राष्ट्रीय समाचार
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर नियंत्रण रेखा पर की भारी गोलाबारी, एक जवान शहीद
जम्मू/श्रीनगर, 8 मई। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान सेना की ओर से लगातार 14वें दिन गुरुवार को हुई गोलाबारी में एक सैनिक समेत 15 लोग मारे गए। इसके अलावा, 40 से अधिक घायल हुए हैं।
रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने बयान में कहा, “7-8 मई 2025 की रात को पाकिस्तान सेना की ओर से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर के सामने वाले क्षेत्रों में एलओसी पर बिना उकसावे के छोटे हथियारों और तोपखाने से गोलीबारी की।”
बयान में कहा गया है, “भारतीय सेना ने भी इस फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया।”
सेना के नगरोटा मुख्यालय वाले व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर लिखा, “जीओसी और व्हाइट नाइट कोर के सभी रैंक 5 फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करते हैं, जिन्होंने 7 मई 2025 को पाकिस्तान सेना की गोलाबारी में अपने प्राणों की आहुति दी। हम पुंछ सेक्टर में मासूम नागरिकों पर किए गए टारगेट अटैक के सभी पीड़ितों संग खड़े हैं।”
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंचने के बाद एलओसी के संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है।
पुंछ और बारामूला के जिला अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायल नागरिक भर्ती हुए हैं और जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विशेष उपचार की जरूरत वाले लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
जम्मू, पुंछ, राजौरी, सांबा, कठुआ, बारामूला, कुपवाड़ा और गुरेज में सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
इसके अलावा, वायु सेना ने श्रीनगर हवाई अड्डे का नियंत्रण ले लिया है और 10 मई तक सभी नागरिक उड़ान संचालन निलंबित कर दिए गए हैं।
बता दें कि भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।
रक्षा मंत्रालय (एमओडी) के बयान के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इनमें सवई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद (पीओके); मुरिदके (पाकिस्तान); सरजल कैंप, सियालकोट (पाकिस्तान); मरकज अहले हदीस, बरनाला (पीओके); मरकज अब्बास, कोटली (पीओके); मेहमूना जोया कैंप, सियालकोट (पाकिस्तान); मरकज सुभानअल्लाह, बहावलपुर (पाकिस्तान); सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद (पीओके); और मसकर रहील शहीद गुलपुर कैंप, कोटली (पीओके) शामिल हैं।
भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए हमलों में पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है।
राजनीति
आध्यात्मिक नेताओं ने बाबा रामदेव के इस बयान का स्वागत किया है कि भारतीय मुसलमान धर्म-परिवर्तित हैं; उनका कहना है कि सनातन परंपरा प्राचीन है।

नई दिल्ली: योग गुरु बाबा रामदेव के इस बयान पर कि “भारत में सभी मुसलमान धर्म बदलने वाले हैं” गुरुवार को कई हिंदू आध्यात्मिक नेताओं ने अच्छी प्रतिक्रिया दी। कुछ नेताओं ने कहा कि सनातन परंपरा सबसे पुरानी है और दूसरे धर्म भारत में बाद में आए। मीडिया से बात करते हुए, ‘तपसी चांद’ के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा, “इंटरनेशनल योग गुरु और पतंजलि पीठ के संस्थापक, परम आदरणीय बाबा श्री रामदेव ने बहुत कड़वा सच कहा है। जो भी इसे समझ लेगा, उसका जीवन सुधर जाएगा। भारत में सभी मुसलमानों के पूर्वज राम और कृष्ण हैं। हर कोई सनातनी है और सभी के पूर्वज हिंदू थे। जिस दिन वह ‘घर लौटेगा’, उसके सभी पाप माफ हो जाएंगे।” जगतगुरु रामदिनेश आचार्य ने कहा, “मेरा मानना है कि सनातन परंपरा (भारत में) सबसे पुरानी रही है। दूसरे धर्म उसके बाद आए, इसलिए लोग मूल रूप से सनातन परंपरा का हिस्सा थे। बाद में कुछ लोगों ने धर्म बदला, इसलिए मुझे लगता है कि वे भी हिंदू हैं। बाबा रामदेव जी की बात मुझे सही और लॉजिकल लगती है।” महा मंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कहा, “योग गुरु बाबा रामदेव ने अपनी मर्ज़ी या सनक से कुछ नहीं कहा; उन्होंने धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कहा। जब किसी का खतना होता है और उसे कलमा सिखाया जाता है, तो वह मुसलमान बन जाता है।
