Connect with us
Saturday,03-October-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

गया जी के देवघाट पर विदेशी तीर्थयात्रियों ने किया पिंडदान, पितरों की मोक्ष की कामना

Published

on

मोक्ष की भूमि के रूप में विख्यात गया में चल रहे पितृ पक्ष मेले का आकर्षण अब सात समुंदर पार तक पहुंच गया है। इस वर्ष पितृ पक्ष 2026 के पावन अवसर पर रूस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल नीदरलैंड समेत कई देशों से आए 48 विदेशी तीर्थयात्रियों ने देवघाट पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पूरे विधि-विधान के साथ पिंडदान किया।

विदेशी तीर्थयात्रियों के साथ आए पुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पावन तिथि पर विदेश से आए श्रद्धालु गया के वातावरण और यहां की व्यवस्थाओं से अत्यंत संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि इटली, जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल और नीदरलैंड जैसे देशों से आए लोग यहां के पवित्र माहौल में आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सहयोग की जो व्यवस्था की गई है, उससे भी संतुष्ट हैं। पुरोहित ने कहा कि गया की यह धरती ही इतनी पवित्र और शक्तिशाली है कि यहां आकर हर किसी को आध्यात्मिक शांति मिलती है।

उन्होंने बताया कि इस बार कुल 48 विदेशी श्रद्धालु पिंडदान के लिए आए हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पिंडदान कराना संभव नहीं होने के कारण उन्हें तीन समूहों में बांटा गया है। पहले दिन 22 लोगों ने, दूसरे दिन 8 लोगों ने और तीसरे दिन बाकी के लोग पिंडदान करेंगे। ये सभी श्रद्धालु अपने दिवंगत परिजनों – किसी ने अपने पति को खोया है, किसी ने अपने बच्चों को, तो किसी ने अपनी बहन या मां को – उनकी आत्मा की शांति के लिए इस मोक्ष भूमि पर आए हैं।

पुरोहित ने बताया कि आने वाले समय में अफ्रीका से भी श्रद्धालुओं के जत्थे के गया आने की उम्मीद है।

पिंडदान करने आई रूस की एक महिला श्रद्धालु क्सेनिया ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “मैं इस विशेष अनुभव के लिए गया आई हूं। मुझे पूरी उम्मीद है कि यह अनुष्ठान मेरे दिवंगत माता-पिता, दादी और दादाजी की आत्मा के लिए बहुत फलदायी होगा। गया में यह मेरा पहला अनुभव है और मैं पहली बार यहां आई हूं। मुझे विश्वास है कि सब कुछ बहुत अच्छा होगा।”

एक अन्य विदेशी महिला श्रद्धालु एलेक्जेंड्रा, जो जर्मनी के बर्लिन में रहती हैं, ने कहा कि गया एक बेहद पवित्र भूमि है। उन्होंने कहा, “यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। हम देखते हैं कि यहां लोग अपनी परंपराओं का कितना सम्मान करते हैं। हमें यहां बहुत ही स्वागत और सुरक्षित महसूस हो रहा है। हम यहां आने का अवसर मिलने के लिए बहुत आभारी हैं।”

एलेक्जेंड्रा ने बताया कि वह हिंदू परंपराओं के बारे में अध्ययन कर चुकी हैं और यह उनका दूसरी बार गया आना है। तीन साल पहले भी वह पिंडदान के लिए आई थीं। इस बार वह अपने साथ और भी लोगों को लेकर आई हैं, जो हिंदू परंपरा और पूर्वजों को सम्मान देने वाले इस अनुष्ठान में गहरी रुचि रखते हैं।

उन्होंने कहा, “लोग समझते हैं कि पितरों को सम्मान देने से न केवल उनके जीवन में बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन में भी सकारात्मक लाभ होता है, इसलिए वे इसे करना चाहते हैं। दुनिया में बहुत से लोग हर जगह घूमते हैं, लेकिन गया की इस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य बहुत कम समूहों को ही मिलता है। इसलिए हम सभी यहां आकर खुद को बहुत विशेष और धन्य महसूस कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि भले ही यह उनके लिए एक अलग संस्कृति है और शुरुआत में वे थोड़ा असहज थीं, लेकिन यहां के लोगों का व्यवहार बहुत ही अच्छा रहा। उन्होंने कहा, “यहां के लोग बहुत स्वागत करने वाले हैं, हमें देखकर मुस्कुराते हैं और उत्सुकता से सवाल पूछते हैं, इसलिए अब हम यहां बहुत सहज महसूस कर रहे हैं।”

