अंतरराष्ट्रीय समाचार
फिलीपींस के विनाशकारी भूकंप में अब तक 47 की मौत, सैकड़ों घायल
मनीला, 11 जून: फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप क्षेत्र मिंडानाओ तट के पास सोमवार को आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। देश की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, इस आपदा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है, 31 लापता हैं और 688 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट काउंसिल (एनडीआरआरएमसी) ने गुरुवार को बताया कि 75,000 से अधिक परिवार भूकंप पीड़ित हैं, जबकि लगभग 3.46 लाख लोगों पर इसका सीधा असर पड़ा है। 45,000 से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और 12,600 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
भूकंप के बाद 45 अन्य घटनाएं भी दर्ज की गईं, जिनमें अधिकांश भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से जुड़ी थीं। कई सड़कें, पुल, एक हवाई अड्डा और दो बंदरगाह प्रभावित हुए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं। इसके अलावा कृषि, पशुपालन और मत्स्य उद्योग को भी भारी नुकसान पहुंचा है। 48 शहरों और नगरपालिकाओं में बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्कैनोलॉजी एंड सिसमोलॉजी के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे आया। इसका केंद्र मासिम तट से लगभग 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और 33 किलोमीटर की गहराई पर था।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में जनरल सैंटोस शामिल है, जहां कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। एक दो-मंजिला स्कूल भवन ढह गया, जिसमें छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई। अधिकारी घटना की पुष्टि और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
ऑनलाइन सामने आए वीडियो में विश्वविद्यालयों, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक इमारतों के ढहने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। कई स्थानों पर इमारतों के शीशे टूट गए और साइनबोर्ड गिर गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए स्थानीय निवासी तुरंत घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
यह भूकंप ऐसे समय आया जब गर्मियों की छुट्टियों के बाद पूरे फिलीपींस में स्कूल दोबारा खुलने शुरू हुए थे। कई स्कूलों के सीसीटीवी फुटेज में भूकंप के दौरान तेज झटके महसूस होते दिखाई दिए, जहां शिक्षक और छात्र या तो तुरंत बाहर निकले या फिर मेज के नीचे शरण लेते नजर आए।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक छह क्षेत्रों के 43 शिक्षा प्रभागों के कुल 8,642 स्कूलों को किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचा है।
राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, जबकि अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों और घायलों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
होर्मुज स्ट्रेट में 21 भारतीय नाविकों वाले तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला, सभी सुरक्षित

होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। इस टैंकर पर 21 भारतीय नाविक सवार थे। हालांकि, राहत की बात है कि सभी नाविक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस बारे में जानकारी दी है।
यह घटना स्थानीय समय के अनुसार बुधवार को हुई। कुवैत के झंडे वाला तेल टैंकर एम/टी अल दसमा जब होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “21 अक्टूबर को कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी अल दसमा पर, जिसमें 21 भारतीय नाविक थे, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। हमारे सभी 21 भारतीय चालक दल के सदस्य बाकी क्रू के साथ पूरी तरह से सुरक्षित हैं।”
उन्होंने लिखा, “हम लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अपने नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए जहाज प्रबंधन कंपनी के साथ निकट संपर्क में हैं।”
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने भी इस हमले को ट्रैक किया। उनके अनुसार हमला ओमान के बुखा से 11 नॉटिकल मील पश्चिम में हुआ।
टाइम्स कुवैत की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद जहाज पर आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझा दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि टैंकर अभी भी वहीं रुका हुआ है और सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
यह हमला खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों से जुड़ी घटनाओं की श्रृंखला के बीच हुआ है। इससे पहले 16 अक्टूबर को भी होर्मुज स्ट्रेट में ही कच्चे तेल के टैंकर एमटी एसटी 3 पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। उस टैंकर पर 15 भारतीय नाविक सवार थे। उस घटना में भी सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित थे और किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी।
भारत ने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच समुद्री नेविगेशन और वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की कई बार निंदा की है। नई दिल्ली ने कई मौकों पर दोहराया है कि वाणिज्यिक जहाजों और व्यापारी नाविकों पर सभी हमले ‘कानूनी और नैतिक रूप से अक्षम्य’ हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से नेविगेशन की स्वतंत्रता और समुद्री व्यापार के सुरक्षित प्रवाह की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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पाकिस्तान: पंजाब में हाईवे पर यात्री बस पलटने से 10 की मौत, 44 घायल

