राजनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को करेंगे असम का दौरा, कई परियोजनाओं की देंगे सौगात
pm modi
नई दिल्ली, 12 मार्च : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर 13 मार्च को असम जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री असमवासियों को बड़ी सौगात दे सकते हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास शामिल है। प्रधानमंत्री राज्य को करीब 10 हजार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक प्रधानमंत्री गुवाहाटी, कोकराझार और सिलचर में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और जनसभाओं को संबोधित करेंगे। असम सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस दौरान चाय बागान के मजदूरों को भूमि अधिकार प्रमाणपत्र देने का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें भी पीएम मोदी शामिल हो सकते हैं। कई मजदूर परिवार पिछले लगभग 200 वर्षों से जमीन के औपचारिक स्वामित्व का इंतजार कर रहे थे।
इसके साथ ही गुवाहाटी में 13 मार्च को आयोजित कार्यक्रम में पीएम किसान योजना की अगली किस्त जारी करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए एनडीए सरकार के विकास योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे।
सीएम सरमा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री 150 मेगावाट की कोपिली जलविद्युत परियोजना को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसे राज्य सरकार ने पूरा किया है। गुवाहाटी से वे करीब 10,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को समर्पित करेंगे।
इसके बाद 14 मार्च को सुबह 11 बजे वे सिलचर में रहेंगे और 22,000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले सिलचर-शिलांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस हाईवे का शिलान्यास करने के साथ भी कुछ परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद कोलकाता के लिए रवाना हो जाएंगे।
वहीं, 15 मार्च को अमित शाह असम आएंगे। वह सुबह करीब 10 बजे वे प्रागज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे और इसके बाद गुवाहाटी में भाजपा के ‘युवा संकल्प समावेश’ में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री के दौरे को असम के विकास और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज से जुड़े ट्राई के फैसले पर सांसद राघव चड्ढा ने जताई खुशी, किया सरकार का धन्यवाद

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उपभोक्ताओं को राहत के लिए मोबाइल रिचार्ज से जुड़े भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के फैसले पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारत में प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए अच्छी खबर है।
सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “सरकार ने हाल ही में ‘टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026’ पेश किए हैं, जिससे ग्राहकों को कई सुविधाएं मिलेंगी।”
उन्होंने बताया कि 30 दिन के रिचार्ज प्लान से साल में 13 बार रिचार्ज कराने की जरूरत घटकर 12 बार रह जाएगी। इसके अलावा, सिर्फ वॉइस और एसएमएस वाले प्लान होंगे, उन लोगों के लिए, जिन्हें डेटा की जरूरत नहीं है। कम बजट वाले ग्राहकों के लिए अधिक सही विकल्प होंगे, जिन्हें मुख्य रूप से बेसिक वॉइस कॉल की जरूरत होती है।
अपनी पोस्ट में राघव चड्ढा ने कहा, “आप में से कई लोगों ने सीमित और इंफ्लेक्सिबल रिचार्ज विकल्पों के बारे में अपनी चिंताएं मेरे साथ साझा की थीं। मैंने 11 मार्च को संसद में यह मुद्दा उठाया था और ग्राहकों के लिए अधिक विकल्प और सस्ते प्लान की मांग की थी। ग्राहकों की बेहतर पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन चिंताओं का समाधान करने के लिए मैं भारत सरकार और ट्राई का आभारी हूं।”
सांसद ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने ट्राई की ओर से टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026 जारी होने के बाद अपनी खुशी जताई और कहा कि सरकार ने सभी मांगों को मान लिया है।
बता दें कि राघव चड्ढा ने 11 मार्च 2026 को मैंने संसद में प्रीपेड मोबाइल यूजर्स की समस्याओं को उठाया था। उन्होंने कहा था कि साल में 12 महीने होते हैं, लेकिन 28 दिन के रिचार्ज के माध्यम से 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है। साथ ही, कहा था कि बहुत से उपभोक्ता डेटा का इस्तेमाल नहीं करते हैं। साथ ही, राघव चड्ढा ने यह समस्या संसद में रखी की कि रिचार्ज खत्म होने के बाद आउटगोइंग के साथ इनकमिंग भी बंद हो जाती है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
नेपाल में नारायणी नदी खतरे के निशान से ऊपर, गंडक ने भी बढ़ाई चिंता

नेपाल के दक्षिणी चितवन और नवलपरासी जिलों के कुछ हिस्सों में नारायणी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है।
भारत में गंडक के नाम से जानी जाने वाली इस सीमा-पार नदी में बाढ़ आने से पड़ोसी देश के निचले इलाकों पर भी असर पड़ सकता है।
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने रविवार सुबह बाढ़ की चेतावनी जारी की और नारायणी नदी के किनारे रहने वाले लोगों से अपील की कि वे जान-माल के खतरे को देखते हुए नदी से दूर और ऊंचे इलाकों में चले जाएं।
