अपराध
बेंगलुरु में गैस पावर प्लांट में विस्फोट, 15 घायल
राज्य सरकार द्वारा संचालित कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 370 मेगावाट के गैस संयंत्र में शुक्रवार को हुए एक विस्फोट के बाद 15 लोग घायल हो गए। इनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
आईएएनएस से बातचीत में जिला अग्निशमन अधिकारी, किशोर ने कहा कि उन्हें तड़के 3.30 बजे प्लांट (संयंत्र) से फोन आया और दमकलकर्मी फौरन घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।
उन्होंने कहा, “चार फायर टेंडर, दो वाटर पंप और दो फोम टेंडर को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। रेल व्हील फैक्ट्री ने तुरंत अपनी तरफ से एक फोम टेंडर भेजा, लेकिन हमने इसका इस्तेमाल नहीं किया।”
किशोर ने कहा कि विभाग ने आग बुझाने के लिए फोम टेंडर का इस्तेमाल किया। यह एक मीडियम रेंज की आग की घटना थी, लेकिन इसे समय पर नियंत्रित नहीं किया गया होता तो बड़ा नुकसान होने की आशंका थी।
उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्ट्या आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप मामूली विस्फोट हुआ था जहां तेल जमा हुआ था।
स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्होंने एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनी और फिर दमकलकर्मियों और कई एंबुलेंस को अपने फ्लैट के सामने लाइन में खड़ा देखा, जिससे दहशत पैदा हो गई।
अपराध
गुजरात की पहली नमक कंटेनर ट्रेन शिवलाखा से मिठापुर तक नमक ले गई

अपनी तरह की पहली पहल में भारतीय रेलवे ने कच्छ के गति शक्ति कार्गो टर्मिनल और मिठापुर के बीच भारत की पहली विशेष नमक कंटेनर ट्रेन शुरू की है।
इस पहल का उद्देश्य एक ऐसी परिवहन प्रणाली शुरू करना है जो न केवल नमक की गुणवत्ता की रक्षा करेगी बल्कि नमक उद्योग के लिए लोडिंग क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स लागत को भी कम करेगी।
इसके साथ ही, गुजरात के कच्छ क्षेत्र से देश के कोने-कोने तक नमक का परिवहन काफी आसान हो गया है।
इस सेवा का उद्घाटन 15 सितंबर को हुआ, जब देश की पहली नमक कंटेनर ट्रेन कच्छ के शिवलाखा गति शक्ति कार्गो टर्मिनल से मिठापुर के लिए रवाना हुई।
परिवहन के लिए स्टेनलेस स्टील से बने विशेष, हल्के कंटेनर विकसित किए गए हैं। इन कंटेनरों को ऊपर से नमक से भरने और बगल से उतारने के लिए डिजाइन किया गया है।
स्टेनलेस स्टील के कंटेनरों का उपयोग कंटेनर और नमक के वजन के बीच इष्टतम संतुलन प्राप्त करने में मदद करता है, जिससे नमक की अधिक मात्रा का परिवहन संभव हो पाता है।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे नमक परिवहन में एक ‘परिवर्तनकारी कदम’ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मिठापुर जाने वाली ट्रेन की तस्वीरें भी साझा कीं।
उपमुख्यमंत्री ने एक पोस्ट में लिखा, “देखिए कैसे बदलाव आ रहा है! कच्छ के शिवलखा और मिठापुर के बीच भारत की पहली विशेष नमक कंटेनर ट्रेन, जो बेहतर नमक गुणवत्ता, अधिक लोडिंग क्षमता और अधिक कुशल, मौसम से सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करती है।”
विशेषता यह है कि इन विशेष कंटेनरों की स्टेनलेस स्टील संरचना परिवहन के दौरान नमक को बारिश या नमी से बचाती है। नमक उद्योग के लिए परिवहन के इस नए विकल्प ने क्षेत्र के नमक क्षेत्र को महत्वपूर्ण बढ़ावा दिया है।
नमक कंटेनर ट्रेन सेवा न केवल नमक परिवहन से जुड़ी पुरानी चुनौतियों का समाधान करती है, बल्कि रसद लागत को भी कम करती है, जिससे उद्योग से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ मिलता है।
कुल मिलाकर, नमक परिवहन की यह नई प्रणाली नमक की लोडिंग, अनलोडिंग और हैंडलिंग से संबंधित समस्याओं को कम करने में प्रभावी साबित हो रही है।
अपराध
एमबीवीवी पुलिस ने अंतरराज्यीय एमडी ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया; तेलंगाना में केमिकल फैक्ट्री नष्ट