पाकिस्तान में बुधवार को सड़क हादसे में 10 की मौत हो गई जबकि 44 लोग घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने पुलिस और रेस्क्यू प्रोवाइडर के हवाले से इसकी जानकारी दी।
मीडिया आउटलेट डॉन ने पाकिस्तान की एक प्रमुख आपातकालीन सेवा ‘रेस्क्यू 1122’ के हवाले से बताया, राजनपुर जिले की रोजहान तहसील में सिंधु हाईवे पर एक यात्री बस सड़क के डिवाइडर से टकराकर पलट गई, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 44 अन्य घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक यह हादसा सुबह करीब 5:45 बजे बांग्ला हिदायत इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि बस की गति तेज थी और वो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। जियो न्यूज ने बताया कि बस कराची से डेरा गाजी खान जा रही थी।
‘रेस्क्यू 1122’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मृतकों में सात पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्ची शामिल हैं।
घायलों में से 38 लोगों का इलाज राजनपुर जिला मुख्यालय (डीएचक्यू) अस्पताल में किया गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल चार लोगों को डेरा गाजी खान और दो अन्य गंभीर घायलों को रहीम यार खान के शेख जायद अस्पताल रेफर किया गया।
‘रेस्क्यू 1122’ ने बताया कि इमरजेंसी कॉल मिलने के तुरंत बाद उन्होंने कार्रवाई की और राजनपुर, जामपुर तथा रोजहान से 10 एम्बुलेंस और दो बचाव वाहन मौके पर भेजे। इस बचाव अभियान में 35 बचावकर्मी शामिल थे।
राजनपुर के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) इमरान रंझा, जिला पुलिस अधिकारी और असिस्टेंट कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे, ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और बचाव कार्यों में समन्वय किया जा सके।
डीसी रंझा ने ‘डॉन’ को बताया कि बस ड्राइवर (जो घटना के बाद मौके से भाग गया था) और बस के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान में राजमार्गों और मोटरवे पर हो रही दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना, ड्राइवर की थकान और वाहनों का खराब रखरखाव शामिल है। इसके अलावा, सड़कों की खराब हालत भी ऐसी घटनाओं का एक बड़ा कारण बनती है।
यह घटना मुल्तान में एक तेज रफ्तार कार के सड़क डिवाइडर से टकराने के दो दिन बाद हुई है। सोमवार को मुल्तान के बोसन रोड पर हुए सड़क हादसे में 20-25 साल की उम्र के पांचों युवकों की मौत हो गई थी। उनकी तेज रफ्तार टोयोटा कोरोला कार पहले सड़क के डिवाइडर से टकराई, फिर पास के एक प्लॉट की दीवार से जा भिड़ी, जिसके बाद उसमें आग लग गई थी।
‘रेस्क्यू 1122’ के अनुसार, पूरे पंजाब में हर दिन सड़क हादसों के लगभग 1,352 मामले सामने आते हैं, जिनमें औसतन 14 लोगों की मौत हो जाती है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने जापान में की बैठकें, होंडा के विस्तार से 4,000 नई नौकरियों की संभावना

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी 2027 में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से पहले जापान के दौरे पर हैं। हर्ष संघवी ने बुधवार को जापान के विदेश मामलों के राज्यमंत्री नाकासोने यासुताका, होंडा की टीम और इवाते प्रान्त के गवर्नर से मुलाकात की।
हर्ष संघवी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “टोक्यो में होंडा की टीम के साथ गुजरात में उनके विस्तार की योजनाओं पर चर्चा हुई। इससे 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक 4,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। यह गुजरात के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करने और भारत-जापान आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात लगातार वैश्विक निवेश आकर्षित कर रहा है और उन्हें अपने लोगों के लिए सार्थक अवसरों में बदल रहा है।”
एक अन्य पोस्ट में संघवी ने कहा, “जापान की अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (एमईटीआई) के व्यापार नीति ब्यूरो के महानिदेशक तनाका काजुशिगे के साथ भारत-जापान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और मिलकर काम करने के नए रास्ते तलाशने पर सार्थक चर्चा हुई। ‘वाइब्रेंट गुजरात’ के माध्यम से गुजरात वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ संबंध मजबूत कर रहा है, रणनीतिक साझेदारियां बना रहा है और निवेश, नवाचार तथा सतत विकास के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।”
उपमुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट के माध्यम से बताया कि भारत-जापान सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए जापान के इवाते प्रान्त के गवर्नर ताकुया तासो के साथ एक सार्थक बातचीत हुई। ‘वाइब्रेंट गुजरात’ के माध्यम से हम महत्वपूर्ण साझेदारियां बनाने, आर्थिक संबंधों को गहरा करने और निवेश, नवाचार तथा सतत विकास के लिए नए अवसर खोलने की उम्मीद करते हैं।”
जापान के विदेश मामलों के राज्यमंत्री नाकासोने यासुताका ने गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ एक बैठक की। राज्यमंत्री नाकासोने ने कहा कि जापान और भारत अपनी “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” के तहत कई क्षेत्रों में सहयोग को गहरा कर रहे हैं। उन्होंने गुजरात के साथ आर्थिक सहयोग (जिसमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र भी शामिल है) को और मजबूत करने की इच्छा जताई, जहां पहले से ही कई जापानी कंपनियों की मौजूदगी है और आगे भी मिलकर काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वे क्षेत्रीय साझेदारियों और आदान-प्रदान को बढ़ावा देना चाहते हैं क्योंकि अगले साल जापान और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री संघवी ने कहा कि वे जापान और गुजरात के बीच सहयोग को और अधिक गहरा करना चाहते हैं।
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