हर इंसान हिंदू पैदा होता है। और मैं आपको बता दूं कि भगवान एक है। यहां लोगों ने इस्लाम धर्म अपना लिया और भगवान को अल्लाह या गॉड कहने लगे। मेरा मानना है कि सभी मुसलमान, चाहे भारत में हों या विदेश में, असल में ‘सनातनी’ हैं।” महंत महा मंडलेश्वर श्री गिरीश दास महाराज ने कहा, “हम बाबा रामदेव जी के इस बयान का स्वागत करते हैं। मेरा मानना है कि मुगल काल में हिंदुओं पर या तो ज़बरदस्ती दबाव डाला जाता था या उन्हें तरह-तरह के लालच देकर इस्लाम अपनाने के लिए मनाया जाता था। आज भी, अगर वे ‘घर लौटना’ चाहते हैं, तो सनातन और हिंदू धर्म खुले दिल से उनका स्वागत करते हैं।” संत कृपालु जी महाराज ने कहा, “बाबर, हुमायूं और औरंगजेब के राज में बहुत से हिंदुओं का धर्म बदला गया।” यह बयान बाबा रामदेव के मिडिया से कहा गया था, “मैं अपने सभी मुस्लिम भाइयों से अपील करूंगा कि वे यह मान लें कि हमारे पुराने ऋषि-मुनि (पुरुष और महिला) उनके भी पूर्वज हैं; राम और कृष्ण भी उनके पूर्वज हैं। अगर मुसलमान अपनी पुरखों की जड़ों से जुड़ेंगे, तो वे कभी कमजोर महसूस नहीं करेंगे। आखिर भारत का हर मुसलमान धर्म बदलने वाला है। अगर हिंदू और मुसलमान एक होकर रहेंगे, तो वे खुद भी मजबूत होंगे और देश भी मजबूत होगा।”
राष्ट्रीय समाचार
हम मिलकर आतंकवाद से कैसे लड़ सकते हैं, इसकी बेहतरीन मिसाल कैप्टन स्मित ने पेश की: इजरायली राजदूत

नई दिल्ली । भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कैप्टन स्मित मच्छार के शौर्य की तारीफ की है। उन्होंने कहा, “हम कैसे आतंकवाद का मिल कर सामना कर सकते हैं और आतंक के सामने घुटने नहीं टेकते उसकी ये ‘बेहतरीन मिसाल’ है।” गुरुवार को आईएएनएस से विशेष साक्षात्कार में रूवेन ने अपने विचार व्यक्त किए।
अजार ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को लेकर कोई बात की है या नहीं, लेकिन ऐसे मामलों में दोनों देशों की आतंकवाद-रोधी एजेंसियां एक-दूसरे के संपर्क में रहती हैं।
इस घटना में भारतीय पायलट और यात्रियों की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “…हम जानते हैं कि आतंकवाद से लड़ने के लिए सरकारों का मिलकर काम करना ही काफी नहीं है। यह जरूरी है कि लोग भी मिलकर काम करें, जैसा कि हमने कल (बुधवार) देखा। मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे आतंकवादियों के सामने घुटने न टेककर और व्यक्तिगत स्तर पर मिलजुलकर अपना भविष्य तय कर सकते हैं। और जो कल हुआ वो ठीक ऐसा ही हुआ।”
बुधवार को, फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट, जिसमें 170 से ज्यादा यात्री सवार थे, के को-पायलट ने विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और बाद में कैप्टन स्मित पर हमला किया, जो उसे ऐसा करने से रोकने की कोशिश कर रहे थे।
उस समय, बोइंग 737 विमान, जो लगभग 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, 15,600 फीट तक पहुंचने से पहले लगभग 23,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिरने लगा। हालांकि, मच्छार ने को-पायलट का मुकाबला किया, उसे रोका और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया ताकि यात्री और क्रू मेंबर उसे काबू में कर सकें।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पीएम मोदी और पीएम नेतन्याहू ने इस घटना के बारे में बात की है, तो उन्होंने जवाब दिया, “मुझे नहीं पता कि इस समय नेताओं ने एक-दूसरे से बात की है या नहीं। मुझे लगता है कि हम लगातार संपर्क में हैं। हमारी आतंकवाद-रोधी एजेंसियां लगातार बातचीत कर रही हैं, और मुझे यकीन है कि चाहे उच्चतम स्तर पर हो, या मध्यम और ऑपरेशनल स्तर पर, हम जानकारी साझा करेंगे और आतंकवाद से लड़ने के लिए जरूरी हर कदम उठाने की स्थिति बनाने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”