राजनीति

कर्नाटक में सूखे का जायजा लेने पहुंची केंद्रीय टीम, तीन दिन के दौरे के बाद निष्पक्ष रिपोर्ट का दिया भरोसा

Published

on

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को बताया कि केंद्रीय सूखा आकलन टीम कर्नाटक का तीन दिन का दौरा करेगी। टीम जमीनी हालात का जायजा लेगी और राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा दिए गए डेटा और फील्ड में की गई पड़ताल के आधार पर एक निष्पक्ष रिपोर्ट सौंपेगी। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव और टीम के प्रमुख अजीत कुमार साहू ने यह भरोसा दिलाया है।

साहू ने शनिवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के ऑफिस-कम-रेसिडेंस ‘कृष्णा’ में हुई बैठक के दौरान यह भरोसा दिलाया। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ नियमों के तहत कर्नाटक के लिए सूखे से राहत के तौर पर 3,705.30 करोड़ रुपए की मांग की थी।

मुख्यमंत्री की मांग का जवाब देते हुए साहू ने कहा कि केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम तीन दिनों तक राज्य का दौरा करेगी, जमीनी हकीकत का जायजा लेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपने से पहले राज्य सरकार के अधिकारियों से जरूरी डेटा इकट्ठा करेगी।

यह बैठक तब हुई जब केंद्र की टीम राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति और फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए कर्नाटक पहुंची।

शिवकुमार ने केंद्र की टीम को बताया कि कर्नाटक सूखे की गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है, जिससे किसान और आम जनता परेशान हैं। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि एनडीआरएफ नियमों के अनुसार राज्य को सूखे से राहत के लिए 3,705.30 करोड़ रुपए दिए जाएं।

उन्होंने कहा कि केंद्र के आपदा प्रबंधन दिशानिर्देशों के अनुसार वैज्ञानिक आकलन के बाद कर्नाटक के 240 तालुकों में से 217 को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है।

उन्होंने कहा, “बिना किसी दबाव में आए, केंद्र सरकार के आपदा प्रबंधन दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए और बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से आकलन करके सूखा प्रभावित तालुकों की पहचान की गई।”

शिवकुमार ने कहा कि किसानों की परेशानी के राज्य की अर्थव्यवस्था और समाज पर व्यापक असर पड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा, “अगर किसान परेशान हैं, तो सब कुछ ठप हो जाता है। इसलिए, केंद्र सरकार को कर्नाटक के किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।”

स्थिति को चिंताजनक बताते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि अपने और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के चार दशकों के सार्वजनिक जीवन में, उन्होंने लोगों को इतनी गंभीर मुश्किलों का सामना करते हुए कभी नहीं देखा।

उन्होंने कहा, “यह बहुत चिंताजनक स्थिति है।” उन्होंने आगे कहा कि राज्य ने चुने हुए प्रतिनिधियों और किसानों की समस्याओं को समझने के लिए एक विशेष सत्र बुलाया था, जिसमें 150 विधायकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं के बारे में बात की।

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि कृष्णा बेसिन को छोड़कर राज्य के ज्यादातर हिस्सों में जलाशयों में पानी की आवक कम है। उन्होंने कहा कि मलनाड और तटीय इलाकों में भी बारिश की भारी कमी देखी जा रही है।

उन्होंने शहरी इलाकों में पानी की स्थिति की ओर भी इशारा किया और कहा कि राज्य पर पानी की उपलब्धता को लेकर दबाव है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कावेरी जल समिति कर्नाटक को कावेरी नदी में पानी छोड़ने का निर्देश दे रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए 2,500 रुपए की राहत राशि की घोषणा की थी, लेकिन राज्य को केंद्र से और अधिक मदद की उम्मीद थी।

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि मंत्रियों ने जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए जिलों का दौरा किया है, जबकि अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में एहतियाती और राहत के उपाय किए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक दौरे के दौरान राज्य को सूखे की स्थिति के बारे में आगाह किया था और उसके बाद उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों और अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

उन्होंने कहा कि बारिश की स्थिति को देखते हुए किसानों को बुवाई के फैसलों के बारे में भी सलाह दी गई है।

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि किसान भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, जबकि गन्ना उत्पादक ज्यादा कीमत की मांग कर रहे हैं। दूध उत्पादक भी दूध की कीमतों में कम से कम 10 रुपए की बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “इस मुश्किल हालात में केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना चाहिए।”

बैठक में उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर, मुख्य सचिव शालिनी रजनीश, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार एल.के. अतीक, अतिरिक्त मुख्य सचिव और विकास आयुक्त डॉ. उमा महादेवन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरिनाथ, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रितेश कुमार सिंह, राजस्व विभाग (आपदा प्रबंधन) के प्रधान सचिव मनोज कुमार मीना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

