Connect with us
Sunday,18-October-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

1,200 करोड़ का शराब घोटाला, असली की आड़ में नकली होलोग्राम छापे (लीड- 1)

Published

on

छत्तीसगढ़ में हुए करीब 1,200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले के तार ग्रेटर नोएडा की कंपनी से जुड़े हैं। जिसके बाद ईडी के अधिकारी ने यहां पर मामला दर्ज करवाया है।

ग्रेटर नोएडा के कासना कोतवाली में छत्तीसगढ़ के विशेष सचिव समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि ग्रेटर नोएडा की कंपनी ने छत्तीसगढ़ में शराब के डुप्लीगेट होलोग्राम सप्लाई कर दिए। इन होलोग्राम को लगाकर करोड़ों रुपए की शराब अवैध रूप से बेच दी गई। इससे छत्तीसगढ़ सरकार को करीब 1,200 करोड़ रुपए के राजस्व का घाटा हुआ।
ये सब ग्रेटर नोएडा की कंपनी ने छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग के अधिकारियों की साठगांठ से किया।

ईडी ने लंबी जांच-पड़ताल के बाद इस मामले में 2 आईएएस अधिकारियों सहित 5 लोगों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा के कासना में केस दर्ज कराया है। आबकारी विभाग के विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी, आबकारी आयुक्त आईएएस निरंजन दास, आईएएस अनिल टुटेजा, विधु गुप्ता, अनवर ढेबर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है।

माना जा रहा है कि यह जांच इसी तरीके से अगर आगे बढ़ती रही तो सीएम दफ्तर तक भी पहुंच सकती है। साथ ही साथ कई और नाम भी उजागर हो सकते हैं। एफआईआर से मिली जानकारी के मुताबिक, नोएडा स्थित मेसर्स प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी को छत्तीसगढ़ के उत्पाद शुल्क विभाग ने होलोग्राम आपूर्ति करने के लिए अवैध रूप से टेंडर दिया था। कंपनी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र नहीं थी। लेकिन, अधिकारियों ने ठेका दे दिया।

अधिकारियों ने टेंडर के एवज में कंपनी से प्रति होलोग्राम 8 पैसे का कमीशन लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ में सरकारी दुकानों से अवैध देशी शराब की बोतलें बेचने के लिए बेहिसाब डुप्लीकेट होलोग्राम की आपूर्ति की गई। ये डुप्लीकेट होलोग्राम ग्रेटर नोएडा की फैक्ट्री में बनाए जाते थे और सड़क मार्ग से छत्तीसगढ़ पहुंचाए जाते थे। 5 साल में करीब 80 करोड़ होलोग्राम निर्धारित से ज्यादा कीमतों पर छापे गए।

ईडी के मुताबिक कंपनी के डायरेक्टर विधु गुप्ता ने अपने बयान में डुप्लीकेट होलोग्राम छापने की बात स्वीकारी है। विधु गुप्ता ने स्वीकारा है कि उत्पाद शुल्क कार्यालय छत्तीसगढ़ को मूल होलोग्राम की आपूर्ति की, जिसमें अंत में सीरियल नंबर डाले गए थे। जबकि, पहले से लगाए गए डुप्लीगेट होलोग्राम ग्रेटर नोएडा कारखाने में तैयार करके शराब सिंडिकेट तक पहुंचाए गए थे। विधु गुप्ता ने यह भी स्वीकारा है कि आबकारी विभाग के विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी मोबाइल पर होलोग्राम के सीरियल नंबर की सीरीज देते थे, जो पहले ही छापकर विभाग को दिए जा चुके होते थे। बाद में इन्हीं सीरियल नंबर के डुप्लीकेट होलोग्राम छापकर सड़क मार्ग से छत्तीसगढ़ पहुंचाया जाता था।

राष्ट्रीय समाचार

मध्य प्रदेश के सिंगरौली में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.5 रही तीव्रता

Published

on

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शनिवार दोपहर 2:12 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों ने बताया कि भूकंप का केंद्र सतह से लगभग 10 किलोमीटर नीचे स्थित था।

यह जानकारी प्रारंभिक मापों पर आधारित है और वैज्ञानिक एजेंसियों द्वारा इसकी आगे पुष्टि की जानी बाकी है। सिंगरौली के कुछ हिस्सों में रहने वाले लोगों ने दोपहर के समय हल्के झटके महसूस किए। हालांकि तीव्रता अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन अचानक आए इस झटके से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों में क्षणिक चिंता फैल गई।