इससे पहले, अजार ने कहा कि वह कैप्टन स्मित के ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। एक्स पर उन्होंने लिखा, “इजरायल, भारत और यूएई के साथ मिलकर, मैं फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 के अनुभवी और काबिल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती के लिए प्रार्थना करता हूं। उनकी और दूसरे इजरायली व अमीराती यात्रियों और क्रू सदस्यों की हिम्मत ने 180 लोगों की जान बचाई।”
राष्ट्रीय समाचार
शाहजहांपुर: मंदिर में दो साधुओं की निर्मम हत्या, जलाए शव, इलाके में सनसनी

शाहजहांपुर । उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर में एक मंदिर के अंदर दो साधुओं की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय युवक पर दो साधुओं की हत्या करने और उसके बाद दोननों के शवों को जलाने का आरोप है। फिलहाल, पुलिस मुख्य आरोपी सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
यह मामला जनपद शाहजहांपुर के खुदागंज थाना अंतर्गत सूथा गांव का है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों साधुओं की हत्या के बाद उनके शवों को मंदिर परिसर में ही जला दिया गया था। गुरुवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो वहां दो चिताओं की राख और जले हुए अवशेष देखकर हड़कंप मच गया।
मृतकों की पहचान साधु गोपालदास और उनके शिष्य बिहारीदास के रूप में हुई है। दोनों साधु मंदिर में ही रहते थे। इस घटना के बाद ग्रामीणों और अन्य साधुओं में आक्रोश है। बाबा बिहारी दास के भतीजे प्रदीप सिंह ने आरोप लगाया कि गांव के युवक ने उनके चाचा और उनके शिष्य की हत्या कर दोनों लोगों को जला दिया।
मामले में पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 7 बजे थाना खुदागंज क्षेत्रांतर्गत ग्राम सूथा से सूचना प्राप्त हुई कि गांव के बाहर एक देवस्थान बना हुआ है, जहां दो संन्यासी हैं। उक्त दोनों संन्यासियों के शव जली हुई अवस्था में मिले हैं। सूचना का तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना पुलिस, उच्चाधिकारीगण और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गांव के ही शिव कुमार, जो उक्त देवस्थान के संरक्षक भी हैं, की ओर से पुलिस को लिखित तहरीर है कि गांव का ही सुमित, जो कुछ दिन पहले न्यायालय से जमानत प्राप्त कर जेल से बाहर आया है, विगत कुछ दिनों से देवस्थान पर दोनों संन्यासियों के साथ उठने बैठने लगा था। ग्रामवासियों की ओर से प्राथमिक तौर पर इस बात की पुष्टि की गई है कि दोनों संन्यासियों को एक बार सुमित की ओर से यह कहा गया था कि ‘आप दोनों यहां से हट जाइए, अब मैं यहां रहने वाला हूं, मेरा ही एकाधिकार होगा।’
एसपी के अनुसार, प्रथम दृष्टया इसी बात को लेकर बुधवार रात में यह घटना कारित किया जाना प्रतीत हो रहा है। मौके से सभी भौतिक साक्ष्य संकलित करते हुए दोनों शवों को घटना का सही समय और सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना पुलिस को प्राप्त तहरीरी सूचना के आधार पर नामजद आरोपी सुमित के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूरे घटनाक्रम में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आते हैं, उनके आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
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