Continue Reading

राजनीति

यूपी में सपा ने बदले दो एमएलसी उम्मीदवार, अखिलेश बोले-अनुभवी चेहरों के आने से जीत पक्की

Published

on

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अचानक अपने दो उम्मीदवार बदल दिए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रकाश चंद्र गुप्त की जगह पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की है। दोनों बदलावों को अखिलेश यादव ने संबंधित नेताओं की सहमति से लिया गया फैसला बताया।

अखिलेश यादव ने नए प्रत्याशियों का स्वागत करते हुए पहले घोषित उम्मीदवारों कमलेश यादव और प्रकाश चंद्र गुप्त, उनके परिवारों तथा समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों ने जिस तरह पार्टी के फैसले में सहयोग किया है, उसके लिए वह उनके हमेशा आभारी रहेंगे। अखिलेश ने यह भी कहा कि समय आने पर दोनों को उचित सम्मान दिया जाएगा। सपा ने इससे पहले गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर कमलेश यादव और आगरा शिक्षक सीट पर प्रकाश चंद्र गुप्त को प्रत्याशी घोषित किया था। अब पार्टी ने दोनों सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारा है।

23 अक्टूबर को इन सीटों समेत विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए मतदान होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। अखिलेश यादव ने कहा कि दोनों अनुभवी नेताओं के आने से पार्टी को चुनाव में मजबूती मिलेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से नए प्रत्याशियों के साथ पूरी ताकत से जुटने और पार्टी के सभी उम्मीदवारों को जिताने की अपील की। गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर डॉ. संजयन त्रिपाठी का नाम सामने आना खास तौर पर महत्वपूर्ण है। चुनावी घटनाक्रम के दौरान त्रिपाठी भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे।

भाजपा द्वारा ध्रुव त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्होंने पार्टी से दूरी बनाई थी और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद अब सपा ने उन्हें अपने उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. आकाश अग्रवाल पहले निर्दलीय एमएलसी रह चुके हैं। उनका कार्यकाल भी इस चुनाव के साथ समाप्त होने वाली सीटों में शामिल है। ऐसे में सपा का उन्हें उम्मीदवार बनाना क्षेत्र में उनके चुनावी अनुभव को साथ जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने गलत तरीके से वोट बनवाए हैं। साथ ही उन्होंने पिछले 10 वर्षों के शासन, प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने गोरखपुर में सड़क पर पानी भरे होने का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने वाले व्यक्ति के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने का दावा किया। उन्होंने संतकबीरनगर में एक पहलवान की हत्या का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं। उन्होंने पुलिस व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में पुलिस व्यवस्था खराब हो चुकी है।

सपा अध्यक्ष ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को भी आगामी चुनावों के प्रमुख मुद्दों में शामिल करने के संकेत दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ीं और सरकारी नौकरियों में भेदभाव हुआ। अखिलेश यादव ने कहा कि तदर्थ शिक्षक, वित्तविहीन शिक्षक, शिक्षामित्र और पुरानी पेंशन योजना जैसे मुद्दों को समाजवादी पार्टी अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ भेदभाव बड़ा सवाल है और पार्टी इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गरीबों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। अखिलेश यादव ने सपा के पीडीए-पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक-सामाजिक गठजोड़ को भी चुनावी विमर्श के केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने इंडिया ब्लॉक के साथ भाजपा को हराया था और आगामी चुनाव में पीडीए की ताकत के सामने भाजपा टिक नहीं पाएगी।

उन्होंने कहा कि सपा के पीडीए में प्रेम, दया और अपनापन है तथा पार्टी हर दुखी, पीड़ित और अपमानित व्यक्ति के साथ खड़ी है। उन्होंने भाजपा पर समाज के विभिन्न वर्गों के साथ अन्याय और भेदभाव करने का आरोप लगाया। सपा अध्यक्ष ने नई पीढ़ी और जेन-जी के बीच रोजगार को लेकर चिंता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास पर्याप्त नौकरी और रोजगार के अवसर नहीं हैं तथा बेरोजगारी बढ़ रही है। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान युवाओं को लैपटॉप दिए गए थे और आज वही युवा मोबाइल और लैपटॉप के जरिए सरकार से सवाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी विकास चाहती है और पार्टी इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

इंडिया ब्लॉक के दल संतरे की तरह एक जैसे दिखते हैं, पर अंदर से सब अलग हैं : रामकृपाल यादव

Published

on

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने शनिवार को कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस द्वारा एमएलसी चुनाव में राजद के खिलाफ उम्मीदवार उतारने पर मंत्री रामकृपाल यादव ने इंडिया ब्लॉक पर हमला बोला।

उन्होंने आईएएनएस से कहा, “स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से विधान परिषद के चुनाव हो रहे हैं। मेरा मानना है कि ये तथाकथित इंडिया ब्लॉक फेल साबित हुआ है। अब राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस पार्टी और अन्य दलों में कोई तालमेल नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने भी पांच उम्मीदवार उतारे हैं, कहां है तालमेल?”