अभी तक इमारतों को नुकसान या किसी के घायल होने की कोई तत्काल सूचना नहीं मिली है। भूकंप निगरानी एजेंसियां ​​भूकंप के केंद्र का सटीक स्थान निर्धारित करने और किसी भी आफ्टरशॉक की संभावना का आकलन करने के लिए प्रारंभिक आंकड़ों की जांच कर रही हैं।

3.5 तीव्रता के भूकंप को आमतौर पर हल्का भूकंप माना जाता है, जिसे आसपास के लोग महसूस कर लेते हैं, लेकिन इससे इमारतों को गंभीर नुकसान कम ही होता है, खासकर जब इसका केंद्र लगभग 10 किलोमीटर की मध्यम गहराई पर हो।

सिंगरौली के अधिकारियों ने जनता को शांत रहने और आगे किसी भी भूकंपीय गतिविधि की आशंका में मानक सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित वैज्ञानिक संस्थाओं के साथ समन्वय में है।

यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में हल्की भूकंपीय गतिविधि देखी गई है, हालांकि कम तीव्रता की ऐसी घटनाएं आमतौर पर बिना किसी बड़ी घटना के गुजर जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तीव्रता के भूकंप देश के विभिन्न हिस्सों में अपेक्षाकृत आम हैं और आमतौर पर लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर गंभीर खतरा पैदा नहीं करते हैं।

एजेंसियों द्वारा संपूर्ण डेटा सेट का विश्लेषण जारी रहने के कारण आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

एफएसएसएआई का प्रस्ताव: 6 महीने तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में चीनी मिलाने पर लगेगी रोक

Published

on

शिशुओं के लिए पोषण संबंधी सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020’ में संशोधन का एक मसौदा प्रकाशित किया है। इसमें 6 महीने तक के शिशुओं के लिए बनाए गए खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।

16 अक्टूबर 2026 को भारत के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) संशोधन विनियम, 2026’ का उद्देश्य मौजूदा नियामक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शिशु पोषण उत्पाद उनकी उम्र के हिसाब से जरूरी पोषक तत्वों के आधार पर तैयार किए जाएं, जिसमें जीवन के शुरुआती चरणों के दौरान ‘एडेड शुगर’ के सेवन को कम करने पर विशेष जोर दिया गया है।

मौजूदा नियमों में जन्म से लेकर 24 महीने तक के बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के शिशु पोषण उत्पादों की पोषण संरचना, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान नियमों के तहत, कार्बोहाइड्रेट के स्रोत के रूप में लैक्टोज और ग्लूकोज पॉलिमर को प्राथमिकता दी जाती है जबकि सुक्रोज या फ्रुक्टोज को केवल तभी मिलाया जा सकता है जब कार्बोहाइड्रेट के स्रोत के रूप में उनकी आवश्यकता हो और वह भी निर्धारित सीमा के भीतर।

इन्हीं नियमों को आगे बढ़ाते हुए, संशोधन के इस मसौदे में 6 महीने तक के शिशुओं के लिए उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर एक विशेष प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित नियम में कहा गया है कि “6 महीने तक की उम्र के शिशुओं के लिए बनाए गए उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज नहीं मिलाया जाना चाहिए”।

जीवन के पहले 6 महीने स्वस्थ विकास और वृद्धि के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवधि होते हैं, इसलिए इस दौरान उचित पोषण मिलना विशेष रूप से आवश्यक है। प्रस्तावित प्रतिबंध का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिशुओं के पोषण उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज की अनावश्यक मात्रा मिलाए बिना इस आयु वर्ग की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा किया जाए। इस कदम का मकसद सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी उन व्यापक कोशिशों को समर्थन देना भी है, जो बच्चों के शुरुआती जीवन में अतिरिक्त शर्करा के सेवन से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए की जा रही हैं। इसमें बचपन में मोटापे और उससे जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम कारकों को कम करना भी शामिल है।

यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी उन स्थापित सिफारिशों को और मजबूत करती है, जो जीवन के पहले छह महीनों में केवल स्तनपान कराने को बढ़ावा देती हैं। शिशुओं के पोषण उत्पादों के लिए मानकों को सख्त बनाकर, यह प्रस्तावित संशोधन बच्चों को सही तरीके से आहार देने की प्रथाओं को समर्थन देता है। साथ ही, यह निर्माताओं को ऐसे उत्पाद बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है, जो छोटे शिशुओं की विशिष्ट पोषण संबंधी जरुरतों को प्राथमिकता देते हैं।