मीरा-भाईंदर, 24 अक्टूबर — मीरा-भाईंदर, वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) यूनिट 4 ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तेलंगाना में एक केमिकल फैक्ट्री को नष्ट कर दिया है। इस फैक्ट्री में मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स बनाने के लिए कच्चे माल का उत्पादन किया जा रहा था। यह हालिया छापेमारी इस चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे इस बड़े ड्रग सिंडिकेट में गिरफ्तारियों की कुल संख्या 25 हो गई है।
इस अभियान की शुरुआत 24 जून 2026 को हुई थी, जब पुलिस ने नालासोपारा पूर्व में प्रिया वॉशिंग सेंटर के पास बाबा पार्किंग क्षेत्र से दो व्यक्तियों—अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23)—को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने उनके पास से 3,36,000 रुपये मूल्य का 112 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) जब्त किया था और तुलिंज पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद, वरिष्ठ अधिकारियों ने गहन जांच के लिए मामला क्राइम ब्रांच यूनिट 4 को सौंप दिया। इस गहन जांच के दौरान पहले 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और एमडी बनाने वाली दो अवैध फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया। ये फैक्ट्रियां ग्राम सांधान (कच्छ, गुजरात) और कोसाडा कला (प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) में कृषि भूमि पर चल रही थीं। पुलिस ने हालिया छापेमारी से पहले 69.871 किलोग्राम एमडी, नकद, 260 लीटर रसायन और लैब उपकरण जब्त किए थे।
आगे की जांच के परिणामस्वरूप विभिन्न स्थानों से पांच और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इन नए गिरफ्तार संदिग्धों में शामिल हैं:
- नंदुरबार से मुर्तुजा मोहम्मदभाई पत्रावाला उर्फ मोंटो उर्फ हसनैन भोपाली (36)।
- बुलढाणा से शुभम विनोद मोरे (23)।
- मुंबई से सलीम उर्फ सलीमभाई इस्माइल उर्फ इस्माइल डोला (61)।
- मुंबई से साबिर मोहम्मद देवलेकर उर्फ किंग मेमन उर्फ साबिरअली (42)।
- कानपुर, उत्तर प्रदेश से मोहम्मद तेहरीम अब्दुल रईस सिद्दीकी (37)।
पूछताछ में पता चला कि 25वां आरोपी, रमेश बाबू साके (निवासी- मेडचल-मलकाजगिरी, हैदराबाद), अवैध रूप से एनडीपीएस-नियंत्रित केमिकल पाउडर “2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन” का निर्माण और आपूर्ति कर रहा था, जो एमडी ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक है। वह तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पाटनचेरु स्थित आईडीए पाशमैलाराम (आईडीए पशामिलाराम) से इस कारखाने का संचालन कर रहा था।
इस खुफिया जानकारी के आधार पर, 21 अक्टूबर 2026 को क्राइम ब्रांच यूनिट 4 की एक टीम ने साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय की पाटनचेरु पुलिस की मदद से उक्त स्थान पर छापा मारा। टीम ने रमेश बाबू साके को हिरासत में लिया और उसकी फैक्ट्री को नष्ट कर दिया। पुलिस ने 27,06,740 रुपये मूल्य का 44.699 किलोग्राम केमिकल पाउडर, साथ ही रसायन बनाने के लिए आवश्यक अन्य केमिकल और प्रयोगशाला उपकरण जब्त किए।
अब तक, एमबीवीवी पुलिस ने नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरल, जलगांव, गुजरात, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना से कुल 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो केमिकल आपूर्तिकर्ता, ड्रग निर्माता, तस्कर, पेडलर और वित्तीय लेन-देन जैसी विभिन्न भूमिकाओं में शामिल थे।
यह व्यापक अभियान पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे, पुलिस उपायुक्त (क्राइम) संदीप डोईफोडे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन पाटिल के मार्गदर्शन में चलाया गया। कार्रवाई को क्राइम ब्रांच यूनिट 4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख के नेतृत्व में एपीआई प्रवीण भोसले, एपीआई दत्तात्रय सरक, पीएसआई उमेश भागवत और अन्य कर्मियों ने साइबर सेल के सहयोग से अंजाम दिया।