उन्होंने कहा, “ये एक साथ रह ही नहीं सकते। विचारों का मेल नहीं है। सिर्फ दिखावट करने के लिए इंडिया ब्लॉक है। ये संतरे की तरह है। बाहर से देखने में एक जैसे दिखते हैं, अंदर से अलग-अलग हैं। ये कभी एक साथ नहीं रह सकते।”

गुजरात में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर मंत्री रामकृपाल यादव ने इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा, “हम माननीय राष्ट्रपति द्वारा यूसीसी को मंजूरी देने का स्वागत करते हैं। गुजरात में भी यूसीसी लागू हो रहा है, जो इसे लागू करने वाला दूसरा राज्य बन जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना है कि जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा है, हमारी सरकार यूसीसी को लागू करने के प्रयास करेगी।”

कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर बिहार सरकार के मंत्री ने कहा, “कैप्टन स्मित ने देश का नाम बहुत रोशन किया है और भारतीय होने की भावना दिखाई है कि हम दूसरों की रक्षा करते हैं। हम दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, यह भावना भारतीयों के खून में है। प्रधानमंत्री मोदी देश के हर बहादुर बेटे की सराहना करते हैं।”

उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से बात करके पूरे हिंदुस्तान के उन जवानों को संदेश दिया है जो विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। देश की रक्षा कर रहे हैं, चाहे वह किसी भी फील्ड में हो। देश की शान बढ़ाने के लिए शुभकामनाएं दी हैं।”

एशियन गेम्स 2026 में भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहे मुकाबले पर रामकृपाल यादव ने कहा, “सबसे पहले मैं एशियन गेम्स में अच्छे प्रदर्शन और कई पदक जीतने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं देना चाहता हूं, खासकर महिला खिलाड़ियों को। देश की बेटियों ने हमें गौरवान्वित किया है और स्वर्ण पदक जीते हैं। मैं उन सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।”

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर उन्होंने कहा, “जहां तक एशियन गेम्स में भारत और पाकिस्तान के बीच हो रहे क्रिकेट मैच की बात है, मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तान हारेगा और भारत जीतेगा।”

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र8 minutes ago

मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना इजाजत जमा होने पर सीजेपी समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज

मनोरंजन16 minutes ago

शाहरुख खान ने कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की, बोले- जरूरत के वक्त मजबूती से डटे रहे

खेल24 minutes ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

खेल27 minutes ago

नायरा एनर्जी ने पेट्रोल का दाम 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाई

राजनीति2 hours ago

कर्नाटक में सूखे का जायजा लेने पहुंची केंद्रीय टीम, तीन दिन के दौरे के बाद निष्पक्ष रिपोर्ट का दिया भरोसा

राजनीति2 hours ago

यूपी में सपा ने बदले दो एमएलसी उम्मीदवार, अखिलेश बोले-अनुभवी चेहरों के आने से जीत पक्की

महाराष्ट्र2 hours ago

महाराष्ट्र से मानसून की और विदाई; कोंकण क्षेत्र के लिए गर्म और आर्द्र मौसम की चेतावनी

व्यापार3 hours ago

जी7 देश 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल करेंगे जारी, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति

राष्ट्रीय समाचार4 hours ago

इंडिया ब्लॉक के दल संतरे की तरह एक जैसे दिखते हैं, पर अंदर से सब अलग हैं : रामकृपाल यादव

राजनीति5 hours ago

राहुल गांधी ने ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म किया लॉन्च, बोले- देशभर में लोग अपने हक के लिए अकेले लड़ रहे हैं

राजनीति3 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

अपराध4 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल4 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन4 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

मनोरंजन3 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

मनोरंजन4 weeks ago

‘मिर्जापुर: द मूवी’ रिलीज पर इमोशनल हुए अली फजल, टीम और फैंस का जताया आभार

राजनीति4 weeks ago

दिल्ली में इमारत गिरने का मामला: मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी

रुझान