इस मसौदा अधिसूचना को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया है। इसमें हितधारकों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। ये सुझाव उस तारीख से 60 दिनों के भीतर दिए जा सकते हैं, जिस दिन इस अधिसूचना वाली आधिकारिक राजपत्र की प्रतियां जनता के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। संशोधन को अंतिम रूप देने से पहले एफएसएसएआई तय समय सीमा के भीतर प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार करेगा।

Continue Reading

राजनीति

दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के अभिजीत दिपके को किया गिरफ्तार, अदालत में पेश किया जाएगा

Published

on

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार कर लिया गया है और शनिवार को उन्हें एसईएम अदालत के सामने पेश किया जाएगा। दिपके को शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में सीजेपी की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली के दौरान हिरासत में लिया गया था।

सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अभिजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें एसईएम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। उनकी लोकेशन अभी पता नहीं है और वकीलों की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई है।”

यह हिरासत तब हुई जब सीजेपी के दो सह-संयोजकों, सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद विरोध प्रदर्शनों को लेकर तनाव बढ़ गया था। इन दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में कथित तौर पर प्रवेश करने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बता दें कि उससे एक दिन पहले ही विरोध प्रदर्शन के लिए तय की गई इस जगह को ‘डी-नोटिफाई’ (अधिसूचना से बाहर) कर दिया गया था।

एक हफ्ते में यह दूसरी बार था जब दिल्ली पुलिस ने दिपके को हिरासत में लिया। इससे पहले ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में कथित हेरफेर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था।

शुक्रवार को प्रस्तावित रैली से पहले दिल्ली पुलिस ने दिपके को एक नोटिस भेजा, जिसमें बताया गया कि कनॉट प्लेस विरोध प्रदर्शन के लिए अधिकृत जगह नहीं है और नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने प्रस्तावित ‘तिरंगा यात्रा’ के लिए अनुमति नहीं दी है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी इस नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि मार्च निकालना या भीड़ इकट्ठा करना इलाके में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन होगा। अपने आवास पर पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान दिपके ने अपनी हिरासत के आधार पर सवाल उठाते हुए पूछा, “आपने मुझ पर किस तरह का आरोप लगाया है?”

जब उन्हें बताया गया कि वह नई दिल्ली नहीं जा सकते और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है तो उन्होंने कहा कि वह कहीं और जा सकते हैं और पूछा कि उन्होंने किस कानून का उल्लंघन किया है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के जुलूस निकालना और पाबंदियों का उल्लंघन करते हुए भीड़ इकट्ठा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। दिपके को राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित करने से जुड़े ‘फ्लैग कोड’ (ध्वज संहिता) के नियमों के बारे में भी याद दिलाया गया।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार16 hours ago

तुकाराम मुंढे को बनाया जाए मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार को हटाओ: अबू आजमी

अंतरराष्ट्रीय समाचार16 hours ago

बांग्लादेश को झटका, कप्तान लिटन दास ‘त्रिकोणीय सीरीज’ से बाहर

मनोरंजन16 hours ago

राजपाल यादव ने पत्नी को जन्मदिन पर दी विशेष शुभकामना, परिवार का ‘हीरा’ बताया

व्यापार16 hours ago

आईडीबीआई बैंक का मुनाफा वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही 39 प्रतिशत गिरा

अंतरराष्ट्रीय समाचार17 hours ago

अमेरिका कंपनी निल्सन भारत को बना रही अपना प्रमुख ग्लोबल इनोवेशन सेंटर : रिपोर्ट

राजनीति17 hours ago

चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाना कांग्रेस की प्राथमिकता: इमरान मसूद

राष्ट्रीय समाचार17 hours ago

मध्य प्रदेश के सिंगरौली में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.5 रही तीव्रता

राजनीति17 hours ago

सिद्धारमैया के स्टिंग वीडियो विवाद में कर्नाटक पुलिस ने यूट्यूब से मांगी जानकारी

राष्ट्रीय समाचार18 hours ago

तमिलनाडु: तिरुनेलवेली में आकाशीय बिजली का कहर, खेत में खड़े चार किशोर गंभीर रूप से घायल

राष्ट्रीय समाचार18 hours ago

एफएसएसएआई का प्रस्ताव: 6 महीने तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में चीनी मिलाने पर लगेगी रोक

अपराध1 week ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

बॉलीवुड2 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

राजनीति1 week ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार1 week ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

खेल2 weeks ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

व्यापार2 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

राजनीति3 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

मनोरंजन4 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

मनोरंजन3 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

रुझान