सेंटर ऑफ हाइड्रोलॉजी एंड वॉटर रिसोर्सेज रिसर्च (सीएचडब्ल्यूआरआर) द्वारा रविवार सुबह 7:45 बजे जारी बाढ़ फोरकास्ट (पूर्वानुमान) और एडवाइजरी बुलेटिन के अनुसार, नारायणी नदी का जलस्तर बढ़कर लगभग 11 मीटर हो गया था, जो 9 मीटर के तय खतरे के निशान से काफी ऊपर है।
सीएचडब्ल्यूआरआर ने कहा कि चितवन जिले के देवघाट बाढ़ निगरानी स्टेशन पर जलस्तर के रविवार दोपहर तक बढ़ते रहने की उम्मीद है और ये लगभग 13 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है।
सीएचडब्ल्यूआरआर ने कहा, “इस बात की आशंका है कि शाम तक जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना रहेगा।” साथ ही उन्होंने कहा कि दोपहर तक नारायणी की सहायक नदियों में भी तेज बहाव जारी रहने की उम्मीद है।
नारायणी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक, काली गंडकी नदी में बहाव खतरे के निशान से काफी ऊपर दर्ज किया गया है, जबकि सेती, माडी, मर्स्यांगडी, डारौंडी और चेपे नदियां अपने चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं और उनका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बूढ़ी गंडकी और त्रिशूली नदियां भी अपने चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं।
सीएचडब्ल्यूआरआर ने कहा कि तेज बहाव के कारण चितवन और नवलपरासी (पूर्व और पश्चिम) जिलों में नारायणी नदी के किनारे निचले और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ गया है। ये तीनों जिले भारत की सीमा से लगे हैं।
नेपाल प्रशासन ने लोगों को नारायणी और उसकी सहायक नदियों के किनारे यात्रा करने से बचने और नदी के किनारों, पुलों, तटबंधों और अन्य संवेदनशील जगहों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह भी दी है। काली गंडकी, सेती, मादी, मर्स्यांगडी, दरौंदी, चेपे, बुढ़ी गंडकी और त्रिशूली नदियों और उनकी सहायक नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से शाम तक हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि वे स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी बाढ़ से जुड़ी जानकारी और निर्देशों का पालन करें।
हाल ही में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ झेल चुके नेपास में 24 सितंबर से देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है।
नेपाल पुलिस ने बताया कि पश्चिमी नेपाल के पाल्पा जिले की माथागढ़ी ग्रामीण नगर पालिका के भास्कट्टा में रविवार तड़के बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक घर दब गया, जिसके बाद से तीन लोग लापता हो गए। पुलिस ने बताया कि बचाव अभियान चलाने के लिए एक पुलिस टीम तैनात की गई है।
इस बीच, पुलिस के अनुसार, पर्वत जिले की जलजला ग्रामीण नगर पालिका-8 के फार्से इलाके में काली गंडकी नदी में आई बाढ़ 25 घरों को बहा ले गई। पुलिस ने कहा, “बस्ती में लगभग 80 घरों में से 25 बह गए हैं, जबकि बाकी घर खतरे में हैं।”
पुलिस ने आगे कहा, “किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और बस्ती के सभी निवासियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।”
राष्ट्रीय समाचार
कश्मीर क्राइम ब्रांच ने करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार आरोपी को किया गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने करोड़ों के धोखाधड़ी मामले में लंबे समय से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार को जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा ने यह जानकारी दी।
एक बयान में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने श्रीनगर के सब-जज की अदालत के आदेशों का पालन करते हुए आरोपी सोमनाथ कौल को गिरफ्तार किया है। आरोपी कैलाश नाथ कौल का बेटा है और मूल रूप से 22-लोटस टॉवर, बैंगलोर नॉर्थ, कर्नाटक का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल जम्मू के जानीपुर में रह रहा था।
अदालत के आदेशों को लागू करने के लिए जांच एजेंसी की एक विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने लगातार कोशिशों और सही प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी का पता लगाने और उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। आरोपी कई सालों से फरार चल रहा था। इस दौरान, आरोपी का पता लगाने और उसकी पहचान करने के लिए समय-समय पर सार्वजनिक सूचनाएं जारी और प्रकाशित की गईं। उसे खोजने की लगातार कोशिशों के बावजूद आरोपी कथित तौर पर पकड़ से बचता रहा और अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करता रहा।
आरोपी कश्मीर क्राइम ब्रांच में दर्ज कई मामलों में शामिल है। उसके खिलाफ कुल पांच मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और नकली ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ व बिक्री समझौतों के जरिए प्रवासियों की संपत्तियों से जुड़ी जमीन की धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं।
एक मामले में, आरोपी के खिलाफ अनुपस्थिति में सीआरपीसी की धारा 512 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने कथित तौर पर लोगों को जमीन खरीदने के लिए प्रेरित किया और जमीन के लेनदेन में उनके साथ धोखाधड़ी की।
जांच में अन्य आरोपियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप भी सामने आए। जांच के दौरान, पिछले सप्ताह बडगाम के समसन इलाके के ज्वालापोरा निवासी गुलाम मोहिउद्दीन डार को गिरफ्तार किया गया था। वह भी इसी मामले में शामिल पाया गया था।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
