा, “हर देश अपनी परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देता है। इसी वजह से नए साझेदारों और नए विकल्पों की तलाश स्वाभाविक है।”
जयशंकर ने कहा कि आज की साझेदारियां पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर अधिक रणनीतिक समझ विकसित करने की मांग करती हैं।
उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार बहुत जरूरी है और इसे छोटे लेकिन मजबूत सहयोगी समूहों के जरिए समर्थन दिया जा सकता है। पिछले एक दशक में भारत-यूएई साझेदारी इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे दोनों देशों ने बदलते वैश्विक माहौल के अनुसार खुद को ढाला है।
उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ईरान में जारी संघर्ष और यमन में हूती समूह तथा सऊदी अरब के बीच बढ़े तनाव ने क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
इस बीच, रविवार को दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने जानकारी दी कि ‘एमटी जेम नंबर 2’ नामक कच्चे तेल के टैंकर में हुए हादसे के बाद 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को रस अल खैमाह तट के पास सुरक्षित बचा लिया गया।
वाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर कहा, “हमें ‘एमटी जेम नंबर 2’ जहाज से जुड़े हादसे की जानकारी मिली, जिसमें 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। सभी को सुरक्षित बचा लिया गया है। दूतावास यूएई अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दी जा रही है।”
वहीं, फ्लाइदुबई की उड़ान एफजेड1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार, जिन्होंने विमान में सह-पायलट के हमले का सामना करते हुए 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी, इस समय अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
यूएन में भारत का सख्त बयान, ओएचसीएचआर के दोहरे मानदंड पर उठाए सवाल

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में मानवाधिकार उच्चायुक्त के साथ ‘इंटरैक्टिव डायलॉग’ के दौरान प्रथम सचिव अनुज स्वरूप ने भारत का बयान रखते हुए ओएचसीएचआर के चयनात्मक रवैये और दोहरे मानदंडों को लेकर आगाह किया और साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों पर रिपोर्ट की मांग की।
अनुज स्वरूप ने मानवाधिकार परिषद में भारत के सदस्य के रूप में अपनी रचनात्मक और सकारात्मक भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) की ओर से चुनिंदा मुद्दों पर ध्यान देने और दोहरे मानदंड अपनाने से बहुपक्षीय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है। साथ ही भारत ने यह भी दोहराया कि वह उच्चायुक्त के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत ने पाकिस्तान पर एक ओएचसीएचआर रिपोर्ट जारी करने की मांग की, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की ओर से लोगों की हत्या के मामलों की निष्पक्ष जांच, हिरासत में रखे गए आवामी एक्शन कमेटी के नेताओं को कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक अधिकार दिए जाने और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं पर लगी सभी पाबंदियां हटाने जैसे मुद्दों को शामिल करने की बात कही।
भारत ने पाकिस्तान से कहा कि वह इस बात पर आत्ममंथन करे कि उसके देश के कई हिस्सों, खासकर उसके अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में, मानवाधिकारों का किस तरह उल्लंघन हो रहा है।
प्रथम सचिव ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है और इस दिशा में निष्पक्षता तथा पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया गया था। स्थायी मिशन के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर बेदी ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर परमाणु हथियारों की धमकी से दबने वाला नहीं है। बेदी ने कहा कि भारत परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा और किसी भी आतंकी हमले का जवाब देगा।
उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत के खिलाफ होने वाले किसी भी आतंकी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। भारत आतंकवाद को समर्थन देने वालों और उसकी साजिश रचने वालों के बीच कोई फर्क नहीं करेगा।
बेदी ने कहा कि पिछले साल पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद किया गया था। पहलगाम हमले में पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।
उन्होंने कहा कि भारत ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। साथ ही, यह भी कहा कि ये कदम संतुलित, सटीक और हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए उठाए गए थे।
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सऊदी अरब में भारतीयों की तादाद ठीक-ठाक, दूतावास कर रहा हरसंभव मदद : विदेश मंत्रालय

भारत ने सऊदी अरब पर हो रहे मिसाइल हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक नागरिक या सार्वजनिक ठिकानों को निशाना बनाना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। बिगड़ते हालात के भारतीय दूतावास की तरफ से अपने नागरिकों को पहुंचाई जा रही हरसंभव मदद का भी उल्लेख किया।
बुधवार को पाक्षिक प्रेस ब्रीफिंग में एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हुए हमले को लेकर कहा, “सऊदी अरब पर कई हमले हुए हैं। कल अरामको मुख्यालय पर भी हमला हुआ। हम सऊदी अरब में आम लोगों के बुनियादी ढांचे पर हुए ऐसे सभी हमलों की निंदा करते हैं। हमारा मानना है कि ये हमले तुरंत बंद होने चाहिए। ये बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं। हम सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की जनता और सरकार के साथ खड़े हैं, और हमें उम्मीद है कि इस इलाके में जल्द ही शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।”
प्रवक्ता ने वहां रह रहे भारतीयों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “सऊदी अरब में हमारा दूतावास भारतीय समुदाय के लगातार संपर्क में है और उनकी भलाई के लिए एडवाइजरी जारी की है। हवाई अड्डों पर हमलों के कारण उड़ानों के शेड्यूल पर असर पड़ा है, जिससे भारतीय एयरलाइंस, खासकर रियाद, दम्मम, मदीना और जेद्दा से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हुई हैं। लेकिन कुछ सऊदी एयरलाइंस आ जा रही हैं। दूतावास यात्रियों और फंसे हुए लोगों को ताजा जानकारी दे रहा है। कह सकते हैं कि विकल्प तो हैं लेकिन साथ में दिक्कतें भी मौजूद हैं।”
हवाई अड्डे हमले में पीड़ितों, भारतीय प्रवासियों और धार्मिक यात्रा को लेकर पूछे सवाल पर जायसवाल ने कहा, “10 अक्टूबर के हमले में 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक की दुर्भाग्य से मौत हो गई। परिवार की इच्छानुसार, दूतावास की मदद से रियाद में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बाकी 11 घायलों में से तीन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि आठ अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से चार आईसीयू में हैं। दूतावास के अधिकारी लगातार उनसे मिल रहे हैं और पीड़ित परिवारों के संपर्क में हैं। वहां भारतीय प्रवासियों और यात्रियों की संख्या ठीक-ठाक है और हम विदेश में अपने नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा की खातिर हर संभव मदद करने को तत्पर हैं।”
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