अपराध
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस : कॉल और मैसेज से शूटरों को मिल रहे थे निर्देश, टीवी न्यूज पर भी रखी जा रही थी नजर

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की ओर से जांच जारी है। जांच में सामने आया है कि हमले के दौरान शूटर्स और उनके हैंडलर के बीच लगातार संपर्क था। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की तलाश के दौरान भी उन्हें अपडेट दिए जा रहे थे।
जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाले शूटर्स अपने हैंडलर के संपर्क में थे। फोन कॉल और मैसेज के जरिए उन्हें लगातार अपडेट दिए जा रहे थे। सूत्रों ने बताया की शूटर्स के चेहरे और पहचान से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद हैंडलर ने उन्हें वहां से निकलने की चेतावनी भी दी थी। इस दौरान टीवी न्यूज के जरिए सामने आ रही जानकारी पर भी नजर रखी जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक, शूटर्स को यह जानकारी दी जा रही थी कि पुलिस उनकी पहचान और लोकेशन तक पहुंचने के लिए कितनी आगे बढ़ चुकी है। जब फायरिंग से जुड़े वीडियो और व्लॉगर्स के बनाए फुटेज में आरोपियों के चेहरे टीवी चैनलों पर दिखाए गए, तब एक आरोपी रेहान अंसारी को मैसेज भेजकर वहां से निकलने के लिए कहा गया।
पुलिस को संदेह है कि कोई व्यक्ति टीवी न्यूज चैनलों पर नजर रखकर शूटर्स तक जानकारी पहुंचा रहा था। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें अपडेट देने वाला शख्स कौन था? रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को संदेह है कि रेहान को कम्युनिकेशन ऐप के जरिए निर्देश देने वालों में अमेरिका में मौजूद अनिल पंडित या हाल ही में सोनीपत से गिरफ्तार किए गए अंकित खटक और समीर खत्री की भूमिका हो सकती है। हालांकि, शूटर्स तक टीवी न्यूज की जानकारी पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान अभी उजागर नहीं हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास कुछ वीडियो, फोटो और बातचीत से जुड़ी जानकारी मिली है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस की गतिविधियों के बारे में अपडेट मिलने के बाद अपनी यात्रा के साधन बदल रहे थे।
टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को फायरिंग करने के बाद तीनों आरोपी बाइक से फरार हुए थे। इसके बाद वे ट्रेन और कैब के जरिए अलग-अलग जगहों पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मोबाइल नेटवर्क के बजाय इंटरनेट आधारित कॉलिंग का इस्तेमाल किया, जिससे उनकी बातचीत को ट्रैक करना मुश्किल हुआ।
आरोपियों की एक सामान्य फोन कॉल कैब ड्राइवर से हुई थी। इसी कॉल के जरिए पुलिस को उनकी गतिविधियों का सुराग मिला। बाद में मुंबई पुलिस की सूचना पर राजस्थान के कोटा में तीनों को ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पुलिस अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। फायरिंग करने के आरोप में गिरफ्तार तीन आरोपी फूल सिंह (18), रेहान रहीसुद्दीन अंसारी (18) और ऋतिक महतो (22) 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया की घटना के बाद पुलिस टाइगर श्रॉफ से बातचीत कर रही थी उस समय उन्होंने पुलिस से कहा, “फायरिंग की घटना को लेकर मैं बहुत ही ज्यादा शॉक में हूं, मैंने कभी सोचा तक नहीं था की मेरी गाड़ी पर इस तरह से हमला होगा।” टाइगर श्रॉफ ने पुलिस से आगे कहा, “मेरी किसी से दुश्मनी तक नहीं, ये कौन लोग थे, क्यों फायरिंग की और किसने कराया, कुछ पता नहीं।”
टाइगर श्रॉफ फायरिंग की घटना के बाद बहुत डिस्टर्ब हो गए थे। क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया की इसी वजह से अभी तक टाइगर श्रॉफ का बयान दर्ज नहीं किया गया। जल्द ही उनका बयान दर्ज किया जाएगा।
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